दिल्ली में बीजेपी कोर कमेटी की बैठक में फैसले की संभावना
यूपी की इन 14 सीट पर बीजेपी प्रत्याशियों का बस एलान बाकी
नई दिल्ली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीट जीतने का लक्ष्य निर्धारित कर चल रही भारतीय जनता पार्टी की रणनीति जिताऊ उम्मीदवारों पर ही दांव लगाने की है। इसके लिए तैयारी हालांकि काफी पहले से ही शुरू कर दी गई थी। दरअसल रणनीति के तहत बीजेपी पिछली बार हारी हुई 14 सीट पर सबसे पहले प्रत्याशी घोषित कर सकती है। इनमें से कुछ सीट अपने सहयोगी दलों को भी देने की भी प्रबल संभावना है। दिल्ली में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक गुरुवार दोपहर से शुरू होकर देर रात तक चली। बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी शामिल मौजूद रहे। सूत्रों का दावा है कि बैठक में 14 सीटों पर उम्मीदवारों के नामों पर फाइनल मुहर लग चुकी है, बस एलान बाकी है।
किन सीट पर प्रत्याशियों का हो सकता है एलान?

बीजेपी को 2019 के चुनाव में गाजीपुर, घोसी, नगीना, सहारनपुर, बिजनौर, अमरोहा, श्रावस्ती, अंबेडकरनगर, लालगंज, जौनपुर, मैनपुरी, मुरादाबाद, संभल और रायबरेली समेत कुल 14 सीट पर हार का सामना करना पड़ा था। इसे ध्यान में रखते हुए पार्टी ने हर सीट पर तीन-तीन नामों का पैनल सौंपा है। हालांकि इस लिस्ट में रामपुर और आज़मगढ़ का नाम भी शामिल है, लेकिन उपचुनाव में इन दोनों सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी। इन हारी हुई सीटों के अलावा बीजेपी की सूची में वाराणसी और लखनऊ जैसी सीट भी शामिल हो सकती हैं, जहां से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का चुनाव लड़ना लगभग तय माना जा रहा है। यूपी में मिशन 80 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी वर्गों को साधने के लिए रणनीति बनाई गई है। सभी गांवों से संपर्क करने के ग्राम यात्रा अभियान के प्लान के तहत सरकार के मंत्री गांवों में प्रवास कर रहे हैं।
छोड़ी जा सकती हैं सहयोगी दलों के लिए 6 सीट
राज्य में लोकसभा की कुल 80 सीटें हैं। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा अपना दल, RLD और अन्य पार्टियों को 6 सीटें दे सकती है। अपना दल को मिर्जापुर और रॉबर्ट्सगंज, जबकि RLD को बिजनौर, बागपत सीट मिल सकती हैं। इसके अलावा ओपी राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को घोसी और संजय निषाद की निषाद पार्टी को खलीलाबाद सीट मिल सकती है।
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