बिजनौर वासियों के अपमान के खिलाफ बड़े आंदोलन की तैयारी
बिजनौर को गंगा एक्सप्रेसवे से न जोड़ने पर शिवसेना ने जताया कड़ा विरोध
बिजनौर: शिवसेना की बिजनौर जिला इकाई की एक महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को युवा सेना जिला प्रमुख विजय मोहन गुप्ता के रिंग रोड स्थित कैंप कार्यालय/आवास पर आयोजित की गई। इस बैठक में शिवसेना ने उत्तर प्रदेश के गंगा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट में बिजनौर जिले को शामिल न किए जाने पर कड़ा विरोध जताते हुए इसे बिजनौर वासियों का अपमान बताया।

जनप्रतिनिधियों पर साधा निशाना, “कुंभकरण की नींद सोए हुए हैं”
“बैठक को संबोधित करते हुए शिवसेना जिला प्रमुख चौधरी वीर सिंह ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मां भागीरथी गंगा का प्रथम प्रवेश द्वार बिजनौर है, फिर भी बिजनौर को गंगा एक्सप्रेसवे से वंचित किया जा रहा है। चौधरी वीर सिंह ने आरोप लगाया, “बिजनौर के हमारे प्रिय जनप्रतिनिधि अपने निजी कार्यों में व्यस्त हैं और कुंभकरण की नींद सोए हुए हैं। बिजनौर वासियों को गंगा एक्सप्रेसवे से वंचित किया जा रहा है, जिसका शिवसेना पुरजोर विरोध करती है।
“गंगा एक्सप्रेसवे के लिए ‘भारी रणनीति’ बनाकर होगा बड़ा आंदोलन
शिवसेना जिला प्रमुख ने एक्सप्रेसवे के हक के लिए एक बड़े आंदोलन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि शिवसेना शीघ्र ही एक भारी रणनीति बनाकर “सोये हुए जनप्रतिनिधियों को जगाने” का काम करेगी। चौधरी वीर सिंह ने दृढ़ता से कहा, “गंगा एक्सप्रेसवे हम लेकर रहेंगे।” उन्होंने बताया कि इस मांग को लेकर जल्द ही जनपद बिजनौर में एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस आंदोलन में व्यापक जनसमर्थन जुटाने की योजना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस लड़ाई को प्रमुखता से लड़ने के लिए जनपद बिजनौर के सभी साधु-संतों, अधिवक्ता, पत्रकार बंधु, और सभी राजनीतिक दलों/संगठनों को साथ लिया जाएगा। बैठक में उपस्थित रहने वालों में प्रमुख रूप से विजय मोहन गुप्ता, अंतरिक्ष कौशिक, रानू ठाकुर, पदम सिंह एडवोकेट, बबलू कुमार, पेपिंदर एडवोकेट, ऋषि राज एडवोकेट, शशि कुमार और तुषार रस्तोगी आदि शामिल थे।
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