10 वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रताड़ना और पेशेवर साजिश के आरोप !
सनसनीखेज घटना ने खड़े किए कई सवाल ?
हरियाणा के ADGP वाई पूरन कुमार की आत्महत्या में नया खुलासा: रिश्वत कांड से जुड़ा तार?
चंडीगढ़, 8 अक्टूबर 2025: हरियाणा के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) वाई पूरन कुमार की आत्महत्या ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। मंगलवार, 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित उनके आवास (मकान नंबर-116) में उन्होंने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। इस घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं, खासकर तब, जब इस मामले में रिश्वतखोरी का एक नया कोण सामने आया है।
रिश्वत के आरोप और गनमैन की गिरफ्तारी
इस मामले में एक महत्वपूर्ण खुलासा हुआ है, जिसका तार सीधा ADGP पूरन कुमार से जुड़ता दिख रहा है:
भ्रष्टाचार का मामला: सूत्रों के अनुसार, आत्महत्या से दो दिन पहले रोहतक के अर्बन एस्टेट थाने में पूरन कुमार के गनमैन सुशील कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार का एक मामला दर्ज हुआ था। सुशील पर एक शराब कारोबारी से हर महीने 2 से 2.5 लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप था। इस मामले में एक ऑडियो क्लिप को आधार बनाते हुए गनमैन सुशील को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सुशील ने दावा किया कि वह यह रिश्वत ADGP पूरन कुमार के निर्देश पर मांग रहा था। मंगलवार शाम को सुशील को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

आत्महत्या की वजह: रिश्वत कांड का दबाव?
पुलिस सूत्रों का मानना है कि गनमैन की गिरफ्तारी और उससे जुड़े आरोपों का दबाव ही पूरन कुमार की आत्महत्या की वजह हो सकता है। चंडीगढ़ पुलिस ने इस दिशा में जांच तेज कर दी है।
वसीयत और अंतिम नोट बरामद: पुलिस ने घटनास्थल से एक वसीयत और अंतिम नोट भी बरामद किया है, जिसके आधार पर पुलिस अन्य सुराग तलाश रही है।
साउंडप्रूफ बेसमेंट में आत्महत्या
आत्महत्या का तरीका भी कई सवाल खड़े करता है:
सुरक्षाकर्मियों को बाहर भेजा: जानकारी के मुताबिक, पूरन कुमार ने आत्महत्या से पहले अपने सभी सुरक्षाकर्मियों को बाहर जाने का निर्देश दिया था। इसके बाद वे अपने घर के साउंडप्रूफ बेसमेंट में गए, एक कुर्सी पर बैठे और अपने PSO की सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। बेसमेंट के साउंडप्रूफ होने के कारण गोली चलने की आवाज बाहर नहीं सुनाई दी। उनके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए चंडीगढ़ के सेक्टर-16 मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भेजा गया।
पत्नी जापान दौरे पर, प्रशासनिक हलकों में शोक
इस घटना ने न केवल पुलिस बल्कि प्रशासनिक हलकों में भी शोक की लहर पैदा कर दी है। पूरन कुमार की पत्नी, IAS अधिकारी अमनीत पी कुमार, वर्तमान में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रतिनिधिमंडल के साथ जापान दौरे पर हैं। उनके परिवार में उनकी पत्नी के अलावा दो बेटियां और वृद्ध मां हैं। बड़ी बेटी अमेरिका में पढ़ती है, जबकि छोटी बेटी चंडीगढ़ में रहती है। घटना की सूचना मिलने के बाद उनकी मां और ससुराल वाले सेक्टर-11 स्थित आवास पर पहुंचे।
पुलिस की गहन जांच जारी
चंडीगढ़ पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है और रिश्वत के आरोप, गनमैन की गिरफ्तारी और पूरन कुमार की आत्महत्या के बीच संबंधों की कड़ी को जोड़ने की कोशिश कर रही है। इस घटना ने हरियाणा पुलिस के आला अधिकारियों के बीच सनसनी फैला दी है।

सुसाइड नोट में वरिष्ठ अधिकारियों पर आरोप !
सुसाइड नोट में कुछ वर्तमान और सेवानिवृत्त पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के नाम लिखे मिली जानकारी मिली है।वाई पूरन कुमार की छवि स्पष्टवादी, ईमानदार और पेशेवर अधिकारी की रही थी, लेकिन करियर में विवाद, दवाब और भेदभाव के आरोप उनके साथ जुड़े रहे।
पुलिस जांच की नवीनतम रिपोर्ट के मुताबिक, ADGP वाई पूरन कुमार की आत्महत्या मामले में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। पुलिस को घटनास्थल से 8-9 पन्नों का सुसाइड नोट और एक वसीयत मिली है। इस सुसाइड नोट में पूरन कुमार ने हरियाणा पुलिस के 10 वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रताड़ना और पेशेवर साजिश के आरोप लगाए हैं। इनमें पूर्व DGP, मौजूदा DGP, ADGP और SP रैंक के अफसर शामिल हैं, हालांकि इन नामों का आधिकारिक खुलासा फिलहाल नहीं किया गया है, क्योंकि पुलिस नोट की फॉरेंसिक जाँच करवा रही है

मानसिक दबाव और ट्रांसफर
सुसाइड नोट में पूरन कुमार ने बेरुखी, ट्रांसफर, वरिष्ठ अधिकारियों के मानसिक उत्पीड़न और भ्रष्टाचार के मामलों का जिक्र किया है। हाल ही में उनका ट्रांसफर PTC सुनारिया, रोहतक किया गया था, जिसे सजा स्वरूप पोस्टिंग माना गया। इस घटनाक्रम और आरोपों के चलते उन पर मानसिक दबाव की बात सामने आ रही है? सूत्रों के अनुसार, तबादले से वह कथित तौर पर नाराज थे और उन्होंने इसे प्रशासनिक अपमान बताया था। सुसाइड नोट में उन्होंने अपनी नौकरी से असंतुष्टि, भेदभावपूर्ण बर्ताव और मानसिक उत्पीड़न का उल्लेख किया है।
फिलहाल जारी है जांच: पुलिस अधिकारी अभी सारा मटेरियल (सुसाइड नोट, वसीयत, ऑडियो क्लिप) की फॉरेंसिक जांच के बाद अगला कदम उठाएंगे। फिलहाल, चंडीगढ़ पुलिस ने रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार, मानसिक उत्पीड़न और अधिकारियों की भूमिका पर गहन जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अधिकारियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं और सभी सबूत सील कर FSL लैब भेजे गए। गनमैन और कारोबारी के बयान अभी जांच के प्राथमिक आधार पर हैं। मामला अब केवल आत्महत्या या भ्रष्टाचार ही नहीं, बल्कि हरियाणा पुलिस तंत्र में शीर्ष स्तर पर दबाव, गुटबाजी और अनुभवजन्य सच्चाइयों को भी उजागर करता दिख रहा है?
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