
मिलेट्स की खेती को बढ़ावा देने और जन सामान्य को इसके प्रयोग के लिए प्रेरित करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करें कृषि विभाग के अधिकारी – जिलाधिकारी
मिलेट्स स्वास्थ्य और आर्थिक लाभ का महत्वपूर्ण स्रोत
मोटे अनाज की पैदावार के लिए बिजनौर का वातावरण अनुकूल और यहां की भूमि भी उपजाऊ
बिजनौर। मोटे अनाज की पैदावार के लिए बिजनौर का वातावरण अनुकूल है और यहां की भूमि भी उपजाऊ है। मिलेट्स की मांग न सिर्फ देश में लगातार बढ़ रही है, बल्कि विदेशों में भी मोटे अनाज की मांग में भारी मात्रा में वृद्वि हुई है।

जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने कृषि विभाग के अधिकारियों से कहा कि जिले में मिलेट्स की खेती को बढ़ावा देने और जन सामान्य को इसके प्रयोग के लिए प्रेरित करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करें। मिलेट्स स्वास्थ्य और आर्थिक लाभ का महत्वपूर्ण स्रोत हैं। यह बात जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने महत्वपूर्ण बैठक के दौरान कही।
बिजनौर में कराई गई 300 हेक्टेयर मिलेट्स की खेती
जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में 636 श्री अन्न की मिनी किटों को जनप्रतिनिधियों के माध्यम से कृषकों के मध्य निःशुल्क वितरित कराया गया। साथ ही बताया कि जिले में 300 हेक्टेयर मिलेट्स की खेती कराई गई। उन्होंने बताया कि उ0प्र0 सरकार द्वारा मिलेट्स पुनरुद्धार कार्यक्रम के अंतर्गत अगले 4 वर्षों में मिलेट्स की खेती को बढ़ावा देने, आम जनमानस में उसका प्रचार प्रसार करने एवं इसके उत्पादकों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए कार्य किया जा रहा है।

दूसरी ओर उ.प्र. मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम अन्तर्गत कृषि विभाग बिजनौर द्वारा दो दिवसीय जनपद स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। ज़िलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण सिंह बोरा, गिरीश चन्द्र उप कृषि निदेशक मौजूद रहे।

उप निदेशक कृषि मुरादाबाद मण्डल मुरादाबाद द्वारा संयुक्त रूप से कॉकरान वाटिका प्रांगण में कृषकों द्वारा श्री अन्न योजना मिलेट्स अन्तर्गत लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर में संयुक्त निदेशक कृषि मुरादाबाद मण्डल मुरादाबाद, उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक नगीना सहित कृषि विभाग के कर्मचारियों एवं मातृशक्ति सहित जनपद के कृषक बन्धु उपस्थित थे।
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