पीएम की अमृत सरोवर योजना के तहत बनवा दिए 900 से अधिक तालाब
मिशन समर्थ चला कर कराई 61 दिव्यांग बच्चों की सर्जरी
शासन ने डीएम रामपुर रविंद्र कुमार को सौंपी है बिजनौर की कमान
बिजनौर। देश की कठिन परीक्षाओं में से एक UPSC की परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले बहुत से कैंडिडेट्स ऐसे भी हैं जो आईएएस आईपीएस बनने से पहले जितनी मेहनत करते हैं, पद पर आने के बाद भी उतना ही कठिम परिश्रम करते हैं। ऐसी ही कहानी है रामपुर से बतौर डीएम बिजनौर भेजे गए IAS रविंद्र कुमार मंदार की। उन्होंने मिशन समर्थ चला कर 61 दिव्यांग बच्चों की सर्जरी कराई। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बेघरों को घर दिलाए और बनवाए। यही नहीं 900 से अधिक तालाब बनवाकर जल संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

रविंद्र कुमार मंदार 2013 में IAS पद के लिए चुने गए थे। उनकी ट्रेनिंग 2015 तक मसूरी में हुई। 2015-17 तक फिरोजबाद में जॉइंट मजिस्ट्रेट रहे। 2017-2019 तक आगरा में चीफ डेवलपमेंट ऑफिसर रहे। 2019-21 में उत्तर प्रदेश म्युनिसिपल कमिश्नर, म्युनिसिपल कार्पोरेशन, वृदावन-मथुरा में रहे। इसके बाद 2021 में रामपुर में DM & कलेक्टर के पद पर भेजा गया।

बचपन में झेली थी जल की समस्या
बचपन में रविंद्र कुमार मंदार ने देखा था कि उनकी माता बिलासी देवी 1 किलोमीटर दूर से पानी लाया करती थीं। ऐसी स्मृतियां रविंद्र कुमार के जेहन में आज तक ताजा हैं। उसी समय रविंद्र कुमार ने संकल्प ले लिया था कि जब भी वह सक्षम स्थिति में होंगे तो जल संरक्षण का कार्य करेंगे। अपने उसी संकल्प को लेकर रविंद्र कुमार ने जल संरक्षण के लिए अथक प्रयास शुरू कर दिए।

उन्होंने रामपुर में अपने कार्यकाल के दौरान 900 से अधिक तालाब बनवाकर जल संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। जो पूर्णतः जल से भरे हुए हैं। इससे क्षेत्र में जल स्तर लगभग 5 मीटर ऊपर आ गया। किसी भी क्षेत्र में जल स्तर 5 मीटर ऊपर आने का अर्थ क्या होता है और यह कितना ज्यादा महत्वपूर्ण है। यह कृषि से जुड़े लोग भली भांति समझ सकते हैं। उन्होंने तालाब बनवाने का काम ‘अमृत सरोवर योजना’ के तहत किया। इसके साथ की नदियों पर डैम भी बनवाए। उन्होंने मिशन समर्थ चला कर 61 दिव्यांग बच्चों की सर्जरी कराई। घाटमपुर स्कूल के स्टूडेंट वसीम को तो अमेरिका से मंगवाकर छह लाख कीमत के हाथ लगवाए। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बे-घरों को घर दिलाने और बनवाने में बहुतों की मदद की। उन्होंने शाहबाद के यूसुफपुर गांव के राम रहीस का घर जनसहयोग से बनवाया। अपने इसी व्यवहार से लोगों का दिल जीतने वाले इस IAS ऑफिसर को अपने इन्हीं सब नेक extra ordinary व innovative कामों के लिए Prime Minister’s Awards for Excellence in Public Administration भी मिल चुका है।

नदियों का जीर्णोद्धार
रविंद्र कुमार ने नदी संरक्षण पर भी काफी ध्यान दिया। रामपुर की बल्लाह और सजनी नामक नदी पर खास कार्य के अलावा विभिन्न नदियों पर डैम आदि बनाने का कार्य भी काफी तेजी से जारी है। इस प्रकार रविंद्र कुमार ने वास्तव में अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए अपने क्षेत्र को एक अनमोल धरोहर जल प्रदान किया और भविष्य की पीढ़ी के लिए जल को संरक्षित भी किया। उनका यह कार्य प्रशंसनीय होने के साथ ही अनुकरणीय भी है।
40,000 से अधिक लोगों को मिला रोजगार

जब समाज का कोई एक व्यक्ति किसी उद्देश्य को लेकर के बाहर निकलता है और उस पर ईमानदारी के साथ कार्य करता है तो उस व्यक्ति के साथ-साथ उसके आसपास के सभी लोगों का भी विकास होना शुरू हो जाता है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है रविंद्र कुमार का जल संरक्षण अभियान, जिसके तहत लगभग 40000 लोगों को रोजगार मिला।
बिजनौर वासियों के मन में जागी उम्मीद
ऐसे आईएएस के हाथों बिजनौर की कमान आने के बाद लोगों को आशा है कि यहां भी काया पलटने में अब देर नहीं लगेगी। जिले भर में सैकड़ों तालाबों पर कब्जा है। यहां तक कि डीएम बंगले के ठीक सामने मिशन कंपाउंड का तालाब कूड़ाघर बना हुआ है। सड़कों पर अतिक्रमण है। चौड़ी सड़कें संकरी गलियों सी होकर रह गई हैं। झोलाछाप डॉक्टर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। वनों का अवैध कटान जारी है। अवैध शराब, खनन, पशु कटान का धंधा जोरों पर है। मिलावटखोर इंसानी जिंदगी लीलने में जुटे हुए हैं। सरकारी विभागों में तो कोई भी काम बिना रिश्वत के होता ही नहीं। और भी बहुत कुछ है सुधार के लिए, बस एक प्रयास जरूरी है।
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