48 लाख आवेदनों से संतुष्ट नहीं आयोग
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने चुनाव आयोग को भेजा प्रस्ताव
मतदाता सूची पुनरीक्षण: 6 फरवरी को खत्म नहीं होगा समय, बढ़ सकती है दावे और आपत्तियों की अंतिम तिथि
लखनऊ | newsdaily24 ब्यूरो | उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रदेश में दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि, जो वर्तमान में 6 फरवरी निर्धारित है, उसे दो सप्ताह से लेकर एक माह तक बढ़ाया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, चुनाव आयोग जल्द ही इसकी आधिकारिक घोषणा कर सकता है।
क्यों बढ़ाई जा रही है समय सीमा?
चुनाव आयोग द्वारा समयसीमा बढ़ाने के पीछे मुख्य कारण उम्मीद से कम आए आवेदन और लंबित सुनवाई है।
* लक्ष्य से पीछे: अब तक प्रदेश में मात्र 48 लाख लोगों ने ही मतदाता बनने के लिए फॉर्म-6 भरा है, जो आयोग की अपेक्षाओं से काफी कम है।
* नोटिस और सुनवाई का दबाव: प्रदेश में तार्किक विसंगतियों वाले करीब 2.22 करोड़ मतदाता हैं, जिन्हें नोटिस जारी कर सुनवाई की जानी है। इसके अतिरिक्त 1.04 करोड़ मतदाता ऐसे हैं जिनका रिकॉर्ड 2003 की सूची से मेल नहीं खा रहा है।

सुनवाई की रफ्तार बेहद धीमी, केवल 7% मामलों का निपटारा
आंकड़ों पर नज़र डालें तो मतदाता पुनरीक्षण की प्रक्रिया अभी कछुआ गति से चल रही है:
* नोटिस की स्थिति: कुल ज़रूरी नोटिसों में से अब तक मात्र 1.7 करोड़ नोटिस ही जारी किए जा सके हैं।
* बीएलओ की रिपोर्ट: इनमें से केवल 80 लाख नोटिस ही बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) द्वारा मतदाताओं तक पहुँचाए गए हैं।
* सुनवाई का आंकड़ा: सबसे चिंताजनक बात यह है कि अब तक केवल 22 लाख मामलों की ही सुनवाई हो सकी है, जो कुल लक्ष्य का मात्र 7 प्रतिशत है।
अंतिम प्रकाशन की तारीख भी खिसकेगी
वर्तमान कार्यक्रम के अनुसार, सुनवाई की अंतिम तिथि 27 फरवरी और मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तिथि 6 मार्च तय है। यदि समयसीमा बढ़ती है, तो:
* सुनवाई का समय: दावे और आपत्तियों के निस्तारण का समय मार्च मध्य तक जा सकता है।
* अंतिम सूची: मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन अब मार्च के अंत या अप्रैल के पहले सप्ताह में होने की प्रबल संभावना है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) का कदम
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर समय बढ़ाने का आग्रह किया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश की विशाल जनसंख्या और वर्तमान लंबित आवेदनों को देखते हुए निर्धारित समय में कार्य पूर्ण करना चुनौतीपूर्ण है।
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विशेष गाइड: घर बैठे कैसे बनें मतदाता? जानें फॉर्म-6 भरने की पूरी प्रक्रिया
अगर आपकी उम्र 18 वर्ष पूरी हो चुकी है या आपका नाम अभी तक मतदाता सूची में नहीं है, तो समयसीमा बढ़ने का इंतज़ार न करें। newsdaily24 आपको बता रहा है कि आप डिजिटल माध्यम से कैसे आवेदन कर सकते हैं:
1. ऑनलाइन पोर्टल या ऐप का उपयोग करें
* सबसे पहले चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट voters.eci.gov.in पर जाएं।
* या फिर अपने स्मार्टफोन पर ‘Voter Helpline App’ डाउनलोड करें।
2. पंजीकरण (Registration)
* ‘New Voter Registration’ पर क्लिक करें।
* अपना मोबाइल नंबर डालें और ओटीपी (OTP) के जरिए लॉग-इन करें।
3. फॉर्म-6 (Form-6) भरें
* व्यक्तिगत विवरण: अपना नाम, जन्मतिथि और लिंग की जानकारी भरें।
* पता: अपने वर्तमान निवास का पूरा पता लिखें।
* दस्तावेज़ अपलोड करें: * पहचान पत्र: आधार कार्ड, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस।
* निवास प्रमाण: बिजली बिल, पानी का बिल या आधार कार्ड।
* फोटो: अपनी एक पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो अपलोड करें।
4. सबमिट और ट्रैकिंग
* सभी जानकारी जाँचने के बाद ‘Submit’ बटन दबाएं।
* आपको एक Reference ID मिलेगी। इसे संभाल कर रखें, ताकि आप बाद में अपने आवेदन की स्थिति (Status) चेक कर सकें।
महत्वपूर्ण बातें:
* बीएलओ (BLO) वेरिफिकेशन: आपके आवेदन के बाद बीएलओ आपके घर आकर जानकारी की पुष्टि करेगा।
* कोई शुल्क नहीं: यह प्रक्रिया पूरी तरह से निःशुल्क है। किसी भी व्यक्ति को इसके लिए पैसे न दें।
क्यों ज़रूरी है इस बार नाम जुड़वाना?
इस बार मतदाता सूची का ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ हो रहा है। पुरानी सूचियों की विसंगतियों को दूर किया जा रहा है, इसलिए यह सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि आपका नाम सही तरीके से दर्ज हो ताकि आने वाले चुनावों में आप अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
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