तथाकथित प्रबन्धक की मनमर्जी से चल रहा है पूरा खेल
मुख्यमंत्री से की गई शिकायत का भी कोई असर नहीं
चहेतों को कर लिया मदरसे में भर्ती!
बिजनौर। शासन द्वारा मान्यता प्राप्त अनुदानित मदरसा मिफ़्ताह उल उलूम, चान्दपुर बिजनौर प्रबन्ध समिति के तथाकथित प्रबन्धक की मनमर्जी से चल रहा है। मुख्यमंत्री से की गई शिकायत का भी कोई असर नहीं होता दिख रहा।
मदरसा मिफ़्ताह उल उलूम, चान्दपुर (बिजनौर) के पूर्व उप सचिव/उप प्रबन्धक इफ्तेखार अहमद ने प्रदेश के मुख्यमन्त्री को दी बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज, मिफ्ताह उल उलूम, चान्दपुर, बिजनौर / मदरसा मिफ्ताह उल उलूम, कराल रोड, चान्दपुर, जिला- बिजनौर, की प्रबन्ध समिति के तथाकथित प्रबन्धक मौ० जीशान द्वारा फर्जी विज्ञापन प्रकाशित कर शासन के आदेशों के विपरीत पुनः की जा रही अवैद्य नियुक्तियों को निरस्त करने के सम्बन्ध में प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें बताया गया कि मदरसा मिफ्ताह उल उलूम, कराल रोड, चान्दपुर जिला बिजनौर शासन द्वारा मान्यता प्राप्त अनुदानित मदरसा है। इसका संचालन सोसायटी बायलॉज एवं शासन द्वारा निर्गत नियमावली / संशोधित नियमावली 2016 के दिशा निर्देशों के अनुसार होता है। इस के वर्तमान में तथाकथित एवं विवादित प्रबन्धक मौ० जीशान, जिनकी प्रबन्ध समिति से सम्बन्धित वाद माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद में याचिका संख्या 10898/2022 के अन्तर्गत लम्बित एवं विचाराधीन है। तथाकथित प्रबन्धक मौ० जीशान द्वारा सभी नियमों एवं नियमावली में अंकित दिशा निर्देशों का उल्लंघन करते हुए वर्ष 2022 में अनेक पदों पर उपर्युक्त संस्था / मदरसे में फर्जी तरीके से नियुक्ति करके अधिकारियों से सांठ-गांठ कर अनुमोदन प्राप्त कर लिया गया था तथा उक्त सभी की गई फर्जी नियुक्तियों पर विभाग द्वारा वेतन आहरित करा रहे हैं।उक्त सम्बन्ध में द्वारा शासन एवं उच्च अधिकारियों को निरन्तर शिकायत की जाती रही हैं। इस सम्बन्ध में रजिस्ट्रार / निरीक्षक, उ०प्र० मदरसा शिक्षा परिषद, लखनऊ द्वारा अपने कार्यालय पत्रांक 577/ म०शि०प०-नि०-अनु०दि०नि० / 2022-23, दिनांक: 30 मई 2022 द्वारा अवगत कराया गया था, कि यदि किसी संस्था/ मदरसे की प्रबन्ध समिति का विवाद किसी मा० न्यायालय / माननीय उच्च न्यायालय में लम्बित / विचाराधीन है, तो नियुक्ति प्रक्रिया प्रारम्भ नहीं की जा सकती, जब तक उक्त वाद माननीय न्यायालय से निस्तारित ना हो जाए। आरोप है कि पूर्व में की गई शिकायतों का कोई निस्तारण इतना समय बीत जाने पर अद्यतन नहीं किया गया। फर्जी नियुक्तियों के आधार पर मदरसे के अनेक अध्यापक एवं क्लर्क नियम विरूद्ध विभाग से विधि विरूद्ध वेतन आहरित करते चले आ रहे हैं।
गौरतलब है कि रजिस्ट्रार/निरीक्षक, उ०प्र० मदरसा शिक्षा परिषद, 704, जवाहर भवन, लखनऊ ने प्रदेश के समस्त जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को 30 मई, 2022 में पत्र भेजा था। इसमें जनपद स्थित राज्यानुदानित मदरसों में रिक्त / रिक्त होने वाले पदों पर नियुक्ति किए जाने के सम्बन्ध में दिशा-निर्देश संसूचित किए गए थे। कहा गया कि 01. पद मूल रूप से सक्षम स्तर से सृजित हो, 02. मदरसा प्रबन्ध समिति सक्षम स्तर से पंजीकृत / अनुमोदित हो, 03. मदरसा प्रबंध समिति अविवादित हो और किसी न्यायालय में कोई मामला लम्बित न हो। चयन / नियुक्ति के समय प्रबन्ध समिति की पंजीकृत सूची सक्षम स्तर से निर्गत की गई हो, 04. पद विवाद रहित हो। ऐसे पद पर नियुक्ति न की जाए, जिन पदों पर नियुक्ति की गई हो और किसी कारणवश पद/नियुक्त शिक्षक का विवाद न्यायालय / उच्च न्यायालय / उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन हो, 05. नियुक्ति तब तक न की जाए जब तक पद का विवाद न्यायालय द्वारा अन्तिम रूप से निस्तारित न कर दिया जाए। इसके अलावा यह भी कहा गया कि मदरसा प्रबन्ध तंत्र के विवादित होने अथवा प्रबन्ध समिति के किसी पद के विवाद को गोपन करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया सम्पन्न कर ली जाती है और सक्षम स्तर से समिति की सूची पंजीकृत न होने की शिकायत प्राप्त होती है। तथ्य प्रकाश में आने के उपरान्त न्यायालय में याद की स्थिति उत्पन्न होती है, जिससे विभाग को विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, जो उचित नहीं है। इस आशय का निर्देश समस्त जनपद स्थित राज्यानुदानित मदरसों को दे दिया जाए तथा नियुक्ति / चयन का प्रस्ताव प्राप्त करते समय शपथपत्र भी प्राप्त कर लिया जाए। कहा गया कि उ०प्र० अशासकीय अरबी और फारसी मदरसा मान्यता प्रशासन एवं सेवा विनियमावली 2016 की सुसंगत धाराओं में निहित व्यवस्थान्तर्गत मदरसों से नियुक्ति विषयक प्राप्त होने वाले प्रस्तावों का परीक्षण उपरोक्त बिन्दुओं को सम्मिलित करते हुए अनुमोदन हेतु प्रस्ताव रजिस्ट्रार / निरीक्षक जगमोहन सिंह को स्पष्ट संस्तुति के साथ ही उपलब्ध कराया जाए।
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