कोई कर दिया जाता है गायब तो कोई इनके खौफ से कर लेता है आत्महत्या!
कृषि कार्ड बनाने के नाम पर देते हैं धोखा
धोखे से जमीन का बैनामा कराने वालों का गिरोह सक्रिय
बिजनौर। चांदपुर तहसील क्षेत्र में कृषि कार्ड बनाने के नाम पर उनकी जमीन का बैनामा धोखे से कराने वालों का गिरोह सक्रिय है। यह गिरोह किसी को गायब कर देता है तो कोई इनके खौफ से आत्महत्या कर लेता है। समाजसेवी विरेन्द्र सिंह के साथ पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर लिखित शिकायत की है। बताया गया है कि 53 बैनामे जितेन्द्र कुमार व 17 बैनामे गौरव कुमार के नाम पर हैं।

समाजसेवी एवं सूचना अधिकार संरक्षण संगठन के चेयरमैन विरेन्द्र सिंह को कुछ लोगों ने उनके साथ कृषि कार्ड बनाने के नाम पर उनकी जमीन का बैनामा धोखे से कराने की जानकारी दी थी। इस पर विरेन्द्र सिंह द्वारा रजिस्ट्रार चांदपुर कार्यालय से बेनामों की लिस्ट प्राप्त की गई। इसमें 53 बैनामे जितेन्द्र कुमार पुत्र इश्वर सिंह निवासी ग्राम व पोस्ट बसन्तपुर थाना चांदपुर जनपद बिजनौर व 17 बैनामे गौरव कुमार पुत्र हरेन्द्र सिंह ग्राम अहरोला पोस्ट बास्टा थाना चांदपुर के नाम पर हैं। आरोप है कि ओमपाल सिंह पुत्र अतर सिंह निवासी दरवड पोस्ट बसन्तपुर की 22 बीघा जमीन शराब पिलाकर धोखे से बिना किसी लेन देन के जितेन्द्र ने अपने नाम बैनामा करा लिया था। ओमपाल सिंह की शिकायत पर डीआईजी मुरादाबाद ने उक्त प्रकरण को एसपी बिजनौर को स्वयं देखने के आदेश दिये, जिसके फलस्वरूप जितेन्द्र पर एफआईआर दर्ज हुई तथा एसपी बिजनौर ने इस प्रकरण से पीड़ित अन्य व्यक्तियों को 15 जुलाई को उपस्थित होने को कहा था।
जमीन हड़प कर पति की हत्या !
श्रीमती संतोष पत्नी स्वः ओमप्रकाश निवासी भगौडा पोस्ट नगला थाना चांदपुर ने पुलिस अधीक्षक बिजनौर को दिये प्रार्थना पत्र में बताया कि वह व उसके पति अनपढ हैं। कृषि कार्ड बनाने के नाम से जितेन्द्र कुमार से हमसाज होकर गवाह कातिब, रजिस्ट्रार, इण्डियन बैंक चांदपुर शाखा मैनेजर ने उसके पति ओमप्रकाश की लगभग 24 बीघा जमीन षड्यंत्र रचकर अपने नाम करा ली। उसमें से 8 बीघा जमीन 45,000,00 लाख रुपए लेकर जितेन्द्र ने वापस की। इस मामले की कोई कहीं शिकायत ना कर दे इसलिए जितेन्द्र, पति ओमप्रकाश व पत्नी संतोष को धमकाता रहता था। यह भी आरोप लगाया कि एक दिन उसके पति खेत पर गए, लेकिन वापस नहीं आए। अगले दिन पति अपने खेत पर मृत मिले। महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति की हत्या जितेन्द्र कुमार व उसके साथियों द्वारा कराई गई है।
कृषि कार्ड के नाम पर हड़पे लाखों
दूसरा प्रार्थना पत्र नौसिंह पुत्र रामस्वरूप सिंह निवासी ग्राम बाडीवाला पोस्ट बसन्तपुर थाना चांदपुर ने पुलिस अधीक्षक को देकर अवगत कराया कि वह अनपढ व्यक्ति है। जितेन्द्र कुमार ने उसका कृषि कार्ड बनवाया था। जितेन्द्र ने 92 हजार रुपये मुझे दिये कुछ समय बाद बैंक का नोटिस आया तब पता चला कि जितेन्द्र ने 3 लाख रुपए निकाल रखे हैं।
पीड़ित पति ने की आत्महत्या, पुत्र की हत्या!
तीसरा प्रार्थना पत्र देकर शकुन्तला पत्नी लेखराज सिंह निवासी बाडीवाला थाना चांदपुर ने अवगत कराया कि वह अनपढ महिला है। इण्डियन बैंक चांदपुर से लोन लेना चाहती थी। बैंक मैनेजर ने उसे जितेन्द्र के पास भेज दिया। जितेन्द्र ने कहा कि बैंक से कृषि कार्ड बनवाने में कई महीने लगेंगे, तुम मुझसे 1 लाख रुपए ले लो तथा मुझे एक बीघा जमीन का इकरारनामा कर दो, 2 प्रतिशत ब्याज लगेगा। कार्ड बनने पर पैसा वापस कर देना। जितेन्द्र के झांसे में आकर उसके पति से इकरारनामे के नाम पर धोखे से 2 बीघा जमीन का बैनामा करा लिया। जब मेरे पति को इसका पता चला तो उन्होने आत्महत्या कर ली। इसकी कहीं शिकायत न कर दें, इसके लिए जितेन्द्र जितेन्द्र ने अपने साथियों के साथ मिलकर मेरे 17 वर्ष के बेटे को बहुत मारा पीटा, जिससे उसकी भी मृत्यु हो गई। सूचना अधिकार संरक्षण संगठन के चेयरमैन विरेन्द्र सिंह ने कहा कि उक्त जालसाजों और समाज विरोधी कृत्य में संलिप्त सभी लोगों को न्याय दिलाने के लिए वह ईंट से ईंट बजा देंगे।

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