भूमाफियाओं का कहर: आजिज ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से की शिकायत
वन विभाग, पुलिस व प्रधान की मिलीभगत से काट डाले हरे भरे पेड़!
लखनऊ। जनपद बिजनौर के चांदपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हीमपुर बुजुर्ग में भूमाफियाओं ने ग्राम समाज की आराजी पर न केवल अवैध कब्जा किया, बल्कि मौके पर खड़े 40-50 प्रतिबंधित पेड़ों को कटवा कर बेच भी डाला! इससे हासिल रकम वन विभाग और पुलिस विभाग के जिम्मेदारों के साथ बंदरबांट भी कर ली गई? जागरूक ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से इस मामले की जांच करा कर दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

चांदपुर थाना क्षेत्र के ग्राम हीमपुर बुजुर्ग के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मंगलवार को लिखित शिकायत की। शिकायत में आरोप लगाया कि क्षेत्र के ही ग्राम मीरापुर के सतीश पुत्र सुरेश, महेश पुत्र रामस्वरूप व नरेश पुत्र राजाराम व राकेश पुत्र रामस्वरूप ने ग्राम प्रधान अली वारिस, वन विभाग के रेंजर दुष्यन्त सिंह व पुलिस प्रशासन के साथ हमसाज होकर ग्राम समाज की आराजी पर अवैध कब्जा कर लिया! इतना ही नहीं ग्राम समाज की आराजी में खड़े प्रतिबंधित 40-50 पेड़ों को कटवा कर बेच दिया है! इस कृत्य से सरकार लगभग 5 लाख रुपए का नुकसान हुआ है।

शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उक्त लोग दबंग व शातिर किस्म के व्यक्ति हैं। इनके संबंध में कई बार शिकायत करने पर भी कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। इस कारण इन सभी के हौसले बुलन्द हैं। ग्रामीणों ने इस मामले में जांच कराकर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्यवाही कराने के लिए आदेश पारित करने का अनुरोध किया है।
हमारा नहीं कोई मतलब: रेंजर
वन विभाग के रेंजर दुष्यन्त सिंह ने इस मामले में साफ तौर पर पल्ला झाड़ लिया! पूछने पर उन्होंने बताया कि ग्राम समाज की आराजी का मामला है और ग्राम प्रधान ही रिपोर्ट दर्ज कराएंगे। प्रतिबंधित पेड़ों के कटान के विषय में बताया कि उसी रिपोर्ट में ये मामला भी शामिल हो जाएगा। वहीं हल्दौर रोड पर प्रतिबंधित सागौन के पेड़ काटने के मामले में बताया कि वन विभाग के दरोगा को मौके पर भेजा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। खास बात ये है कि जिस ग्राम प्रधान के खिलाफ ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से शिकायत की है, उसकी ओर से रिपोर्ट क्यों दर्ज कराई जाएगी?

थाने में नहीं कोई F.I.R.
मजेदार बात ये है कि जिस मामले को लेकर इतना बखेड़ा खड़ा हुआ है, उसकी एफआईआर भी अब तक दर्ज नहीं हुई है। हलका दरोगा के अलावा क्षेत्र के पटवारी ने भी साफ इंकार किया है।
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