सहयोगी शिक्षकों ने समारोहपूर्वक दी थी विदाई
रिटायर्ड अध्यापक को मृत दर्शाकर बेटे ने झटक ली नौकरी
बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद में एक सहायक अध्यापक पर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र दाखिल कर मृतक आश्रित कोटे के तहत नौकरी पाने का गंभीर आरोप लगा है। बताया गया है कि शिक्षक ने अपने सेवानिवृत्त पिता को मृत दर्शाकर यह नियुक्ति पाई। शिकायत के बाद, दस्तावेजों की गहन जाँच कर आरोपी शिक्षक पर सख्त कार्यवाही की माँग की गई है।
फर्जी दस्तावेजों से मृतक आश्रित कोटे में नियुक्ति!
यह मामला बेसिक शिक्षा विभाग जनपद बिजनौर के विकास क्षेत्र अफजलगढ़ के कंपोजिट स्कूल रामनगर गोसाई से जुड़ा है। यहां कार्यरत सहायक अध्यापक अखिलेश कुमार ने 04 दिसंबर 1996 को मृतक आश्रित कोटे के तहत अनुकंपा के आधार पर शिक्षक की नियुक्ति प्राप्त की थी। शिकायत के अनुसार, अखिलेश कुमार ने यह नियुक्ति अपने पिताजी स्वर्गीय रामचंद्र सिंह, जो प्राथमिक विद्यालय शहजादपुर प्रथम में मुख्याध्यापक थे, के मृतक आश्रित अनुकम्पा के रूप में प्राप्त की है।

सेवानिवृत्ति की तिथि पर गंभीर सवाल?
अखिलेश कुमार पर शासन-प्रशासन के साथ धोखाधड़ी करके अनुकंपा के आधार पर शिक्षक की नियुक्ति पाने का आरोप है।शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि संबंधित अधिकारी इस मामले को दबाने में क्यों लगे हैं और आरोपी अध्यापक के खिलाफ कोई कार्यवाही क्यों नहीं कर रहे हैं, जो स्वयं में जांच का विषय है। फिलहाल, इस पूरे मामले में पुनः शिकायत दर्ज कराई गई है, जिससे यह उम्मीद है कि अब दस्तावेजों की गहन जाँच कर उचित कार्यवाही की जाएगी।
मूल आपत्ति: आरोप है कि उनके पिता रामचंद्र सिंह अपनी शिक्षण सेवा से 01 जुलाई 1996 को सेवानिवृत्त हो गए थे, न कि सेवा के दौरान उनकी मृत्यु हुई थी।
सवाल: यदि पिता 01 जुलाई 1996 को सेवानिवृत्त हो चुके थे, तो बेटे अखिलेश कुमार ने सिर्फ पाँच महीने बाद (04 दिसंबर 1996) मृतक आश्रित कोटे के तहत शिक्षक पद पर नियुक्ति कैसे प्राप्त कर ली?
उस समय के जीवित अध्यापकों से मिल सकती है जानकारी!
शिकायत में यह दावा किया गया है कि जिस समय रामचंद्र सिंह का रिटायरमेंट हुआ था, उस समय विद्यालय में नसीम अहमद, मिश्री सिंह, और संजीव कुमार सहायक अध्यापक के रूप में तैनात थे। शिकायतकर्ता का कहना है कि रामचंद्र सिंह का विदाई समारोह भी किया गया था, और उस समय तैनात तीनों अध्यापक आज भी जीवित हैं तथा उनसे इस संबंध में जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

मुख्य आरोप: अखिलेश कुमार पर अपने पिता का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर शासन-प्रशासन को गुमराह कर अनुकंपा के आधार पर नौकरी पाने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
मामला दबा रहे उच्चाधिकारी!
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस गंभीर विषय के संबंध में बेसिक शिक्षा विभाग जनपद बिजनौर और खंड शिक्षा कार्यालय अफजलगढ़ को मुख्यमंत्री पोर्टल पर कई बार लिखित शिकायत दी गई, लेकिन संबंधित अध्यापक पर कोई कार्यवाही नहीं हुई!
Leave a comment