बिजनौर से निकलेगा गंगा एक्सप्रेस वे…
बहती गंगा में हाथ धोने को तैयार नेता जी

~साभार अवनीश गौड़, सांध्य दैनिक प्रयाण
बिजनौर। उत्तर प्रदेश के जिस जनपद बिजनौर में मां गंगा सर्वप्रथम प्रवेश करती है, अब उसको गंगा एक्सप्रेसवे से भी जोड़ा जाएगा। इससे जनपद के विकास को पंख लगेंगे वहीं जनपदवासी आर्थिक रूप से भी मजबूत होंगे। सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ की घोषणा के बाद से ही जिले की राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है। हालांकि इस कार्य के लिए अब तक दिगंबर सिंह को सबसे ज्यादा सक्रिय देखा जा रहा था लेकिन लोकसभा चुनाव नजदीक है, इसलिए बहती गंगा में हाथ धोने के लिए कई नेता भी तैयार हैं। ये नेता इस अखाड़े में कूद गए हैं और इनमें क्रेडिट लेने की होड़ भी मचने वाली है।

मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाला गंगा एक्सप्रेस वे अब हरिद्वार से वाया बिजनौर होते हुए निकलेगा, जिससे जनपदवासियों को बड़ा लाभ होगा, वहीं बिजनौर जनपद की तरक्की होगी। गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ बन जाने के बाद किसान अपनी फसलों को दिल्ली मंडी तक आसानी से लेकर जा सकेगा। दिल्ली के नजदीक होने के कारण जनपद बिजनौर के कृषि क्षेत्र में बहुत अधिक संभावनाएं हैं। वैसे तो कई राजनीतिक तथा गैर राजनीतिक संगठनों द्वारा विभिन्न स्तरों पर मांग की जा रही थी, लेकिन चौधरी दिगंबर सिंह की भूमिका बेहद सक्रिय देखा जा रही थी। चुनाव नजदीक है, तो बहती गंगा में हाथ धोने के लिए कई ऐसे नेता भी तैयार देखे जा रहे हैं, जिनका योगदान या तो बिल्कुल शून्य रहा है अथवा न के बराबर। ये नेता इस मौके को भुनाने के लिए क्या-क्या प्रोपेगेंडा करते हैं, यह भी जल्दी सबके सामने आ जाएगा लेकिन मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद जिले की राजनीतिक सरगर्मी काफी हद तक बढ़ती देखी जा रही है। एक नहीं कई नेता ऐसे हैं जो इस कार्य का क्रेडिट लेने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। अब देखने वाली बात होगी कि कौन-कौन से नेता अपने दावों से अथवा अपने चमचों के माध्यम से कानाफूसी कराकर गंगा एक्सप्रेस वे को बिजनौर से निकलवाने वाले भागीरथ बनते हैं।
प्रयास करते हैं और सफल भी होते हैं: चौधरी दिगंबर सिंह

भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के युवा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह का कहना है कि बिजनौर को पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए भी हम और हमारा संगठन लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने गन्ना किसानों के लिए जिस दिन नूरपुर ब्लॉक के ग्राम चांगीपुर में शुगर मिल लगवाने का बीड़ा उठाया था, उस दिन लोगों ने मजाक उड़ाई थी कि ऐसा कैसे संभव है लेकिन वहां शुगर मिल बन गई और आज गन्ना पेराई कर रहा है, जिस कारण गन्ने की मांग जनपद में बढ़ गई है। सम्मान के साथ किसान अपना गन्ना बेचने का काम कर रहा है। ठीक उसी तरह जब उन्होंने गंगा एक्सप्रेस वे को बिजनौर से निकाले जाने की मांग को उठाते हुए बिजनौर जनपद के समस्त जनप्रतिनिधियों तथा जिले के प्रशासन को पत्र लिखा था तो उस समय किसी को भी यह आभास नहीं था कि इस मांग को भी पूरा कराया जा सकता है। उनके व संगठन के अथक प्रयास से 23 दिसंबर को नजीबाबाद पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा कर यह सिद्ध कर दिया है कि ईमानदारी के साथ यदि गंभीर होकर लगातार प्रयास किया जाए तो हर मुश्किल से लड़ा जा सकता है। उन्होंने गंगा एक्सप्रेसवे की मांग को लेकर डूडा के अध्यक्ष अवनीश कुमार अवस्थी से मुलाकात कर वर्ष 2021 में ही असंभव से महसूस होने वाले इस कार्य की पटकथा लिख दी थी। उसके बाद उन्होंने वर्ष 2022 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर बिजनौर को गंगा एक्सप्रेस वे से जोड़ने का अनुरोध किया था और यह हवाला दिया था कि बिजनौर वह जनपद है, जहां से मां गंगा उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती हैं। इसलिए गंगा एक्सप्रेसवे बिजनौर से ही बनना चाहिए। पुनः 25 अक्टूबर 2023 को भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर मांग दोहराई गई। हाल ही में नजीबाबाद आए मुख्यमंत्री द्वारा गंगा एक्सप्रेसवे को बिजनौर जनपद से निकाले जाने की घोषणा की गई है। इसके बाद बिजनौर जनपद को गंगा एक्सप्रेस वे से जोड़े जाने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। इंतजार है तो धरातल पर गंगा एक्सप्रेसवे को बिजनौर से निकलता देखने का। गंगा एक्सप्रेसवे बनने से होने वाले फायदे पर प्रकाश डालते हुए दिगंबर सिंह ने बताया कि जब बिजनौर जिले से होकर ये हाईवे निकलेगा तो इसके लिए किसानों की जमीनें अधिग्रहीत होंगी और उन्हें मोटा मुआवजा भी मिलेगा। गंगा एक्सप्रेस वे निकलने से रोजगार के भी अवसर बढ़ेंगे। इससे प्रयागराज व मेरठ की दूरी बहुत कम हो जाएगी। चौधरी दिगंबर सिंह ने कहा कि हम गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा का स्वागत करते हैं। आशा व्यक्त की, कि गन्ना किसानों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार शीघ्र ही गन्ने का भाव घोषित करेगी।
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