एकजुटता बनेगी मिसाल, जल्द होगा बड़ा आंदोलन
एक हुए शिवसेना-भाकियू (टिकैत) ताल ठोक कर मैदान में
‘बाहरी जनप्रतिनिधियों ने चुरा लिया एक्सप्रेस~वे’
बिजनौर (भूपेंद्र निरंकारी)। गंगा एक्सप्रेसवे को जनपद बिजनौर से निकाले जाने की मांग को लेकर शिवसेना ने अब भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) का समर्थन प्राप्त कर लिया है। गुरुवार को शिवसेना के जिला प्रमुख चौधरी वीर सिंह की इस मांग को भाकियू (टिकैत) के ब्लॉक अध्यक्ष कल्याण सिंह ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ समर्थन दिया। दोनों संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि बिजनौर वासियों को एक्सप्रेसवे के लाभ से वंचित किया गया, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।

बिजनौर से होकर गुजरना था गंगा एक्सप्रेस~वे
चौधरी वीर सिंह ने आरोप लगाया कि प्रयागराज से लेकर हरिद्वार तक निकाले जाने वाले गंगा एक्सप्रेसवे को मूल रूप से बिजनौर से होकर गुजरना था, लेकिन “बाहरी जनप्रतिनिधियों” ने अपने निजी स्वार्थ के लिए इसे चोरी कर लिया और अब इसे अन्य जनपदों से निकाला जा रहा है। वीर सिंह ने अपनी मांग के पक्ष में तर्क देते हुए कहा कि माँ गंगा स्वयं बिजनौर जनपद में लगभग 100 किलोमीटर तक अपना आशीर्वाद देती हैं, और बिजनौर उत्तर प्रदेश का प्रथम प्रवेश द्वार भी है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ द्वारा भी सदन में बिजनौर से एक्सप्रेसवे निकाले जाने के मुद्दे को प्राथमिकता दी गई थी, लेकिन इन जनप्रतिनिधियों ने बिजनौर वासियों की भावनाओं को आहत किया है, जिसे शिवसेना कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।

समर्थन और आंदोलन की रणनीति
भारतीय किसान यूनियन टिकैत के ब्लॉक अध्यक्ष कल्याण सिंह ने शिवसेना की मांग का पुरजोर समर्थन करते हुए किसानों के हित में इस लड़ाई में साथ रहने का आश्वासन दिया। शिवसेना जिला प्रमुख चौधरी वीर सिंह ने बताया कि वह शीघ्र ही सभी संगठनों और राजनीतिक दलों को एक मंच पर लाएंगे और गंगा एक्सप्रेसवे की मांग को लेकर जनपद बिजनौर में एक बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। यह आंदोलन बिजनौर से एक्सप्रेसवे को निकाले जाने तक जारी रहेगा।
इस मांग पर प्रशासन और सरकार का क्या रुख रहता है, यह जानने के लिए आंदोलन की आगामी रणनीति पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
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