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शासन प्रशासन की तमाम कोशिश के बावजूद रुकने का नाम नहीं ले रहीं सड़क दुर्घटनाएं

दो सड़क दुर्घटनाओं में तीन लोगों की मौत

बिजनौर। शासन प्रशासन की तमाम कोशिश के बावजूद सड़क दुर्घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रहीं। आज 16 जुलाई 2024 को ही दो अलग अलग सड़क दुर्घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। हालांकि सड़क दुर्घटनाओं को लेकर आज ही मुरादाबाद में संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक भी बुलाई गई थी।

केस नंबर 01

थाना कोतवाली शहर क्षेत्रान्तर्गत किरतपुर रोड पर शाम करीब छह बजे ट्रैक्टर से कुचलकर एक साइकिल सवार की मौत हो गई। पुलिस द्वारा बताया गया है कि एक ट्रैक्टर चालक ने लापरवाही से साइकिल सवार को टक्कर मार दी। साइकिल सवार शमशाद पुत्र सईद अहमद निवासी ग्राम पेंदा थाना कोतवाली शहर जनपद बिजनौर की मृत्यु हो गई। सूचना पर स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। पोस्टमार्टम हेतु शव को मोर्चरी भेजा गया है। ट्रैक्टर को कब्जे में लिया गया। अन्य विधिक कार्यवाही प्रचलित है।

केस नंबर 02

थाना नजीबाबाद क्षेत्रान्तर्गत नजीबाबाद – कोतवाली मार्ग पर पीएनएस स्कूल के सामने दिनांक 16 जुलाई 2024 को शाम करीब पौने पांच बजे रोडवेज बस की टक्कर से बाइक सवार दो युवकों की जान चली गई। पुलिस के अनुसार रोडवेज बस रजि. सं. UP20BT2726 के चालक ने लापरवाही से मोटरसाइकिल रजि.सं. UP14AJ5711 में टक्कर मार दी। मोटरसाइकिल सवार 02 युवक, नीलू (26 वर्ष) पुत्र बाबू निवासी ग्राम डबलगढ़ थाना मंडावर जनपद बिजनौर व राजकुमार (30 वर्ष) पुत्र श्यामलाल निवासी ग्राम भोगनी थाना कोतवाली देहात जनपद बिजनौर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को उपचार हेतु तत्काल सीएचसी, समीपुर भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। परिजनों को सूचना दे दी गई। शवों को पंचायतनामा की कार्यवाही के उपरान्त पोस्टमार्टम हेतु मोर्चरी भेजा गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने रोडवेज बस को कब्जे में ले लिया है। अन्य विधिक कार्यवाही प्रचलित है।

भारी वाहन चालकों की गलती ?

हालांकि ये बात पता नहीं चल सकी है कि पुलिस द्वारा किए जाने वाले दावों के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में लापरवाही भारी वाहन चालकों की ही क्यों और कैसे होती है? कम से कम रोडवेज में कोई भी बस चालक बिना कड़े परीक्षण के भर्ती किया ही नहीं जा सकता! दरअसल समाज के प्रबुद्ध वर्ग के कई लोग पुलिस की इस आकस्मिक थ्योरी से इत्तफाक नहीं रखते! उनका कहना है कि पुलिस ट्रैफिक रूल्स का कड़ाई से पालन करना ही नहीं चाहती!

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