चुनो ऐसा, जिसको तलाशने न लगाने पड़ें दिल्ली मुंबई के चक्कर
बिजनौर के दारानगर गंज में मजबूत उम्मीदवार की तलाश
पंचायत चुनाव में संचित अग्रवाल की दावेदारी से राजनीतिक सरगर्मी तेज
~भूपेन्द्र निरंकारी
बिजनौर, यूपी – बिजनौर जिले में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर चर्चाएं गर्म हैं। जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत के लिए उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी पेश करना शुरू कर दिया है। इसी बीच, दारानगर गंज पंचायत क्षेत्र में एक खास चेहरे की दावेदारी ने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों की नींद उड़ा दी है।

कैसा हो प्रतिनिधि? जनता की राय
दारानगर गंज के लोग अब एक ऐसे उम्मीदवार की तलाश में हैं जो अपने गांव के विकास पर ध्यान दे सके और हमेशा लोगों के बीच मौजूद रहे। नुक्कड़ चौपाल पर होने वाली चर्चाओं में साफ दिख रहा है कि जनता एक ऐसे चेहरे को चुनना चाहती है, जिसके पास अपनी समस्याएं लेकर दिल्ली-मुंबई के चक्कर न लगाने पड़ें।
लोगों का मानना है कि उनका प्रतिनिधि ऐसा होना चाहिए जो स्थानीय स्तर पर ही उनकी समस्याओं का समाधान कर सके। वे एक ऐसे नेता को चुनना चाहते हैं जो क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित हो, न कि अपने निजी हितों के लिए।

संचित अग्रवाल की दावेदारी
इस चुनावी माहौल में, संचित अग्रवाल का नाम लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। उनकी दावेदारी को लेकर राजनीतिक प्रतिद्वंदियों में खलबली मच गई है। माना जा रहा है कि उनकी उम्मीदवारी से इस क्षेत्र का चुनावी समीकरण बदल सकता है। हालांकि, यह देखना बाकी है कि यह सीट सामान्य, पिछड़ी जाति, महिला या अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होगी।
संचित अग्रवाल के समर्थकों का कहना है कि वह एक मजबूत उम्मीदवार हैं और दारानगर गंज के विकास के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं।
सेवा में परिवार, 20 वर्ष लगातार
गौरतलब है कि ग्राम पंचायत निजामतपुरा के चुनावी समीकरण अभी तक मतदाताओं को असमंजस में डाले हुए थे क्योंकि जितने भी उम्मीदवार अब तक सामने आए वे मतदाताओं के गले नहीं उतर रहे थे। किसी भी उम्मीदवार की क्षेत्र में मजबूत पकड़ नहीं नजर आ रही थी। परंतु अब एक नए दावेदार संचित अग्रवाल एडवोकेट के सामने आने से बाकी उम्मीदवारों के दिलों की धड़कन तेज हो गई हैं क्योंकि संचित अग्रवाल एडवोकेट ग्राम पंचायत निजामतपुरा गंज में एक ऐसा नाम है, जिसकी क्षेत्र में अभूतपूर्व पकड़ है। संचित अग्रवाल एडवोकेट एवं उनके परिवार का क्षेत्र के विकास में बहुत बड़ा योगदान है। वह लोग यहां के मूल निवासी हैं और प्रत्येक वर्ग, धर्म, जाति में उनके परिवार की विशेष पकड़ है। लोग उन्हें भरपूर प्यार और सम्मान प्रदान करते हैं। लोगों के सुख-दुख में काम आते हैं। लगातार 20 वर्षों तक उनके परिवार द्वारा वार्ड के सदस्य के रूप में क्षेत्र की जनता की भरपूर सेवा की गई है। उनकी दावेदारी से संभावित प्रत्याशियों में खलबली मच गई है एवं क्षेत्र की जनता उनकी दावेदारी से खुश है कि क्षेत्र के विकास को एक नए आयाम उनके द्वारा स्थापित किए जाएंगे।

एकमात्र मकसद है क्षेत्र का विकास
संचित अग्रवाल एडवोकेट का कहना है कि यदि ग्राम पंचायत निजामतपुरा की सीट सामान्य हुई तो उनके द्वारा चुनाव लड़ा जाएगा एवं ग्राम पंचायत निजातपुरा के विकास कार्य को पंख दिए जाएंगे। उनका राजनीति में मकसद पैसे कमाना या दलाली करना नहीं है। उनका मकसद है क्षेत्र का विकास करना, जिस विकास से उनके क्षेत्र अभी तक अछूता है। यदि वह ग्राम प्रधान बनते हैं तो क्षेत्र के विकास एवं मूलभूत समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उनका कहना है की राजनीति में आने का उनका मकसद पैसे कमाना नहीं बल्कि सेवा भाव से कार्य करना है। उन्होंने कहा कि यदि वह ग्राम प्रधान बनते हैं तो क्षेत्र से दलाली, गुंडागर्दी को बंद कर क्षेत्र के विकास में चार चांद लगाए जाएंगे। उनका मकसद स्वच्छ एवं स्वस्थ राजनीति के साथ-साथ क्षेत्रवाद, जातिवाद, भाई भतीजावाद और जो लोग पैसे को महत्व देते हैं उन्हें राजनीति से बाहर कर क्षेत्र का संपूर्ण विकास करना है। इसमें सभी का जन सहयोग जरूरी है। उनका कहना है कि पैसे के दम पर चुनाव लड़कर जीतने वाले उम्मीदवारों को उनकी उम्मीदवारी एक आईना दिखाएगी।
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