दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई
सस्पेंड: बिजली विभाग के एक्सईएन पर गिरी बिजली

बिजनौर। बिजली विभाग के एक्सईएन-प्रथम अनिल कुमार पांडेय को जोर का झटका लगा है। क्षतिपूर्ति वाद प्रकरण में शिथिलता बरतने व लापरवाही के आरोप में उन्हें निलम्बित कर दिया गया है। एमडी पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम चैत्रा वी ने यह कार्रवाई की है। इस प्रकरण में एमडी को तीन माह की सजा सुनाई गई है, उसमें अब राज्य स्तर पर केस लड़ा जाएगा।
जानकारी के अनुसार जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, बिजनौर ने एमडी पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम को तीन माह के कारावास व 25 हजार रुपए, अर्थदंड की सजा सुनाई थी। एक किसान की करंट से मौत के प्रकरण में पूर्व में जारी क्षतिपूर्ति के आदेश का पालन न होने पर यह सजा आयोग की अध्यक्ष दीपा जैन तथा सदस्य मनोज कुमार पंडित की पीठ ने सुनाई।

21 सितंबर, 2022 को जिला उपभोक्ता आयोग की पीठ ने मृतक किसान की क्षतिपूर्ति के रूप में पांच लाख रुपए की राशि 09% साधारण ब्याज सहित, 25 हजार रुपए मानसिक क्षतिपूर्ति एवं सात हजार रुपए वाद- व्यय के रूप में निर्णय के 30 दिन के अंदर आयोग में जमा करने का आदेश दिया था। इसके अलावा 30 दिन के पश्चात ब्याज की दर 11% करने का आदेश भी दिया गया था। उक्त धनराशि मृतक किसान के विधिक-उत्तराधिकारियों में वितरित की जानी थी। प्रतिपक्षियों द्वारा न्यायालय के आदेश का पालन न करने के कारण 05 दिसंबर 2022 को परिवादिनी द्वारा प्रतिपक्षियों के विरुद्ध विविधवाद पंजीकृत कराया गया था। 08 फरवरी, 2023 को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा- 72 के अंतर्गत सजा हेतु नोटिस की तामील प्रतिपक्षियों पर हो गई किंतु फिर भी उनके द्वारा डिक्रीकृत धनराशि की अदायगी परिवादियों को नहीं की गई। एमडी, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम मेरठ चैत्रा वी ने कार्य एवं दायित्वों में शिथिलता व लापरवाही बरतने के कारण एक्सईएन प्रथम बिजनौर अनिल कुमार पांडेय को निलम्बित कर दिया। इस प्रकरण में अब् राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में अपील की तैयारी है।
Leave a comment