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अयोध्या/लखनऊ, (19 अक्टूबर 2025)। रामनगरी अयोध्या दीपोत्सव 2025 के लिए पूरी तरह तैयार है। इस बार का दीपोत्सव पहले से कहीं अधिक भव्य, दिव्य और ऐतिहासिक होने जा रहा है। आज अयोध्या आस्था, संस्कृति और आधुनिकता के अद्भुत संगम की साक्षी बनेगी। पूरे शहर को दीपों, रंगों और रोशनी से सजाया गया है। रामलला की नगरी हर ओर से उत्सव की ऊर्जा से भर चुकी है। सुबह से रात तक चलने वाला यह आयोजन धार्मिक परंपराओं की गरिमा और तकनीक की चमक का संगम पेश करेगा।

सुबह श्रीराम के जीवन प्रसंगों को झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत करते शोभा यात्रा के साथ उत्सव की शुरुआत हो रही है। दोपहर में रामराज्य की प्रतीकात्मक झलक पेश करते हुए प्रभु श्रीराम का राज्याभिषेक समारोह संपन्न होगा। शाम होते ही सरयू घाटों पर जगमगाएंगे 26,11,101 दीपक, जिनकी सुनहरी रोशनी पूरे आकाश को आलोकित कर देगी। सरयू तट एक बार फिर श्रद्धा और एकता के प्रतीक के रूप में गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड रचने का साक्षी बनेगा। दीपों की यह दिव्यता न केवल अयोध्या को आलोकित करेगी, बल्कि विश्व को भारत की आध्यात्मिक चेतना का संदेश देगी।

राम की पैड़ी पर भगवान श्रीराम का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक समारोह संपन्न होगा। यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि रामराज्य की आदर्श भावना, सत्य, धर्म और न्याय की विजय का दिव्य प्रतीक है। उपस्थित श्रद्धालु इस आयोजन के माध्यम से रामराज्य की वास्तविकता और उसके आदर्शों को महसूस करेंगे। इस समारोह की भव्यता और पावनता अयोध्या के प्रत्येक कोने में श्रद्धा और उल्लास की लहर बिखेर देगी।

दीपोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण तब देखने को मिलेगा जब 56 घाटों पर एक साथ 26 लाख से अधिक दीपक विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों द्वारा प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। सरयू के किनारे यह सुनहरी ज्योति का विशाल सागर गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का एक और ऐतिहासिक प्रयास होगा। यह दृश्य न केवल भव्यता और सौंदर्य में अद्वितीय होगा, बल्कि एकता, श्रद्धा और सामूहिक प्रयास की शक्ति का भी जीवंत प्रदर्शन करेगा। हर दीपक अयोध्या की पवित्रता और भारत की सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनेगा।

संध्या होते ही राम की पैड़ी एक दिव्य मंच में बदल जाएगी। यहां 3D प्रोजेक्शन मैपिंग, लेज़र लाइट और एरियल ड्रोन शो के माध्यम से महाकाव्य रामायण को आकाश में जीवंत किया जाएगा। यह केवल एक प्रस्तुति नहीं, बल्कि भक्ति और डिजिटल नवाचार का अद्भुत संगम होगा। दर्शक इस अनुभव में पूरी तरह डूब जाएंगे और रामायण की गाथा को न केवल देखने, बल्कि महसूस करने का अवसर पाएंगे। यह प्रस्तुति दीपोत्सव को आधुनिकता और परंपरा के संयोजन में एक नई ऊँचाई प्रदान करेगी।

दिनभर के भव्य आयोजन का समापन रामकथा पार्क में होगा, जहां रामलीला मंचन, भजन संध्या और दीपोत्सव प्रतियोगिताओं के विजेताओं का सम्मान किया जाएगा। इस सांस्कृतिक संध्या में उपस्थित लोग न केवल रामकथा के माध्यम से आध्यात्मिक अनुभूति करेंगे, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत की विविधता और सुंदरता का आनंद भी उठाएंगे। यह समापन समारोह दीपोत्सव को यादगार बनाने और श्रद्धालुओं की भावनाओं को प्रफुल्लित करने का अंतिम माध्यम होगा।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, “अयोध्या का दीपोत्सव केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि भारत की सनातन आत्मा और संस्कृति का प्रतिबिंब है। इस वर्ष का दीपोत्सव भक्ति, श्रद्धा और तकनीक के माध्यम से पूरी दुनिया के लोगों को जोड़ने का अवसर बनेगा। यह आयोजन रामराज्य की सच्ची भावना को जीवंत करते हुए अयोध्या को फिर से भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी के रूप में प्रस्तुत करेगा।”

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