
गंगा नदी व सहायक नदियों को स्वच्छ निर्मल व अविरल बनाए रखने हेतु दृढ़ निश्चय
कचरा मुक्त घाट – कचरा मुक्त भारत अन्तर्गत बैराज घाट पर श्रमदान

बिजनौर। महात्मा गांधी जयंती व लालबहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर जिला गंगा समिति व सामाजिक वानिकी प्रभाग बिजनौर के तत्वाधान में कचरा मुक्त घाट-कचरा मुक्त भारत अन्तर्गत स्वच्छता अभियान श्रमदान, गंगा शपथ व गंगा स्वच्छता संगोष्ठी जागरूकता कार्यक्रम का अयोजन गंगा बैराज घाट पर गंगा दूत, गंगा प्रहरी, समाज कार्य छात्र व स्वयंसेवकों के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रभागीय निदेशक अरुण कुमार सिंह, उप प्रभागीय वनाधिकारी ज्ञान सिंह, नमामि गंगे जिला परियोजना अधिकारी पुलकित जाग्रवाल, जेआरएफ संजय सुयाल द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री की तस्वीर पर पुष्पार्पित कर किया।

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं व प्रतिभागियों के द्वारा स्वच्छता ही सेवा, गंगा स्वच्छता, जैविक खाद, वन्यजीव सुरक्षा, पर्यावरण सुरक्षा व गंगा नदी से संबंधित सामान्य जानकारी विषयों पर चर्चा परिचर्चा हुई व एक दूसरे के विचारों का आदान प्रदान हुआ व गंगा नदी व सहायक नदियों को स्वच्छ निर्मल व अविरल बनाए रखने हेतु दृढ़ निश्चय किया। प्रभागीय निदेशक अरुण कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि हमें पेड़ पौधे अधिक से अधिक लगाने के साथ साथ उनका संरक्षण भी करना है क्योंकि पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए पेड़ पौधों की भूमिका अहम होती है। साथ ही उन्होंने सभी को गंगा शपथ कराते हुए गंगा नदी को स्वच्छ रखने हेतु आह्वान किया।

इसी क्रम में उप प्रभागीय वनाधिकारी ज्ञान सिंह ने सभी प्रतिभागियों से परस्पर चर्चा करते हुए गंगा नदी को स्वच्छ बनाए रखने के लिए; हम सभी की क्या भूमिका हो सकती है और अर्थ गंगा की शाब्दिक परिभाषा बताते हुए कहा कि गंगा नदी हमारी आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करती है और हम अपने स्वरोजगार के माध्यम से अपना रोजगार कर सकते हैं।
कृष्णा कालेज के छात्रों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर गंगा स्वच्छता का संदेश दिया व सभी से आह्वान किया कि हम सभी की जिम्मेदारी है, गंगा नदी व उसकी सहायक नदियों को स्वच्छ रखना।

नमामि गंगे जिला परियोजना अधिकारी पुलकित जाग्रवाल ने बताया कि स्वच्छता ही सेवा के अंतर्गत 15 सितम्बर 2023 से 2 अक्टूबर 2023 को एक अभियान के माध्यम से कचरा मुक्त घाट- कचरा मुक्त भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विभिन्न गतिविधियां जैसे हस्ताक्षर अभियान, साप्ताहिक बैठक, गंगा स्वच्छता संगोष्ठी, रंगोली प्रतियोगिता, नुक्कड नाटक, स्वच्छता आभियान श्रमदान, घाट पर हाट आदि कार्यक्रम अयोजित किए गए जिनका उद्देश्य युवाओं को जोड़ना व जन आंदोलन के साथ नमामि गंगे कार्यक्रम को सफल बनाना है।

इसी क्रम में सभी ने गंगा घाट बैराज बिजनौर पर स्वच्छता आभियान व श्रमदान करके प्लास्टिक पॉलिथिन, कूड़ा कचरा एकत्र कर घाट पर लगी दुकानों व घाट पर उपस्थित गंगा सेवकों को भी संदेश दिया कि घाट पर गंदगी नहीं करनी है और हमें अन्य को भी गंदगी करने से रोकना है। कार्यक्रम को सफल बनाने में गंगा दूत, गंगा प्रहरी पंकज कुमार, अर्चना, कविता, हिना, नाजिया, अनुराधा व अन्य गंगा सेवकों का सराहनीय योगदान रहा।
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