योगी सरकार की पहल: परेड ग्राउंड से छिवकी स्टेशन तक स्थापित हुए हाई-टेक केंद्र
प्रयागराज में 20 लाख श्रद्धालु उठा चुके हैं लाभ: जयवीर सिंह
माघ मेला 2026: आस्था और आधुनिक सुविधाओं का संगम, पर्यटन सूचना केंद्र बने श्रद्धालुओं के ‘सारथी’
~ शैली सक्सेना
प्रयागराज/लखनऊ, (8 जनवरी, 2026)। संगम नगरी प्रयागराज में माघ मेला 2026 अपनी दिव्यता और भव्यता के साथ गतिमान है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘भव्य और सुरक्षित मेला’ के विजन को धरातल पर उतारते हुए, इस बार श्रद्धालुओं की सहायता के लिए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने विशेष पहल की है। मेले के प्रमुख केंद्रों पर स्थापित अस्थायी पर्यटन सूचना केंद्र श्रद्धालुओं के लिए सबसे बड़े मददगार साबित हो रहे हैं। 3 जनवरी से शुरू हुए मेले में अब तक लगभग 20 लाख श्रद्धालु इन केंद्रों से जानकारी प्राप्त कर चुके हैं।

इन चार प्रमुख स्थानों पर मिल रही है सहायता
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुगमता के लिए शहर और मेला क्षेत्र के चार रणनीतिक स्थानों पर ये केंद्र संचालित हैं:

- परेड ग्राउंड (मुख्य मेला क्षेत्र)
- नागवासुकी मंदिर परिसर
- प्रयागराज छिवकी जंक्शन रेलवे स्टेशन
- अरैल घाट (यमुना तट)

सूचना केंद्रों की मुख्य विशेषताएं: एक छत के नीचे सारी जानकारी
इन केंद्रों को मात्र एक डेस्क न बनाकर एक ‘कंपलीट गाइडेंस हब’ के रूप में विकसित किया गया है। यहाँ निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं:
बहुभाषी सहायता: श्रद्धालुओं को हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में सूचनात्मक पुस्तिकाएं (Booklets) दी जा रही हैं।
डिजिटल डिस्प्ले: बड़ी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से सुरक्षा, स्वच्छता और मेला रूट के वीडियो दिखाए जा रहे हैं।
सेक्टर मैप: मेले के जटिल भूगोल को समझाने के लिए विस्तृत सेक्टर मैप लगाए गए हैं, ताकि लोग भटकें नहीं।
आवास की जानकारी: पंजीकृत पेइंग गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं की सूची भी यहाँ उपलब्ध है। टूरिस्ट गाइड: प्रशिक्षित गाइडों की सूची दी जा रही है ताकि विदेशी और बाहरी पर्यटक सांस्कृतिक महत्व को समझ सकें।

“श्रद्धालुओं की संतुष्टि ही हमारा लक्ष्य” — जयवीर सिंह
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, इस वर्ष मेले में 12 से 15 करोड़ लोगों के आने का अनुमान है। उन्होंने कहा, “योगी सरकार माघ मेले को न केवल धार्मिक, बल्कि एक विश्वस्तरीय पर्यटन अनुभव के रूप में प्रस्तुत कर रही है। हमारा उद्देश्य हर आगंतुक को सुरक्षित और यादगार अनुभव देना है।”
वहीँ, प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति, मुकेश मेश्राम ने बताया कि कुंभ 2025 की वैश्विक सफलता के बाद अब माघ मेला 2026 उत्तर प्रदेश की ‘अतिथि देवो भव:’ की परंपरा को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है।
विशेष: इन केंद्रों पर न केवल प्रयागराज, बल्कि उत्तर प्रदेश के अन्य पर्यटन स्थलों (जैसे अयोध्या, काशी, मथुरा) की भी जानकारी उपलब्ध है, जिससे प्रदेश के समग्र पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है।
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