आंदोलन को डिप्टी सीएम/स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने लिया संज्ञान
सीएमओ से 03 दिन में मांगी वृहद रिपोर्ट
डिप्टी सीएम के आश्वासन पर आंदोलन स्थगित, सीएमओ कार्यालय में धरना समाप्त
बिजनौर। डिप्टी सीएम के आश्वासन पर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने अपना आंदोलन स्थगित करते हुए सीएमओ कार्यालय में चल रहा धरना समाप्त कर दिया है। वहीं डिप्टी सीएम/स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने आंदोलन का संज्ञान लेते हुए सीएमओ से 03 दिन में वृहद रिपोर्ट मांगी है।
सीएमओ के कथित संरक्षण में स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की गूंज आखिरकार शासन तक पहुंच गई। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के आंदोलन को डिप्टी सीएम/स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने संज्ञान ले लिया है। उन्होंने युवा विंग के प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं पर सीएमओ से वृहद रिपोर्ट मांग ली है। सीएमओ को रिपोर्ट सौंपने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है। श्री पाठक ने भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक को सार्वजनिक मंच से भरोसा दिया कि इस प्रकरण में न्यायोचित कार्यवाही की जाएगी। जो भी विभागीय अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी। डिप्टी सीएम के आश्वासन पर भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया और सीएमओ कार्यालय में चल रहा धरना समाप्त कर दिया।

चौधरी दिगंबर सिंह ने कहा कि शासन प्रशासन अच्छे से जान ले कि उनका आंदोलन केवल स्थगित हुआ है समाप्त नहीं हुआ। अगर शासन या प्रशासन वादाखिलाफी करता है तो सीएमओ कार्यालय उनसे दूर नहीं है, पुनः स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया जाएगा और फिर किसी भी नेता अथवा अधिकारी की नहीं सुनी जाएगी।
उधर जिले के स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर पूर्व में भी कई बार आवाज़ उठी, लेकिन आवाज उठाने वालों में दम कम होने के कारण कोई फर्क नहीं पड़ सका, लेकिन इस बार भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाला दिगंबर सिंह जैसा बड़ा चेहरा है, जिसका प्रभाव देखने को मिल रहा है। मात्र 24 घंटे के भीतर जिले से लेकर मंडल और राजधानी लखनऊ तक यह मामला पहुंच गया और हर स्तर पर जांच प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई। एक दिन पूर्व सीएमओ कार्यालय में धरना दे रहे किसानों के बीच एसडीएम सदर पहुंचे थे, जिनके समक्ष चौधरी दिगंबर सिंह ने अपनी बात रख दी थी और ठोस कार्यवाही होने तक धरना समाप्त करने से इंकार कर दिया था।
डीएम के सामने खोली सीएमओ की पोल!

मामले की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को जिलाधिकारी ने चौधरी दिगंबर सिंह आदि को वार्ता के लिए बुलाया। किसान नेताओं ने वार्ता के दौरान डीएम कार्यालय में मौजूद सीएमओ को आड़े हाथों लिया और उनकी जमकर पोल खोली। सूत्रों का कहना है कि डीएम ने सीएमओ के कार्यशाली पर नाराजगी जताई तथा जांच कराकर कार्यवाही करने की बात कही। इतना ही नहीं डीएम ने एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार के नेतृत्व में टीम गठित कराकर आरोपों की जांच शुरू करने के आदेश दिए हैं।
कमिश्नर ने भी शुरू कराई जांच
धरने के दौरान हुई वार्ता के बाद कमिश्नर ने भी मंडल स्तर की कमेटी गठित कर स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार की जांच शुरू कर दी है। एक तरफ डिप्टी सीएम/ स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक की नाराजगी और दूसरी तरफ मंडल व जिला स्तर की अलग-अलग जांच कमेटियों के फेर में सीएमओ बुरी तरह फंसे हुए दिखाई दे रहे हैं। लोग इस बात को कहने से भी गुरेज नहीं कर रहे हैं कि इस बार सीएमओ का बिजनौर जनपद से बिस्तर बनना लगभग तय है। लोगों का कहना है कि जिले में स्वास्थ्य विभाग भ्रष्टाचार की बड़ी जड़ बन चुका है। विभिन्न कार्यों के नाम पर अवैध उगाही होती है। इस उगाही में अप्रत्यक्ष रूप से सीएमओ पर उंगली उठती रही है। लोग दबी जुबान से सीएमओ पर कार्यालय में काम समय देने और अपने आवास पर हिसाब किताब करने के अधिक समय देने के आरोप लगते रहे हैं। शायद यही कारण है कि भ्रष्टाचार पर रोक लगने की जगह यह भ्रष्टाचार दिन दोगुनी रात चौगुनी तरक्की कर रहा था, लेकिन इस बार यह भ्रष्टाचार सीएमओ के लिए गले की फांस बन गया है। अब देखने वाली बात होगी कि जांच कमेटियां क्या नतीजा देती हैं?
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