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बिजनौर: गंगा एक्सप्रेसवे को बिजनौर जिले से होकर निकाले जाने की मांग को लेकर शिवसेना ने जनपद में जन आक्रोश प्रदर्शन किया। शिवसेना जिला प्रमुख चौधरी वीर सिंह के नेतृत्व में शिव सैनिकों और बिजनौर वासियों ने धरना प्रदर्शन किया और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम का ज्ञापन अपर जिलाधिकारी (एडीएम) बिजनौर को सौंपा।

प्रदर्शन के दौरान शिव सैनिकों ने भैंस के आगे बीन बजाकर अपना विरोध दर्ज कराने की योजना बनाई थी, लेकिन अंतिम समय में इस प्रदर्शन को रद्द करना पड़ा और उन्होंने सांकेतिक रूप से बिना भैंस के ही बीन बजाई। चौधरी वीर सिंह ने इसका कारण बताते हुए कहा कि जब हमारे जनपद से गंगा एक्सप्रेसवे को ही चोरी कर लिया गया (यानी रूट बदल दिया गया), तो उन्हें डर था कि कहीं प्रदर्शन के लिए लाई गई भैंस को भी चोरी न कर लिया जाए। इसी डर से भैंस लाने की योजना रद्द कर दी गई।

शिवसेना जिला प्रमुख चौधरी वीर सिंह ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि बिजनौर की भोली-भाली जनता को ठगा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजनौर वासियों को गंगा एक्सप्रेसवे के सपने दिखाए गए, जिन्हें बाहरी जनप्रतिनिधियों ने चूर-चूर करने का काम किया। उन्होंने बिजनौर के चुने हुए जनप्रतिनिधियों की मौनता पर भी सवाल उठाए। वीर सिंह ने चेतावनी दी कि अगर गंगा एक्सप्रेसवे बिजनौर से नहीं निकलता है, तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सबसे पिछड़ा हुआ जिला बिजनौर ही होगा।

इस अवसर पर युवा जिला प्रमुख विजय मोहन गुप्ता ने कहा कि अगर बिजनौर वासियों को गंगा एक्सप्रेसवे नहीं मिला, तो यह संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि आज की यह छोटी सी चिंगारी जल्द ही एक विशाल जन आक्रोश के रूप में पूरे जनपद में फैलेगी और लोग घरों से निकलकर गंगा एक्सप्रेसवे की मांग करेंगे।

इस प्रदर्शन में शिवसेना और अन्य संगठनों के कई कार्यकर्ता शामिल रहे, जिनमें मुकेश लंबा, यश अग्रवाल, अंतरिक्ष कौशिक, शशि कुमार, राहुल वर्मा (प्रदेश अध्यक्ष व्यापारी एकता परिषद), रामगोपाल लंबा, नरेश सैनी, सारिक एडवोकेट, जितेंद्र कुमार, पंकज चौहान, तुषार रस्तोगी, मनु गुप्ता, अवधेश, संजीव शर्मा, आकाश बजरंगी, विशाल कुमार, आकिब राणा एडवोकेट और सुरेंद्र सिंह आदि प्रमुख थे।

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