📸 पीलीभीत टाइगर रिजर्व का बाघ बना ग्लोबल स्टार:
केंद्रीय मंत्री ने वर्चुअल तकनीक से किया दुधवा और पीलीभीत का भ्रमण
विश्वस्तरीय ‘बिग कैट्स फोटोग्राफी’ में UP के जीतेंद्र चावरे को पुरस्कार
लखनऊ। वन्यजीव संरक्षण और फोटोग्राफी के वैश्विक मंच पर उत्तर प्रदेश ने शानदार प्रदर्शन किया है। इंटरनेशनल बिग कैट्स एलायंस (IBCA) द्वारा आयोजित ग्लोबल बिग कैट्स फोटोग्राफी प्रतियोगिता में पीलीभीत टाइगर रिजर्व के एक बाघ की अद्भुत तस्वीर ने पुरस्कार जीता है। फोटोग्राफर जीतेंद्र चावरे को उनकी उत्कृष्ट कलाकृति के लिए नकद राशि के साथ-साथ दुधवा टाइगर रिजर्व में स्थित जागीर मनर में चार दिन और तीन रात रुकने का अवसर प्रदान किया गया। इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि उत्तर प्रदेश के ईको डेस्टिनेशन वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुके हैं।

केंद्रीय मंत्री ने किया पुरस्कार वितरण और ईको-डेस्टिनेशन की सराहना
यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, आर्ट्स माएस्ट्रो और उत्तर प्रदेश इको टूरिज्म विकास बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई थी। वन्य जीव सप्ताह के समापन दिवस, 08 अक्टूबर को नई दिल्ली में हुए समारोह में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सभी विजेताओं को पुरस्कृत किया। इस दौरान अपर महानिदेशक वाइल्ड लाइफ रमेश कुमार पांडेय ने प्रधानमंत्री का संदेश पढ़ा।
पुरस्कार वितरण से पहले, केंद्रीय मंत्री ने एआर-वीआर (ऑगमेंटेड रियलिटी-वर्चुअल रियलिटी) तकनीक के माध्यम से दुधवा टाइगर रिजर्व और पीलीभीत टाइगर रिजर्व का वर्चुअल भ्रमण किया और यहाँ के नैसर्गिक सौंदर्य का काफी देर तक आनंद लिया। उन्होंने इन प्रकृति की विरासतों की सराहना करते हुए समारोह में मौजूद भारत सहित अन्य देशों के फोटोग्राफरों और लोगों को उत्तर प्रदेश के टाइगर रिज़र्व का भ्रमण करने के लिए प्रेरित किया।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह का संदेश:
‘वन्यजीव संरक्षण का सशक्त अभियान’उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने एक वीडियो संदेश में इस आयोजन को वन्यजीव संरक्षण और प्रकृति के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का एक सशक्त अभियान बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश इको-टूरिज्म का एक उभरता हुआ केंद्र है, जहाँ दुधवा, पीलीभीत, कतर्नियाघाट और अमानगढ़ जैसे टाइगर रिज़र्व जैव विविधता की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में वर्ष 2022 में गठित उत्तर प्रदेश इको टूरिज्म विकास बोर्ड की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। यह बोर्ड स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने, पर्यटक सुविधाओं का विकास करने, और राज्य के ईको-टूरिज्म स्थलों को वैश्विक पहचान दिलाने में कार्यरत है।

भारत के बैकड्रॉप और लाइट क्वालिटी की वैश्विक प्रशंसा
प्रतियोगिता में विश्व भर से शेर, चीता, तेंदुआ, जैगुआर और हिम तेंदुआ जैसी विभिन्न बिल्ली प्रजातियों की लगभग 1400 तस्वीरें आईं, जिनमें 70 से अधिक उत्तर प्रदेश की थीं। इस दौरान यह बात सामने आई कि भारत में कॉर्बेट या पीलीभीत से आई तस्वीरों में सबसे खूबसूरत बैकड्रॉप और बेहतरीन लाइट क्वालिटी थी। यह भारत, विशेषकर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड, के नैसर्गिक सौंदर्य को वैश्विक पटल पर श्रेष्ठ साबित करता है। समारोह में भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव, महानिदेशक, उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म विकास बोर्ड के अपर निदेशक प्रखर मिश्रा, अंतरराष्ट्रीय बिग कैट्स एलायंस के प्रेसिडेंट एसपी यादव सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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