इंसाफ की चौखट पर आदित्य राणा की विधवा
ससुरालियों द्वारा उत्पीड़न, हड़पी गई संपत्ति
पुलिस प्रशासन पर पक्षपात और अभद्रता के गंभीर आरोप
खाकी ने ठुकराया, महिला डीएम ने समझा विधवा का दर्द
बिजनौर। (सतेंद्र चौधरी) कुख्यात अपराधी रहे आदित्य राणा की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद अब उसकी पत्नी स्वदेशना राजकुमारी उर्फ गुड्डू इंसाफ के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। पीड़िता ने अपने ससुराल पक्ष पर मारपीट, मानसिक उत्पीड़न और करोड़ों की पुश्तैनी संपत्ति से बेदखल करने के संगीन आरोप लगाए हैं। स्थानीय पुलिस द्वारा सुनवाई न होने पर पीड़िता ने जिलाधिकारी (DM) जसजीत कौर और पुलिस अधीक्षक (SP) के समक्ष पेश होकर सुरक्षा और हक की गुहार लगाई है।

संपत्ति पर कब्जे और पेड़ बेचने का विवाद
पीड़िता स्वदेशना राजकुमारी (निवासी ग्राम राना नंगला, हाल निवासी युसूफपुर हमीदपुर) ने बताया कि वर्ष 2015 में उसका विवाह आदित्य चौधरी उर्फ आदित्य राणा के साथ हुआ था। आरोप है कि पति की मृत्यु के बाद उसके जेठ चंद्रवीर उर्फ बिट्टू (ग्राम प्रधान), ननद (होमगार्ड) और ससुर ने मिलकर उसे वैवाहिक घर से निकाल दिया है।

पीड़िता के अनुसार:
- भूमि विवाद: ससुर की 24 बीघा जमीन में से आदित्य के हिस्से की 12 बीघा जमीन पर जेठ ने अवैध कब्जा कर लिया है।
- आर्थिक नुकसान: खेत में खड़े करीब 7 लाख रुपये के पेड़ बेच दिए गए, जिसकी एक पाई भी विधवा को नहीं दी गई। अब पुनः बचे हुए पेड़ों को काटने की तैयारी चल रही है।
- हवेली से बेदखली: पुश्तैनी हवेली और गन्ने की फसल पर भी ससुराल पक्ष ने अपना एकाधिकार कर लिया है।
खाकी पर गंभीर सवाल: “बिना महिला कांस्टेबल के ले गई पुलिस”

स्वदेशना ने स्योहारा पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न चिन्ह खड़े किए हैं। पीड़िता का आरोप है कि उसका जेठ ग्राम प्रधान है और ननद विभाग में ही होमगार्ड है, जिसके चलते पुलिस उसे ही प्रताड़ित कर रही है।
“जब मैंने 1076 पर शिकायत की, तो पुलिस आई लेकिन मुझे ही बिना किसी महिला कांस्टेबल के जबरन गाड़ी में बैठाकर नूरपुर ले जाया गया। मेरे भाई सोनू को भी झूठे केस में फंसाकर जेल भेज दिया गया।”
संघर्ष और डर का साया
पीड़िता का कहना है कि जब भी वह अपना हक मांगने ससुराल जाती है, तो उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज की जाती है। पति के जेल जाने के बाद से ही उस पर दबाव बनाया जा रहा था, और अब उनकी मृत्यु के बाद उसे पूरी तरह बेसहारा छोड़ दिया गया है।
अधिकारियों का आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी जसजीत कौर ने पीड़िता को धैर्यपूर्वक सुना और उचित कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मामले की निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए हैं ताकि एक विधवा महिला को उसका कानूनी अधिकार मिल सके।
पृष्ठभूमि: बता दें कि आदित्य राणा बिजनौर का एक कुख्यात नाम था, जिस पर हत्या और लूट जैसे 43 से अधिक मामले दर्ज थे, 2.5 लाख का इनामी आदित्य राणा 11 अप्रैल 2023 को स्योहारा क्षेत्र के बुढ़नपुर में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। उसकी मौत के बाद अब संपत्ति और हक की यह जंग सड़क से लेकर प्रशासन के गलियारों तक पहुंच गई है।
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