10 मौत के साथ बिजनौर में ‘गुलदार राज’ की दहशत
अब रिहायशी इलाकों, घरों के बाहर भी हमला कर रहे गुलदार
नाराज भाकियू का डीएफओ कार्यालय पर धरना
वन विभाग: बिजनौर में अभिनव राज या ‘गुलदार राज’
~ सतेंद्र चौधरी
बिजनौर। जनपद बिजनौर में गुलदार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे आम जनता में भारी दहशत है। वर्तमान डीएफओ अभिनव राज के कार्यकाल में अब तक गुलदार के हमलों में करीब 10 लोगों की जान जा चुकी हैं। इनमें से चार मौत तो इसी सप्ताह हुई हैं, जिसने लोगों के आक्रोश को और बढ़ा दिया है। गुलदार अब रिहायशी इलाकों और घरों के बाहर भी हमला कर रहे हैं, जिससे ग्रामीण खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
वन विभाग की उदासीनता से नाराज भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) ने बुधवार को डीएफओ कार्यालय पर धरना शुरू कर दिया। भाकियू के जिलाध्यक्ष नितिन सिरोही ने आरोप लगाया कि वन विभाग के मुखिया अभिनव राज गुलदार और हाथियों की समस्या को लेकर गंभीर नहीं हैं।

न मिलते हैं और न ही कॉल रिसीव करते हैं डीएफओ
धरने पर बैठे नितिन सिरोही ने बताया कि डीएफओ अभिनव राज न तो कार्यालय में मिलते हैं और न ही फोन उठाते हैं। उन्होंने कहा कि जब कोई अधिकारी जनता से संपर्क में नहीं रहेगा, तो वह उनकी पीड़ा को कैसे समझेगा? सिरोही ने अमानगढ़ रेंज की रेंजर पर भी आरोप लगाया कि वह किसानों की समस्या सुनने की बजाय कार्यालय में ताला लगवा देती हैं।
किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि वन विभाग ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो उनका विरोध जारी रहेगा। भाकियू ने मांग की है कि पीड़ित किसानों को तुरंत मुआवजा दिया जाए।
कई क्षेत्र में हाथियों का भी आतंक
नितिन सिरोही ने बताया कि गुलदार के अलावा अफजलगढ़, बढ़ापुर कुंजेटा और इनायतपुर जैसे क्षेत्रों में हाथियों का भी आतंक है। हाथी फसलों और नलकूपों को नुकसान पहुँचा रहे हैं, लेकिन बार-बार सूचित करने के बाद भी पीड़ित किसानों को अब तक कोई मुआवजा नहीं मिला है।
धरने में भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष अतुल बालियान सहित समर पाल सिंह, शुभम चौधरी, डैनी, गौरव जंघाला, कुलबीर सिंह, धर्मपाल सिंह और कपिल भी उपस्थित थे। समाचार लिखे जाने तक धरना जारी था।
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