परिवार समेत बहुजन समाज पार्टी को कहा अलविदा
मलूक नागर ने भाई व पत्नी समेत बीएसपी से दिया इस्तीफा
लोकसभा चुनाव से पहले माया के सांसद ने दिया तगड़ा झटका
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में पहले चरण के मतदान से ठीक 08 दिन पहले बिजनौर से सांसद मलूक नागर ने बीएसपी से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी ने इस बार बिजनौर सीट से नागर का टिकट काटकर ऐन चुनाव के वक्त लोकदल छोड़कर आए चौधरी विजेंदर सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है। मलूक नागर ने पार्टी सुप्रीमो मायावती को अपना इस्तीफा भेज दिया है।
सांसद मलूक नागर ने एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा, ”मौजूदा हालातों और राजनीतिक माहौल को देखकर, आज मैं, मेरे बड़े भाई श्री लखीराम नागर, (पूर्व मंत्री, उ.प्र. सरकार), मेरी धर्मपत्नी श्रीमती सुधा नागर, (पूर्व ज़िला पंचायत अध्यक्ष) हम सभी, बहुजन समाज पार्टी को छोड़ रहे है।”

सांसद ने मायावती के नाम लिखा पत्र
सांसद ने बसपा प्रमुख मायावती के नाम एक अन्य पत्र में लिखा, ”हमारे परिवार में करीब पिछले 39 वर्षों से लगातार कांग्रेस व बसपा द्वारा कई बार ब्लॉक प्रमुख व कई बार चेयरमैन जिला परिषद/अध्यक्ष जिला पंचायत व कई बार विधायक (M.L.A/M.L.C) व उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री व देश में सांसद लगातार रहते आ रहे हैं, इस करीब 39 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ कि हम विधायक भी नहीं लड़ पाए और सांसद भी नहीं लड़ पाए। हमने दिसंबंर 2006 में आपके आशीर्वाद से बहुजन समाज पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी, आपके आशीर्वाद से हम कई पदों पर रहे, इसके लिए हम हमेशा आपके आभारी रहेंगे, हमारे परिवार की राजनीतिक हैसियत और सामाजिक हैसियत या देश स्तर पर पहचान वाला कोई भी व्यक्ति नहीं जो हमारे जितना लंबे समय के लिए बसपा में रहा हो, उसे कुछ सालों में पार्टी द्वारा निकाल दिया गया या वह खुद बसपा छोड़कर चला जाता है। मैं दावे से कह सकता हूं कि मैं व मेरा परिवार इतने लंबे समय तक कई बार उतार-चढाव देखने के बाद भी बसपा में ही रहे। श्री नागर ने लिखा कि मैं 2019 में जब बिजनौर लोकसभा से बसपा, सपा, आरएलडी के साथ उम्मीदवार के रूप में सांसद बना, तो आपने मुझे सदन में उपनेता भी बनाया। पिछले पांच सालों में, मैंने हमेशा किसानों, दलितों, पिछड़ों, गरीबों, मजदूरों की लड़ाइयां लड़ी। मैंने लोकसभा में 864 मुद्दों को उठाया, या ये कहे कि 17वीं लोकसभा में सबसे अधिक मुद्दों को उठाया। हमने बाबा अंबेडकर साहब, कांशीराम साहब, चौधरी चरण सिंह व सभी जाति धर्म में जन्मे महापुरुषों की आवाज भी उठाई। बिजनौर लोकसभा और पूरे देश के हर हिस्से में किसानों, दलितों, पिछड़ों, गरीबों की आवाज संसद में उठाई। आज के परिवेश व कई राजनीतिक कारणों से हम बसपा पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा देते हैं।“


यूपी के सबसे अमीर सांसदों में शुमार
यूपी के सबसे अमीर सांसदों में शुमार मलूक नागर की गिनती मायावती के भरोसेमंद नेताओं में होती रही है। वर्ष 2009 और 2014 में मेरठ व बिजनौर सीट से चुनाव हारने के बाद भी बीएसपी सुप्रीमो ने उन पर भरोसा जताया था और 2019 में फिर बिजनौर से प्रत्याशी बनाया था। सपा के साथ गठबंधन का फायदा मिलने की वजह से उन्हें जीत मिली और वो संसद में पहुंचे।
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