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एसआईटी की निष्पक्षता पर यूपी बार कौंसिल ने उठाया सवाल

शुक्रवार को भी न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे वकील

प्रयागराज/मेरठ (एजेंसी) उत्तर प्रदेश के हापुड़ में वकीलों पर पुलिस के लाठीचार्ज की जांच के लिए सरकार की ओर से गठित एसआईटी की निष्पक्षता पर यूपी बार कौंसिल ने सवाल उठाया है। यूपी बार कौंसिल के अध्यक्ष शिवकिशोर गौड़ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर एसआईटी में एक न्यायिक अधिकारी, बार कौंसिल अध्यक्ष व उपाध्यक्ष सहित दो गैर पुलिस अधिकारियों को भी शामिल करने की मांग की है।

इस मामले को लेकर कौंसिल के सदस्य सचिव जय नारायण पांडेय की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि मांग नहीं मानी गई तो अधिवक्ता जांच में सहयोग नहीं करेंगे। हापुड़ की घटना से जुड़े आंदोलन के दौरान प्रदेश में वकीलों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को वापस लेने की भी मांग करते हुए कहा कि वह अपने स्तर पर हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से जांच कराएंगे। बार कौंसिल अध्यक्ष की ओर से मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र की कॉपी भारत के मुख्य न्यायाधीश व इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भी भेजी गई है। पत्र में कहा गया है कि सोशल मीडिया से संज्ञान में आया है कि राज्य सरकार ने हापुड़ की घटना को लेकर मंडलायुक्त मेरठ की अध्यक्षता में गठित जांच कमेटी में आईजी मेरठ व डीआईजी मुरादाबाद को शामिल किया है।

गुरुवार को जांच के लिए सार्वजनिक सूचना जारी की है। सार्वजनिक सूचना के अनुसार कोई भी व्यक्ति जांच टीम के समक्ष घटना के विषय में साक्ष्य समेत जानकारी दे सकता है।

गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए कमिश्नर की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया है। मुख्यमंत्री ने सात दिन में इसकी रिपोर्ट मांगी है। इस बीच पुलिस द्वारा गुरुवार को अधिवक्ताओं पर दो और मामले दर्ज करने के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है। अधिवक्ताओं पर कैदियों को भगाने का प्रयास, हवालात पर पहुंचकर तोड़फोड़ और पुलिस से मारपीट का आरोप लगाया गया है। इन्हें मिलाकर अब तक अधिवक्ताओं पर कुल तीन मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। दूसरी ओर यूपी वेस्ट के अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को भी न्यायिक कार्यों से विरत रहने का एलान कर दिया है।

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