मुरादाबाद मंडल का सनसनीखेज मामला
विश्व दलित परिषद और उसके सहयोगी संगठनों की मुहिम
आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
अनुसूचित जाति की भूमि की अवैध खरीद-फरोख्त
लखनऊ। विश्व दलित परिषद और उसके सहयोगी संगठनों के प्रयासों से मुरादाबाद मंडल में अनुसूचित जाति (SC) के लोगों की कृषि योग्य भूमि को अवैध रूप से खरीदने का मामला सामने आया है। इन संगठनों ने इस गंभीर मुद्दे पर कानूनी कार्रवाई शुरू की है, जिससे कई गांवों में हुई अवैध बिक्री पर रोक लगाने और दोषियों पर कार्रवाई करने की उम्मीद जगी है।

क्या है पूरा मामला?
मुरादाबाद मंडल में कुछ लोग अनुसूचित जाति के सीधे-साधे और गरीब लोगों को बहला-फुसलाकर या धमकाकर उनकी जमीन कम कीमत पर खरीद रहे हैं। यह खरीद-फरोख्त बिना कलेक्टर, मुरादाबाद की अनुमति के की जा रही है, जो कि उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 104 और 105 का सीधा उल्लंघन है। नियमानुसार, अनुसूचित जाति के लोगों की जमीन को गैर-अनुसूचित जाति के लोग कलेक्टर की अनुमति के बिना नहीं खरीद सकते। यदि ऐसा होता है, तो कलेक्टर के पास यह अधिकार है कि वह बेची गई जमीन को राज्य सरकार के अधीन कर दे।
कानूनी कार्रवाई और सफलता
विश्व दलित परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष, भूपेंद्र पाल सिंह चमार साहब, और उनके सहयोगी संगठनों जैसे अखिल भारतीय चमार महार जाटव महासभा और दि चमार रेजीमेंट की ओर से ओंकार सिंह एडवोकेट ने इस मामले में कानूनी प्रक्रिया शुरू की। उन्होंने ग्राम सिरसा इनायतपुर, समाथल, रतनपुर कला, शाहपुर तिगरी, संभल तहसील के मखदुमपुर, फुलसिंगा और अन्य गांवों में हुई अवैध बिक्री के खिलाफ शिकायत दर्ज की।
जांच में ये आरोप सही पाए गए। इसी के परिणामस्वरूप, ग्राम सिरसा इनायतपुर की गाटा संख्या 1209 पर हुई अवैध बिक्री के खिलाफ खरीदार जाहिद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मुकदमा अपर उप जिलाधिकारी, मुरादाबाद के न्यायालय में चल रहा है, जिसका उद्देश्य इस जमीन को सरकार के अधीन करना है। अन्य गांवों में हुई ऐसी ही अवैध बिक्री पर भी कार्रवाई जारी है।
संगठनों की बड़ी कामयाबी
भारतीय लोकतंत्र बचाओ मोर्चा और विश्व दलित परिषद ने इस कानूनी लड़ाई को अपनी एक बड़ी कामयाबी माना है। वर्ल्ड दलित काउंसिल यूथ सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष, हर्षवर्धन सिंह के अनुसार, यदि इस तरह की प्रवृत्ति पर रोक नहीं लगती है, तो दि चमार रेजीमेंट और अखिल भारतीय चमार महार जाटव महासभा अपने सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर पूरे प्रदेश में एक बड़ा आंदोलन करेंगे।
यह कार्रवाई न केवल अनुसूचित जाति के लोगों को भूमिहीन होने से बचाएगी, बल्कि कानून के उल्लंघन करने वालों को भी एक कड़ा संदेश देगी।
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