प्रशासन ने जेसीबी मशीन से रेस्क्यू कर 40 यात्रियों को बचाया

मंडावली के कोटावाली नदी में फंसी रूपईडीहा डिपो की बस
बिजनौर। नजीबाबाद भागूवाला अंतर्गत यूपी-उत्तराखंड बॉर्डर पर स्थित कोटावाली नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से पानी के तेज बहाव में एक रोडवेज बस फंस गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने क्रेन से बस को पटलने से रोका और रेस्क्यू कर 40 यात्रियों को सकुशल निकाला।
शनिवार सुबह मंडावली थाना क्षेत्र के भागूवाला की कोटावाली नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। सुबह 09 बजे यात्रियों को नजीबाबाद से लेकर हरिद्वार जा रही रूपईडीहा डिपो की बस UP 40 T 9003 अचानक कोटावाली नदी के रपटे पर बीचों बीच जाकर बन्द हो गई। पानी का तेज बहाव देख यात्रियों में चीख पुकार मच गई।
मौके पर पहुंची मंडावली पुलिस ने क्रेन मंगवाकर राहत व बचाव कार्य शुरु किया। क्रेन की सहायता से बस को पानी में पलटने और बहने से रोका गया। यात्रियों को बचाने के लिए प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। जेसीबी मशीन के सहारे सभी यात्रियों को उफनती धारा में फंसी बस से सुरक्षित निकाल लिया गया। पुलिस के अनुसार बस में 40 यात्री सवार थे।

मौके पर एसडीएम विजय वर्धन तोमर, एसपी सिटी डा. प्रवीण रंजन सिंह, सीओ गजेंद्र पाल सिंह, मंडावली थानाध्यक्ष, जल पुलिस सहित अधिकारियों का पूरा अमला मौजूद रहा। विदित हो कि वर्ष 2016 में पिलर बैठने से कोटावली नदी का पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। तब से सभी प्रकार के वाहन पुल के नीचे स्थित रपटे से ही उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश करते हैं। भारी बरसात में हर साल इस नदी का जलस्तर बढ़ जाता है।

मंडावली पुलिस पर लापरवाही का आरोप
लोगों का कहना था कि कावड़ यात्रा के दौरान तो रपटे के दोनों ओर पुलिस देखने को मिली, लेकिन कावड़ यात्रा खत्म होने के बाद से पुलिस भी गायब है। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही भारी वर्षा से कोटावाली नदी उफान पर है। अभी कुछ दिन पहले भी रपटे पर पानी की तेज धार में कई वाहन नदी में फंस गए थे। इसके बावजूद मंडावली पुलिस ने कोई ध्यान नहीं दिया। मंडावली पुलिस की लापरवाही से ही आज फिर यात्रियों से भरी यह बस रपटे पर पानी के तेज धार में फंस गई। बरसात के समय मंडावली पुलिस को नदी के दोनों ओर बैठना चाहिए, ताकि नदी का जलस्तर बढ़ने पर वाहनों को रोका जाए, और कोई हादसा न हो।
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