newsdaily24

update रहें…हर दम, हर पल

लखनऊ (पंचदेव यादव)। स्टेडियम पुलिस चौकी में सिपाही के साथ मारपीट का मामला और उलझता जा रहा है। वारदात के दो सप्ताह बाद भी हजरतगंज पुलिस मारपीट करने वाले चौथे आरोपी की पहचान नहीं कर सकी है। सूत्रों का कहना है कि घटना के बाद कई पुलिस वाले लगातार कई दिन घटनास्थल पर आते रहे। ये सभी घटना में शामिल युवक के पुलिस अफसर पिता के करीबी बताए जा रहे हैं। उन्होंने घटनास्थल, पुलिस चौकी और हजरतगंज थाने के बीच दुकानों-मकानों के बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज बटोरे और अपने साथ ले गए।

इस मामले में पूर्व आईपीएस व आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने की चौथे आरोपी का नाम सार्वजनिक करने की मांग की है। अमिताभ ठाकुर ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। शुक्रवार को अमिताभ अपने समर्थकों के साथ पुलिस चौकी पहुंचे और मामले की जानकारी ली। हजरतगंज थाने पहुंचकर उन्होंने डीसीपी मध्य आशीष श्रीवास्तव से मुलाकात भी की। उन्होंने चौथे आरोपी का नाम सार्वजनिक करने की मांग की। अमिताभ का दावा है कि घटना के बाद कई अफसरों ने घटनास्थल जाकर छानबीन की और सीसीटीवी रिकॉर्डिंग भी ले गए।

इधर, सूत्रों का कहना है कि घटना में शामिल चौथा युवक जिस इनोवा में सवार था, उसपर नीली बत्ती लगी थी। यही युवक एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का बेटा है, जिसे बचाने के लिए उसके पिता भी कानून की शपथ भूल गए हैं। सूत्र बताते हैं कि नीली बत्ती लगी इनोवा के भीतर ही दारू पार्टी चल रही थी। तेज आवाज में गाना बज रहा था। हंगामा होने पर सिपाही अर्जुन ने उन्हें शांत कराने का प्रयास किया था, जिस कारण उनकी पिटाई की गई। अर्जुन की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज तो दर्ज किया, लेकिन अभी तक चौथे आरोपी की पहचान नहीं कर सकी है। नीली बत्ती लगी इनोवा भी बरामद करने में पुलिस असफल साबित हो रही है।

Posted in , , , ,

Leave a comment