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तुर्की का उत्पाद बता कर सोशल मीडिया पर किया जा रहा आह्वान

शेयर चैट पर धड़ल्ले से प्रसारित हो रहा भ्रामक संदेश !

cocacola, nestle, ariel, colgate का बहिष्कार?

सोशल मीडिया प्लेटफार्म Share Chat पर एक भ्रामक संदेश प्रसारित हो रहा है! इसमें cocacola, nestle, orio, ariel, colgate आदि उत्पादों को तुर्की का बता कर इनके बहिष्कार का आह्वान किया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि एक सोची समझी रणनीति के तहत सोशल मीडिया प्लेटफार्म शेयर चैट पर ख्वाजा का दीवाना नामक आईडी से उक्त मैसेज फैलाया जा रहा है। दरअसल हाल ही में भारत पाकिस्तान के बीच उत्पन्न माहौल को लेकर देश भर में तुर्की के प्रति नाराजगी बढ़ी है।

AI टूल्स gemini ने बताया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही यह जानकारी गलत है। किसी भी उत्पाद का बहिष्कार करने से पहले उसकी सही जानकारी प्राप्त करना महत्वपूर्ण है। यह चिंताजनक है कि सोशल मीडिया पर इस प्रकार की गलत सूचना फैल रही है। कोका-कोला और नेस्ले, जिनमें किटकैट भी शामिल है, वास्तव में तुर्की के उत्पाद नहीं हैं।

कोका-कोला एक अमेरिकी उत्पाद है। इसका आविष्कार अटलांटा, जॉर्जिया में हुआ था। नेस्ले कंपनी स्विट्जरलैंड की है। इसका मुख्यालय वेवे (Vevey), स्विट्जरलैंड में स्थित है। लेज़, ओरियो और कोलगेट सभी संयुक्त राज्य अमेरिका में उत्पादित होते हैं।

कपड़े धोने का पाउडर एरियल भी तुर्की का उत्पाद नहीं है। यह एक ब्रिटिश ब्रांड है, जिसका स्वामित्व अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी प्रॉक्टर एंड गैंबल (Procter & Gamble) के पास है। इसे बेल्जियम में विकसित किया गया था।

गाजा युद्ध के दौरान तुर्की की संसद ने लिया था निर्णय

बताया गया है कि गाजा युद्ध के दौरान, कुछ भारतीय मुसलमानों ने अमेरिकी और इजरायली उत्पादों का बहिष्कार किया, जिनमें कोका-कोला, नेस्ले और अन्य शामिल थे। यह बहिष्कार फिलिस्तीन पर इजरायल के कार्यों के विरोध में था। वहीं नवंबर 2023 में तुर्की की संसद (Turkey Parliament) ने गाजा (Gaza) में संघर्ष के बीच इजराइल के कथित समर्थन को लेकर दो कंपनियों पर बड़ा फैसला लिया था। तुर्की ने अपने रेस्टोरेंट्स से कोका कोला (Coca Cola) और नेस्ले (Nestle) के प्रोडक्ट को हटा दिया। संसद ने एक बयान में कहा था, ‘यह निर्णय लिया गया है कि इजराइल (Israel) का सपोर्ट करने वाली कंपनियों के प्रोडक्ट संसद परिसर के रेस्टोरेंट्स, कैफेटेरिया और टी हाउसेज में नहीं बेचे जाएंगे।’ स्टेटमेंट में कहा गया कि यह फैसला संसद के अध्यक्ष नुमान कर्टुलमस द्वारा लिया गया।

अब शासन, प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले इस प्रकार के संदेशों पर त्वरित कार्रवाई कर कड़े से कड़े प्रतिबंध लगाएं।

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