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अधिकतर लक्जरी गाड़ियों के बरसों से जमा नहीं किए गए चालान

अब भी राजसी सुख भोग रहे साइकिल वाले भइया जी के करीबी

Happy Birthday पर नेता जी को मंहगे गिफ्ट थमा गए लाखों के डिफॉल्टर

(वाहनों की सूची पार्ट~2 में)

लखनऊ। सत्ता के खेल निराले हैं, ये कहावत तो अमूमन आम सी बात हो कर रह गई है। सत्ता हो तो बड़े और छुटभैया भी तीरंदाज हो जाते हैं। … लेकिन जब बड़े पद पर रहे लोगों का आचरण निचले स्तर का हो जाए तो स्थिति विकट हो जाती है।

दरअसल साइकिल वाले भइया जी के एक करीबी अब भी राजसी सुख भोग रहे हैं। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार कानपुर रोड स्थित राजधानी की एक पाश कॉलोनी में बना उनका कई (टू, थ्री, फोर या फाइव) स्टार मानिंद बंगला हमेशा गुलज़ार रहता है। उस पर सरकार से मिले खाकी वर्दी वाले की अनवरत तैनाती नेता जी की राजनीतिक पहुंच का भी खुलासा करती नज़र आती है। रोजाना उनके दरबार में मत्था टेकने वाले मजमा लगाए रहते हैं। इतने बड़े नेता हैं तो उनसे मिलने वाले लक्जरी गाड़ियों से ही पहुंचेंगे भी, इसलिए पार्किंग सड़क और खाली पड़े प्लॉट्स में ही होगी! लिहाजा कालोनी वालों को अपने वाहन निकालने तक में पापड़ बेलने पड़ जाते हैं। बोल इसलिए नहीं सकते चूंकि हर गाड़ी पर “झंडा ऊंचा रहे हमारा” जो बुलंद हो रहा है।

खैर, रही सही कसर हाल ही में उनके हैप्पी बर्थडे पार्टी ने पूरी कर दी। सुबह से ही हार्दिक बधाई देने वाले जुटने शुरू हुए तो ये सिलसिला देर रात तक जारी रहा। मालूम करने पर रोचक तथ्य सामने आया कि अधिकतर लक्जरी गाड़ियों के चालान बरसों से जमा तक नहीं किए गए हैं। इनमें ओवर स्पीड, सीट बैल्ट आदि ट्रैफिक रूल्स उल्लंघन के हैं।

हद तो तब हो गई जब हैप्पी बर्थडे पार्टी के बाद कूड़ा करकट देर रात कालोनी में ही एक खाली पड़े प्लॉट के सुपुर्द कर दिया गया। इसमें उपहारों के रैपर, बुके, खाने की डिस्पोजल प्लेट, कटोरी आदि काफी कुछ शामिल रहे। एक जागरूक नागरिक से हासिल फोटो असलियत खुद बयां कर रहे हैं। अगली सुबह लखनऊ नगर निगम की कूड़ा उठाने वाली गाड़ी के आने से पहले तक आवारा पशुओं ने खूब धमाल मचाया और खुलकर कचरा सड़कों पर फैलाया।

चालान जमा न करने पर तीन गुना तक बढ़ सकता है जुर्माना

गौरतलब है कि वाहन का चालान जमा न करने पर जुर्माना तीन गुना तक बढ़ सकता है। इसके अलावा, गाड़ी को ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अगर चालान का भुगतान समय पर नहीं किया जाता, तो मामला वर्चुअल कोर्ट में भेजा जा सकता है। कोर्ट में चालान के पैसे जमा करने के लिए पेश होना पड़ सकता है। कोर्ट चालान के पैसों की रिकवरी के लिए ऑर्डर जारी करेगा। इसके बाद पुलिस रिकवरी करने के लिए एक्शन लेगी। अगर किसी गाड़ी के पहले से पांच चालान कटे हैं, लेकिन 90 दिनों के अंदर जमा नहीं किए तो गाड़ी ब्लैकलिस्ट हो सकती है। ब्लैकलिस्ट होने के बाद वाहन मालिक अपनी गाड़ी का फ़िटनेस, प्रदूषण, ओनरशिप ट्रांसफ़र जैसी कोई भी सुविधा नहीं ले पाएगा। ट्रैफ़िक नियमों का उल्लंघन करने पर ट्रैफ़िक पुलिसकर्मी चालान कर सकते हैं। गाड़ी मालिक या जिसके नाम पर चालान कटा है उसे तय समय के अंदर जुर्माना भरना पड़ता है।

बार बार नियम तोड़ने पर 315 वाहनों पर कड़ी कार्रवाई

पिछले दिनों लखनऊ में सड़क पर चलने के नियमों को बार-बार तोड़ने वाले 315 वाहनों पर बड़ी कार्रवाई की गई। अब ये सभी वाहन तीन माह तक सड़कों पर नहीं दिखेंगे। एआरटीओ प्रशासन प्रदीप कुमार सिंह ने इन वाहनों का पंजीकरण तीन माह के लिए निलंबित कर दिया। पंजीकरण निलंबन के बाद भी यदि वाहन सड़क पर चलता है और कोई घटना होती है तो वाहन स्वामी जिम्मेदार होगा। घटना के संबंध में बीमा क्लेम भी नहीं मिलेगा। राजधानी के विभिन्न चौराहों पर रेड लाइट जंपिंग, बिना हेलमेट दो पहिया वाहन चलाना, बिना सीट बेल्ट चार पहिया वाहन चलाना, नो पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करना, बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट वाला वाहन चलाना, ओवर स्पीडिंग सहित अन्य तरह की गतिविधियां वाहन चालक अक्सर करते रहे हैं। सभी वाहन चालक व वाहन स्वामी यह मानकर चल रहे थे, चालान होने भर से उनका क्या हो जाएगा? चालान जमा कर देंगे।पुलिस उपायुक्त यातायात लखनऊ ने ऐसे वाहनों की निगरानी की, जिन्होंने यातायात नियमों को बार-बार तोड़ा, शहर में सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले 319 वाहन स्वामी चिह्नित हुए, उन सभी पर कार्रवाई करने के लिए एआरटीओ प्रशासन को रिपोर्ट भेजा।
एआरटीओ प्रशासन ने सभी वाहन स्वामियों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा, उनमें से सिर्फ चार लोगों ने कार्यालय पहुंचकर जवाब दिया। उनके जवाब को नियमानुसार सही मानते हुए कार्रवाई नहीं की गई। वहीं, जिन 315 वाहन स्वामियों ने कई चालान के बाद नोटिस का जवाब देना भी उचित नहीं समझा, मोटर वाहन अधिनियम 1988 के तहत प्रावधान का प्रयोग करके ऐसे वाहन स्वामियों का पंजीकरण तीन माह के लिए निलंबित कर दिया गया। एआरटीओ प्रशासन ने यह भी अल्टीमेटम दिया है कि सुधार न होने पर संबंधित वाहन स्वामी का पंजीकरण निरस्त कर दिया जाएगा। (वाहनों की सूची पार्ट~2 में)

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