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बूढ़ा हो या जवान, उन्हें हर कोई पुकारता था ‘‘भाई साहब”

उरई (जालौन)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पार्टी के दिवंगत पूर्व अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह यादव की त्रयोदशी पर आगामी 21 जुलाई को यहां पहुंचेंगे। इस अवसर पर राधिका गार्डन में शांति भोज होगा। सैफई से चलकर अखिलेश यादव राधिका गार्डन में इंद्रजीत सिंह जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे। इंद्रजीत सिंह जी के सुपुत्र आनंद यादव और अन्य परिजनों को ढाढस बंधाते हुए उनकी कुशलक्षेम पूछेंगे। लखनऊ प्रस्थान के पहले वे पत्रकारों से भी संक्षिप्त वार्ता कर सकते हैं।

15 साल तक जिलाध्यक्ष पद पर बने रहे इंद्रजीत सिंह यादव

स्व. इंद्रजीत सिंह यादव

15 साल तक लगातार जिलाध्यक्ष रहे इंद्रजीत सिंह यादव प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के बेहद खास माने जाते थे। वह समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य थे। जब जनता दल बना, तब मुलायम सिंह यादव ने उन्हें 1980 में जिलाध्यक्ष बनाया और 6 अक्टूबर 1992 में समाजवादी पार्टी का गठन होने के बाद उन्हें संस्थापक सदस्य के साथ-साथ जिलाध्यक्ष नियुक्त किया था। इसके बाद वह लगातार 15 साल तक समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष रहे। समाजवाद के इस सच्चे सपूत की सरलता और सादगी के जीवंत उदाहरण के रूप में मिसाल दी जाती थी। कोई बूढ़ा हो जवान उन्हें हर कोई ‘‘ भाई साहब” ही कहकर पुकारता था। भाई साहब के राजनीतिक सफर की बात करें तो सरलता सादगी के प्रतीक इंद्रजीत सिंह यादव वर्ष 1980 तक कांग्रेस कमेटी जालौन के अध्यक्ष रहे।

विचारधारा में कभी आड़े नहीं आई दोस्ती

पार्टी ने सुरेश पालीवाल को उरई विधानसभा से टिकट दिया तो खिन्न होकर वह लोकदल में शामिल हो गए। फिर उन्होंने कांग्रेस की तरफ मुड़कर नहीं देखा वह समाजवाद की अलख जगाते रहे। मित्रता के मामले में उनका कोई सानी नहीं रहा। विचारधाराएं चाहें अलग रही पर पूर्व मंत्री स्व चौ शंकर सिंह, स्व बाबूराम एमकॉम की जोड़ी साथ रही लेकिन विचारधारा दोस्ती में कभी आड़े नहीं आई। वैसे भाई साहब की राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं ज्यादा नहीं रही फिर भी पार्टी ने उन्हें 15 वर्ष सपा का जिलाध्यक्ष बनाये रखा। भाई साहब ने उरई को मेडिकल कॉलेज व जोल्हूपुर कदौरा की सड़क का तोहफा दिया। इन दोनों मांगों पर सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह ने कहा था कि तुम अपने लिये कम समाज के लिये ज्यादा मांगे हो, सच्चे समाजवादी की मांग हम कैसे टाल सकते हैं। वह पिरौना इंटर कॉलेज के प्रबंधक अध्यक्ष भी रहे और उन्हीं के कार्यकाल मे कृभको चेयरमैन डॉ चन्द्रपाल सिंह यादव बतौर शिक्षक अपनी सेवाएं देते रहे।
इसके अलावा जब मुलायम सिंह यादव पहली बार मुख्यमंत्री बने तो उन्हें जल निगम बोर्ड का अध्यक्ष बनाकर राज्यमंत्री का दर्जा दिया था। इंद्रजीत यादव को बुंदेलखंड का गांधीवादी नेता कहा जाता था। सरल सौम्य होने के कारण विरोधी पार्टी के लोग भी उनका सम्मान करते थे। उनके निधन से समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं में गहरा दु:ख व्याप्त है।

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