अफजलगढ़ क्षेत्र के स्वयंसेवकों द्वारा एकत्र की गई सहायता
जिलाधिकारी जसजीत कौर ने दिखाई संवेदनशीलता; मानवीय मूल्यों की सराहना की
बिजनौर से पंजाब के बाढ़ पीड़ितों को भेजी ‘ढाई करोड़’ की नकद सहायता और राहत सामग्री
बिजनौर। जिलाधिकारी (DM) श्रीमती जसजीत कौर ने कलेक्ट्रेट परिसर और नुमाइश ग्राउंड चौराहे से पंजाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए एक बड़ी राहत मुहिम के तहत वाहनों को रवाना किया। यह सहायता अफजलगढ़ क्षेत्र के स्वयंसेवकों द्वारा अथक प्रयासों से एकत्र की गई थी। इस राहत सामग्री में लगभग ढाई करोड़ रुपए की नकद धनराशि के साथ-साथ दवाइयों एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं पर आधारित सेवा सामग्री शामिल थी।

“प्राकृतिक आपदा में हमारा सहयोग हमेशा आपके लिए है” – डीएम
राहत सामग्री वाहनों को रवाना करते हुए जिलाधिकारी श्रीमती जसजीत कौर ने प्रभावित लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा, “इस कठिन समय में हमारी संवेदनाएं पीड़ितों के साथ हैं। प्राकृतिक आपदाएं हमारे नियंत्रण से बाहर होती हैं, लेकिन हमारा साथ और सहयोग हमेशा आपके लिए है। “डीएम ने जोर देकर कहा कि इस विपरीत परिस्थिति में भी पूरा समाज एकजुट है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि धैर्य और सामूहिक प्रयास से इस चुनौती का सामना किया जाएगा और प्रभावित क्षेत्र पुनः समृद्धि की ओर बढ़ेंगे।

नि:स्वार्थ सेवा मानवीय मूल्यों का प्रतिबिंब
जिलाधिकारी ने नि:स्वार्थ सहायता करने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ित लोगों की मदद करना मानवीय मूल्यों को बलवती बनाता है। उन्होंने कहा, “इस प्रकार के कार्य मानवीय संवेदना, मानवीय प्रेम व समानता, मानवीय करूणा, दया एवं सहयोग का प्रतिबिंब होते हैं, जो समाज के जीवित, संवेदनशील एवं मानवता के प्रति कर्तव्य परायणता को प्रदर्शित करता है। “उन्होंने स्थानीय समुदाय और सामाजिक संगठनों के सहयोग से नक़द लगभग $2.5 करोड़ की धनराशि और अन्य राहत सामग्री भेजने के इस महान कार्य की भूरी-भूरी सराहना की।

इस अवसर पर राहत कार्य में सक्रिय भूमिका निभाने वाले प्रमुख व्यक्तियों में भाई धर्म सिंह वंशज, बाबा गुरप्रीत सिंह हस्तिनापुर, मलकीत सिंह (अध्यक्ष, अफजलगढ़ गन्ना समिति), सुरेंद्र सिंह प्रधान, सुखदेव सिंह, हरप्रीत सिंह, गुरमुख सिंह, बाबा गुरप्रीत सिंह, गुलजार सिंह, अजमेर सिंह, गुरविंदर सिंह (पूर्व चेयरमैन), भजन सिंह, और बलवंत कंबोज आदि उपस्थित रहे।
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