FASTER सिस्टम से अब जमानत मिलने के बाद कैदियों की रिहाई प्रक्रिया होगी और तेज

नई दिल्ली (एजेंसी) देश में अब जमानत मिलने के बाद कैदियों की रिहाई प्रक्रिया और तेज हो जाएगी। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट मुख्य न्यायधीश एनवी रमणा आज फास्ट एंड सिक्योर ट्रांसमिशन आफ इलेक्ट्रानिक रिका‌र्ड्स को लॉन्च करेंगे। बताया गया है कि मुख्य न्यायाधीश FASTER सॉफ्टवेयर को वर्चुअली लॉन्च करेंगे। कार्यक्रम में CJI समेत सुप्रीम कोर्ट के अन्य जज और सभी हाईकोर्ट के जज शामिल होंगे। इस सिस्टम के आने के बाद कैदियों को जमानत के दस्तावेजों की हार्ड कॉपी के जेल प्रशासन तक पहुंचने का इंतजार नहीं करना होगा।

सितंबर 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अपने आदेशों को संबंधित पक्षों तक पहुंचाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन के सिस्टम को लागू करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने आदेश देते समय जमानत मिलने के बावजूद कैदियों को जेल से रिहाई में होने वाली देरी पर चिंता जताई थी। FASTER के जरिए अदालत के फैसलों की तेजी से जानकारी मिल सकेगी और उस पर तेजी से आगे की कार्यवाही संभव हो सकेगी।

इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स या फास्टर का तेज और सुरक्षित ट्रांसमिशन जेलों में ड्यूटी-होल्डर्स को अंतरिम आदेशों, जमानत आदेशों, स्थगन आदेशों और कार्यवाही के रिकॉर्ड की ई-प्रमाणित प्रतियों को भेजने में मदद करेगा, ताकि एक सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन चैनल के माध्यम से अनुपालन और उचित निष्पादन हो सके। पिछले साल मुख्य न्यायाधीश एनवी रमणा, न्यायमूर्ति नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की तीन सदस्यीय पीठ ने राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों, जेल विभागों और अन्य संबंधित अधिकारियों को ई-प्रमाणित प्रतियों को स्वीकार करने के लिए जेलों में व्यवस्था करने का निर्देश दिया था।

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