पूर्व इंचार्ज/क्राइम रिपोर्टर दैनिक जागरण उरई (जालौन), मेरठ, बिजनौर, धामपुर, मुजफ्फरनगर। समाचार संपादक दैनिक प्रयाण हरिद्वार। पूर्व महामंत्री श्रमजीवी पत्रकार यूनियन। अध्यक्ष ऑल मीडिया एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन।
भाजपा के भारतेंद्र को पछाड़ कर नागर ने कब्जाई थी सीट
गठबंधन फार्मूले पर आरएलडी के खाते में है लोकसभा सीट
बिजनौर सीट पर अब होगा दिलचस्प मुकाबला
बिजनौर। पांच विधान सभा सीट शामिल किए बिजनौर लोकसभा सीट पर अब दिलचस्प मुकाबला होने के संकेत हैं।गठबंधन फार्मूले के तहत यह लोकसभा सीट आरएलडी के खाते में है। यहां पूर्व दिवंगत सांसद सांसद संजय चौहान के सुपुत्र मीरापुर विधायक चंदन चौहान चुनाव मैदान में हैं। गुरुवार सुबह वर्तमान सांसद मलूक नागर के बीएसपी छोड़ कर आरएलडी में शामिल होने के बाद समीकरणों में भारी भरकम बदलाव आया है।
बिजनौर लोक सभा सीट पर फिलहाल बहुजन समाज पार्टी के मलूक नागर का कब्जा है। बहुजन समाज पार्टी ने उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री चौधरी नारायण सिंह के पोते श्री चौहान को चुना, जो भी गुर्जर समुदाय से हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में, श्री चौहान समाजवादी पार्टी के उन तीन उम्मीदवारों में से एक थे, जिन्होंने आरएलडी के प्रतीक पर चुनाव लड़ा था। चंदन चौहान के पिता संजय चौहान ने 2009 में आरएलडी के टिकट पर बिजनौर का प्रतिनिधित्व किया था, लेकिन उनकी मृत्यु के बाद जब पूर्व आरएलडी सुप्रीमो अजीत सिंह ने अपने बेटे के बजाय जयाप्रदा को चुना, तो श्री चौहान अखिलेश यादव की ओर चले गए। हालाँकि, 2022 की जीत के बाद, जब रालोद अध्यक्ष ने श्री चौहान को पार्टी के युवा मामलों का प्रभारी बनाया, तो इसे युवा गुर्जर चेहरे को सपा से दूर करने के एक कदम के रूप में देखा गया।
बिजनौर लोक सभा क्षेत्र के अंतर्गत विधानसभा की 05 सीटें आती हैं, जिनमें मीरापुर, बिजनौर, हस्तिनापुर, चांदपुर और पुरकाजी शामिल हैं।
बिजनौर लोक सभा सीट का इतिहास: वर्ष 1957 में हुए पहले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के अब्दुल लतीफ ने इस सीट पर कब्जा जमाया था। इसके बाद 1967 से 71 तक इस सीट पर कांग्रेस का ही कब्जा बना रहा। वर्ष 1977 में बीएलडी के मिहीलाल और 1980 में जेएनपी के मंगल राम सांसद बने।इसके बाद 1984 में कांग्रेस के गिरधारी लाल, 1989 में BSP की मायावती, 1991 से 1996 तक भाजपा के मंगलराम प्रेमी जीते। वर्ष 1998 में सपा की ओमवती देवी, 1999 में भाजपा के शीशराम रवि, 2004 में रालोद के मुंशीराम और 2009 में भी रालोद के ही संजय सिंह चौहान सांसद रह चुके हैं। वर्ष 2014 के चुनाव में लोकसभा सीट बिजनौर पर भाजपा उम्मीदवार भारतेंद्र ने बाजी मारी थी, उन्हें 4,86,913 वोट मिले थे। वहीं, समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार शाहनवाज राणा 2,81,139 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर रहे थे। वर्ष 2019 के चुनाव में बीएसपी के मलूक नागर ने भाजपा के भारतेंद्र सिंह को पराजित कर इस सीट पर कब्जा जमाया।
Bijnor Lok Sabha Election Results 2019
दोनों लोकसभा सीट पर हारी थी भाजपा
बिजनौर और नगीना दोनों लोकसभा सीटें वर्ष 2019 के चुनाव में बसपा के खाते में गईं थी। तभी से भाजपा इन सीटों पर कब्जा जमाने की जुगत में है। इस बार भाजपा ने प्रदेश की सभी 80 सीटों पर जीत का लक्ष्य निर्धारित किया है। उसी के तहत नामांकन के साथ ही भाजपा में अपना चुनावी प्रचार अभियान जोर शोर से शुरू कर दिया था। अभी तक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से लेकर मुख्यमंत्री तक तीन कार्यक्रम कर चुके हैं, जबकि उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जनसभा को संबोधित कर चुके हैं। कुल मिलाकर बदले हुए हालात में बसपा के सामने अपनी पूर्व में जीती गई बिजनौर और नगीना सीटों को बचाने की चुनौती है तो वहीं सपा में भाजपा के प्रदेश की सभी 80 सीटों पर जीत के सपने को तोड़ने की छटपटाहट!
सूरमाओं की होने वाली हैं रैलियां
भाजपा गठबंधन के लिए जयंत चौधरी 12 और 15 अप्रैल को बिजनौर लोकसभा क्षेत्र में जनसभाएं करेंगे। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव नगीना लोकसभा क्षेत्र के नहटौर में 13 अप्रैल को जनसभा करने वाले हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती का 16 अप्रैल को बिजनौर और नगीना में जनसभा का कार्यक्रम है।
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