सोशल वेलफेयर रिस्पांसिबिलिटी कानून का किया जाए इस्तेमाल
गुलदार से मुक्ति दिलाने को शुगर मिलों से जुटाया जाए धन: नितिन सिरोही
बिजनौर। भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) ने जिले के किसानों को गुलदार से मुक्ति दिलाने के लिए सोशल वेलफेयर रिस्पांसिबिलिटी के तहत शुगर मिलों से पैसा दिलाने की मांग उठाई है। इसे लेकर जिलाधिकारी को संबोधित एक मांग पत्र उप जिलाधिकारी हर्ष चावला को सौंपा गया।
जिलाधिकारी को संबोधित एक मांग पत्र उप जिलाधिकारी हर्ष चावला को सौंपा गया है। इसमें भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक की ओर से सुझाव दिया गया है कि गुलदार के आतंक से बिजनौर के किसानों व मजदूरों को बचाने के लिए 108 एंबुलेंस की तरह है गुलदार मुक्ति वाहन चलाया जाए। इसकी मॉनिटरिंग जिला वन अधिकारी के द्वारा होनी चाहिए। वाहन में जाल आदि रेस्क्यू करने का सामान लेकर वन विभाग के कर्मचारी मौजूद रहें। जनपद बिजनौर में कम से कम प्रत्येक रेंज कार्यालय पर एक वाहन होना चाहिए, जैसे कि वन विभाग के द्वारा बिजनौर जनपद को 6 रेंज में बांटा गया है, तो 6 वाहन वन विभाग के कर्मचारियों के पास यदि हों तो आसानी से मानव गुलदार संघर्ष को रोका जा सकता है और किसी भी जनहानि से बचा जा सकता है। गुलदार के हमले से अब तक बिजनौर जनपद में लगभग दो दर्जन जनहानि के अलावा सैकड़ों लोग घायल हो चुके हैं। इसी संघर्ष में लगभग दो दर्जन गुलदारों की मौत भी हो चुकी है। गुलदार की मौत होने से ग्रामीणों को मुकदमे झेलने पड़ते हैं, जिससे वन विभाग के प्रति आक्रोश बना रहता है। वन विभाग की टीम गांव में जाकर जन समर्थन हासिल करने में नाकाम साबित हो जाती है। इस कार्य से वन विभाग के प्रति लोगों की हमदर्दी भी बढ़ेगी। इस तरह का प्रस्ताव गत वर्ष भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक की मांग पर वन विभाग के द्वारा तैयार कर भेजा गया था, जिसको शासन में भेज दिया गया है। धन आवंटन न हो पाने से इस पर कार्य नहीं हो पाया है। ज्ञापन में बताया गया कि बिजनौर गन्ना बाहुल्य जनपद है और जनपद के अंदर वर्तमान में 10 शुगर मिलें संचालित हैं। गुलदार के आतंक के कारण सबसे अधिक गन्ना किसान ही प्रभावित हैं। इसलिए कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 135 के अंतर्गत जनपद बिजनौर की समस्त शुगर मिलों से सोशल वेलफेयर रिस्पांसिबिलिटी के तहत पैसे की व्यवस्था की जा सकती है, क्योंकि कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 135 के तहत यह नियम है कि कंपनी को सोशल वेलफेयर में पैसा लगाना होगा। इसलिए इस कानून का कड़ाई से पालन कराया जाए।यदि कोई शुगर मिल अथवा जिला प्रशासन सोशल वेलफेयर रिस्पांसिबिलिटी में कोताही बरतता है तो संगठन को आंदोलन करना पड़ेगा।

निजी स्कूलों की लूट रोकने के प्रयास अधर में? यूनियन के जिला अध्यक्ष नितिन कुमार सिरोही ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराया कि 17 मई को जिला कलेक्ट्रेट के विदुर सभागार में हुई बैठक के क्रम में जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा कोरोना काल की फीस वापस किए जाने तथा फीस ड्रेस और किताबों के नाम पर हो रही लूट पर सभी निजी विद्यालयों से जवाब मांगा था तीन दिन का नोटिस में समय दिया गया था किंतु आज तक भी निजी विद्यालयों के द्वारा प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया गया है। इसलिए जिलाधिकारी इस पर संज्ञान लें।
जिला अध्यक्ष नितिन कुमार सिरोही के साथ मांग पत्र सौंपने वालों में जिला महासचिव नितेंद्र प्रधान, गौरव कुमार जंघाला, अंकित कुमार, अंकुर कुमार उर्फ डैनी, शुभम चौधरी, देवानंद, अतुल कुमार आदि शामिल रहे।
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