पोस्टल आर्डर ही स्वीकार होगा ₹10 के नोट के आधार पर देय नहीं होगी सूचना
सूचनाएं देने में बहानेबाजी व लापरवाही न करें अपीलीय अधिकारी
जन सूचना अधिनियम से संबंधित प्रकरणों की सुनवाई करेंगी राज्य सूचना आयुक्त
जन सूचना अधिकार अधिनियम के अंतर्गत मांगी गई सूचनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण मानक एवं गुणवत्ता के साथ निस्तारित करें और कोई भी प्रकरण लम्बित न रहने दें, जिला स्तर पर ही जन सूचना अधिकारी व प्रथम अपीलीय अधिकारियों के द्वारा जन सूचना के केस निस्तारित करने के प्रयास किए जाएं ताकि आयोग पर अनावश्यक रूप से वादों का बोझ कम हो सकें- राज्य सूचना आयुक्त, उ0प्र0 श्रीमती किरन बाला चौधरी
सूचना आयुक्त अपर जिलाधिकारी प्रशासन, न्यायालय कक्ष जिला बिजनौर में 13 सितंबर को पूर्वान्ह 11ः00 बजे से विभिन्न विभागों में लम्बित जन सूचना अधिनियम से संबंधित प्रकरणों की करेंगी सुनवाई, संबंधित जन सूचना अधिकारियों को नियत स्थान एवं समय पर विभागीय प्रकरणों से संबंधित आवश्यक अभिलेख लेकर उपस्थित होने के निर्देश
बिजनौर। राज्य सूचना आयुक्त, उ0प्र0 लखनऊ श्रीमती किरन बाला चौधरी ने जिले के सभी जन सूचना अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन सूचना अधिकार अधिनियम के अंतर्गत मांगी गई सूचनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण मानक एवं गुणवत्ता के साथ निस्तारित करें और कोई भी प्रकरण लम्बित न रहने दें। उन्होंने कहा कि सूचना आयोग में शिकायत कर्ताओं द्वारा प्रकरण इसीलिए ही प्रेषित किए जाते हैं, कि जिला स्तर पर उनका समयपूर्वक अथवा संतोषजनक रूप से निस्तारण नहीं किया जाता। उन्होंने जन सूचना अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि ऐसे प्रकरणों का गंभीरता पूर्वक संज्ञान लें, जिन पर दण्ड निर्धारित कर उसकी वसूली के लिए आरसी भी जारी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि उक्त स्थिति में संबंधित अधिकारी आयोग के सम्मुख प्रत्यावेदन कर अपना पक्ष रखते हुए प्रकरण को निस्तारित कराना सुनिश्चित करें, अन्यथा की दशा में संबंधित अधिकारी से दण्ड वसूली की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

राज्य सूचना आयुक्त श्रीमती चौधरी कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित जन सूचना अधिकारियों एवं अपीलीय अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दे रही थीं।
उन्होंने बताया कि जन सूचना अधिकार अधिनियम-2005 के अंतर्गत प्राप्त प्रकरणों का निस्तारण उ0प्र0 सरकार द्वारा संशोधित नियमावली के अनुरूप किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता द्वारा सूचना अधिकार अधिनियम के अंतर्गत मांगी जाने वाली सूचनाओं के लिए पोस्टल ऑर्डर के स्थान पर रू0 10 का नोट प्रेषित किया जाता है, तो उसको वापस करते हुए केवल पोस्टल आर्डर के साथ ही संबंधित को सूचना उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि थर्ड पार्टी से संबंधित सूचना, काल्पनिक सूचना, 20 साल से पहले की मांगी गई सूचना उक्त अधिनियम के अंतर्गत देय नहीं हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि किसी सूचना का दिया जाना सम्भव नहीं है, तो शिकायतकर्ता को उसका स्पष्ट कारण बताएं ताकि उसकी पुनवृत्ति न होने पाए। उन्होंने पुनः सभी जन सूचना अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि आपके नियंत्रण में जो अभिलेख हैं, उसके अन्तर्गत आवश्यक देय सूचना उपलब्ध करायें, काल्पनिक सूचना एवं थर्ड पार्टी की सूचना देय नहीं है। उन्होंने कहा कि आवेदन में पोस्टल आर्डर ही स्वीकार होगा नोट के आधार सूचना देय नहीं होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि वांछित सूचना केवल निर्धारित प्रारूप में निर्धारित शब्दों के अनुसार ही उपलब्ध कराएं। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि जन सूचना अधिकार अधिनियम के अंतर्गत सभी महत्वपूर्ण जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध हैं, जिनसे अधिकारी एवं आमजन लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 का मूल उद्देश्य नागरिकों को सशक्त बनाने, सरकार के कार्य में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को बढ़ावा देना है। यह कानून नागरिकों को सरकार की गतिविधियों के बारे में जानकारी देने के लिए उठाया गया एक बड़ा कदम है। उन्होंने जिले के समस्त जन सूचना अधिकारी एवं उनके प्रथम अपीलीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि सूचनाएं देने में बहानेबाजी व लापरवाही न की जाए। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि निर्धारित समय में सूचनाएं उपलब्ध न कराने वालों अथवा गलत/अपूर्ण सूचना उपलब्ध कराये जाने पर संबंधित अधिकारी के विरूद्व कार्यवाही की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सभी प्रथम अपीलीय अधिकारी भी प्राप्त आवेदनों का गम्भीरतापूर्वक निस्तारण सुनिश्चित करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश सूचना आयोग के समक्ष केवल जन सूचना अधिकारी ही उपस्थित हों, अपने अधीनस्थ अधिकारी को न भेजा जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिला स्तर पर ही जन सूचना अधिकारी व प्रथम अपीलीय अधिकारियों के द्वारा जन सूचना के केस निस्तारित करने के प्रयास किए जाएं ताकि आयोग पर अनावश्यक रूप से वादों का बोझ कम हो सके। बैठक के अंत में अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने सूचना आयुक्त को आश्वस्त करते हुए कहा कि आरटीआई के संबंध में उनके द्वारा जो निर्देश दिए गए हैं संबंधित अधिकारियों के माध्यम से उनका अक्षरशः पालन सुनिश्चित कराते हुए सभी विभागों में निर्धारित समय अवधि के भीतर सूचना उपलब्ध कराने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
बताया गया है कि राज्य सूचना आयुक्त द्वारा दिनांक 13 सितंबर को अपर जिलाधिकारी प्रशासन, न्यायालय कक्ष जिला बिजनौर में पूर्वान्ह 11ः00 बजे से विभिन्न विभागों में लम्बित जन सूचना अधिनियम से संबंधित लम्बित प्रकरणों की सुनवाई की जाएगी। उन्होंने उक्त अवसर पर संबंधित जन सूचना अधिकारियों को नियत स्थान एवं समय पर विभागीय प्रकरणों से संबंधित आवश्यक अभिलेख लेकर उपस्थित होने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक शहर प्रवीण रंजन, परियोजना निदेशक ज्ञानेश्वर तिवारी, राजस्व सहित समस्त विभागों के जन सूचना अधिकारी व प्रथम अपीलीय अधिकारी मौजूद थे।
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