जुलूस, प्रदर्शन के बाद दिव्यांगजनों ने किया कलेक्ट्रेट का घेराव
विभिन्न मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे दिव्यांगजन
हीनभावना से देखते हैं पुलिस और सरकारी अधिकारी: पाशा
बिजनौर। राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन के बैनर तले विभिन्न मांगों को लेकर दिव्यांगजन सड़कों पर उतर आए। उन्होंने जुलूस, प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इस दौरान जिलाध्यक्ष ने पुलिस और सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली पर जमकर प्रहार किए।
इससे पहले राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन की बैठक बुधवार को गन्ना समिति बिजनौर में आयोजित की गई। अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष एमआर पाशा तथा संचालन जिला उपाध्यक्ष मास्टर साकिर व जीवन अग्रवाल ने संयुक्त रूप से किया। गन्ना समिति से दिव्यांगजन जुलूस प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे तथा डीएम कार्यालय का घेराव किया।मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के नाम ज्ञापन जिलाधिकारी बिजनौर को ज्ञापन सौंपा।

इस अवसर पर राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एमआर पाशा ने कहा उत्तर प्रदेश में दिव्यांगों की संख्या दो करोड़ तथा पूरे भारतवर्ष में 11 करोड़ है। जिला बिजनौर में दिव्यांगजन संख्या 40 हजार से अधिक हैं, लेकिन दिव्यांगों के लिए कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसलिए दिव्यांगजनों ने अपनी समस्त मांगों को लेकर डीएम कार्यालय का घेराव किया तथा धरना दिया जा रहा है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष एमआर पाशा ने आरोप लगाया कि हर सोमवार को सीएमओ कार्यालय पर दिव्यांग बोर्ड लगता है। वहां पर पांच-सात व्यक्ति गिरोह बनाकर कर्मचारियों से मिले हुए हैं और वहां जमकर दिव्यांगजनों से दलाली करते हैं। वे कहते हैं कि आपकी परसेंटेज बनवा देंगे, पेंशन बनवा देंगे आदि लालच देकर उनसे हजारों रुपए ले लेते हैं। वहां पर दलाली तुरंत रुकवाई जाए और दलालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। दिव्यांगजनों का सरकारी कार्यालयों और पुलिस विभाग में बहुत उत्पीड़न होता है। सभी सरकारी अधिकारी व पुलिस विभाग दिव्यांगजनों को हीन भावना की नजरों से देखते हैं। दिव्यांग जनों के साथ इतना अन्याय क्यों ? इनको क्यों हीनभावना की नजरों से देखा जाता है ? इनको क्यों सम्मान नहीं मिलता ? उन्होंने दिव्यांगजनों को समस्त सरकारी कार्यालयों में सम्मान देने की मांग की। राष्ट्रीय अध्यक्ष एमआर पाशा ने कहा कि डूडा विभाग तीसरी मंजिल पर है, जहां पर दिव्यांगजन नहीं जा सकता और इस कारण डूडा विभाग में प्रचलित योजना का लाभ नहीं ले पाता। इसलिए डूडा विभाग नीचे शिफ्ट किया जाए। इसी तरह चांदपुर तहसील में एसडीएम कार्यालय दूसरी मंजिल पर है, जहां पर दिव्यांगजन नहीं जा सकता। इसलिए एसडीएम कार्यालय नीचे शिफ्ट किया जाए। यह भी कहा कि मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत दिव्यांग जनों के आवास बनने थे लेकिन पात्रों के आवास नहीं बन पा रहे हैं। आरोप लगाया कि अपात्र के आवास बन रहे हैं क्योंकि ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी अपात्रों से 25 से तीस हजार रुपए ले रहे हैं। गरीब पात्र दिव्यांगजन रिश्वत नहीं दे सकता, इसलिए उनके आवास नहीं बन पा रहे हैं। उन्होंने ग्राम पंचायत अधिकारियों तथा ग्राम प्रधानों के खिलाफ कार्रवाई कर पात्र दिव्यांग जनों के मुख्यमंत्री आवास बनवाने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोजगार देने तथा ऋण देने की मांग की। इस दौरान जिला अध्यक्ष मोहम्मद खालिद, युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मास्टर एजाज अहमद, ब्लॉक अध्यक्ष विनीत कुमार, शहजाद गोविंदपुर वाले वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, जिला सचिव इकबाल उस्मानी, सुशील आदि मौजूद रहे।
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