लखनऊ में राष्ट्रीय सामाजिक न्याय महासम्मेलन का आयोजन
नंद, सेन और सविता समाज के तत्वावधान में हुआ कार्यक्रम
विस चुनाव 2027 में अति पिछड़ा जातियों की भागीदारी हो सुनिश्चित
~ विनीत सिन्हा
लखनऊ। राजधानी के सहकारिता भवन में राष्ट्रीय सामाजिक न्याय सम्मेलन का आयोजन नंद, सेन और सविता समाज के तत्वावधान में किया गया। सम्मेलन में अति-पिछड़ी जातियों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य आगामी चुनावों में अति-पिछड़ी जातियों की भागीदारी बढ़ाना रहा। सम्मेलन में लंबित रोहिणी आयोग और केंद्र में नवरत्न समिति की सिफारिशों पर भी चर्चा की गई, जो बुद्धजीवियों की चर्चा का विषय थीं।

सहकारिता भवन में बुधवार को नंद, सेन, सविता, श्रीवास समाज की ओर से अति पिछड़ा वर्ग की जातियों का राष्ट्रीय सामाजिक न्याय महासम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में वक्ताओं ने आगामी विधानसभा चुनाव 2027 में अति पिछड़ा जातियों की भागीदारी सुनिश्चित किए जाने की मांग की। समाज के नेताओं ने अति पिछड़ा आरक्षण को लागू किए जाने पर चर्चा के साथ ही केन्द्र में लंबित रोहिणी आयोग की सिफारिशों को लागू कराने के लिए रणनीति तैयार करने पर चर्चा की।
अति पिछड़ा वर्ग की जातियों के उत्थान पर जोर
इस मौके पर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य अशोक कुमार, कार्यक्रम संयोजक डॉ. गौरव नंद (भाजपा नेता, पूर्व विधानसभा प्रभारी-मऊ) ने अति पिछड़ा वर्ग की जातियों के उत्थान पर अपने विचार रखे। इसके साथ ही सम्मेलन में सतीश पाल, आरडी पाल, संजय सेन, धनश्याम, भानू, महेश पाल, राम प्रकाश समेत बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से बुद्धजीवी पहुंचे।
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