एक्सपायरी डेट बदलकर बिक रहे थे खाने-पीने के सामान
4 नामी आउटलेट सील
लखनऊ की सबसे बड़ी कार्रवाई
टुंडे कबाबी और करीम्स से भी लिए गए नमूने
UP में फूड इमरजेंसी! लुलु मॉल सहित 7 बड़े मॉल्स पर FDSA की रेड
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई हुई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDSA) की प्रदेश स्तरीय टीमों ने राजधानी लखनऊ के सात प्रमुख शॉपिंग मॉल्स – लुलु, पलासियो, फीनिक्स, सिनेपोलिस, एमरल्ड, वेव और फोनिक्स – के फूड कोर्ट्स में एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की।
जांच में सामने आया कि कई नामी फूड आउटलेट्स में ग्राहकों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा था। सबसे गंभीर अनियमितता यह पाई गई कि कुछ प्रतिष्ठान एक्सपायर्ड प्रोडक्ट्स की लेबलिंग और मैन्युफैक्चरिंग डेट को बार-बार बदलकर उन्हें बेच रहे थे।

लुलु मॉल का फूड सेक्शन बंद
FDSA की टीमों ने लुलु हाइपर मॉल के फूड सेक्शन में लाइसेंस की गड़बड़ी के साथ-साथ यह बड़ा खेल पकड़ा कि जब तक सामान बिक न जाए, तब तक एक्सपायरी डेट का लेबल बदलकर काम चलाया जा रहा था। इस गंभीर उल्लंघन पर FDSA ने लुलु हाइपर मॉल का पूरा फूड सेक्शन तुरंत बंद करा दिया।

गंदगी और बिना लाइसेंस पर एक्शन
छापेमारी में हाइजीन और लाइसेंस की अनियमितता पर भी सख्त कार्रवाई की गई: कुल मिलाकर, गंदगी, लाइसेंस की अनियमितता और खराब हाइजीन के चलते चार बड़े फूड आउटलेट्स का कारोबार तत्काल प्रभाव से बंद कराया गया।

बड़े रेस्टोरेंट्स पर भी गिरी गाज:
टीमों ने दर्जनों बड़े रेस्टोरेंट्स और आउटलेट्स से नमूने लिए। इनमें टुंडे कबाबी, चिलीज़, करीम्स, स्काई ग्लास, रॉयल कैफे, मोती महल और छप्पन भोग जैसे नामी प्रतिष्ठान शामिल हैं, जिनके खाद्य पदार्थों के नमूने गुणवत्ता जांच के लिए भेजे गए हैं।
इसके अलावा, केएफसी (पलासियो और वेव मॉल), बरिस्ता, बीकानेर वाला और नाथूज सहित कई आउटलेट्स को गंदगी और संचालन में सुधार लाने के लिए सुधार नोटिस जारी किए गए हैं।
FDSA के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और ग्राहकों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले किसी भी प्रतिष्ठान को बख्शा नहीं जाएगा।
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