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बिजनौर। विद्युत विभाग के अधिकारियों की हीलाहवाली के चलते चार साल पहले कागजों पर कनेक्शन कटे दो नलकूप अब भी लगातार पानी उगल रहे हैं। वास्तव में इसे लापरवाही की पराकाष्ठा ही कहा जाएगा कि विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश व निर्देश का पालन कराने में कनिष्ठ अधिकारी कर्मचारी फेल साबित हो गए।

दअरसल दो भाइयों ने 15 जुलाई 2016 को 7.5 हॉर्स पावर के दो अलग निजी नलकूप फर्जी तरीके से लगवा लिए। जिस गांव की जमीन के कागजात के आधार पर कनेक्शन स्वीकृत हुए, नलकूप वहां न लगवा कर दूसरे गांव में, वो भी दूसरे की जमीन पर लगा लिए। एक साल बाद शिकायत हुई तो जांच के आदेश कछुआ चाल से चलते रहे। चार साल पहले दोनों नलकूपों के कनेक्शन काटे गए, लेकिन सिर्फ कागजों पर! दोनों ही कनेक्शन आज भी बदस्तूर धड़ल्ले से चल रहे हैं। विभागीय आदेश के अनुपालन में सामान विभागीय भंडार गृह में जमा नहीं कराया गया। इनके द्वारा खपत की जा रही बिजली के बिल की भरपाई कौन करेगा? मामले की शिकायत तहसील दिवस में की गई है।

सेवानिवृत्त पोस्ट मास्टर की शिकायत~ जानकारी के अनुसार 04 दिसंबर 2017 को ग्राम सदूपुरा निवासी सेवानिवृत्त पोस्ट मास्टर सोमदत्त ने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक से लिखित शिकायत करते हुए बताया कि ग्राम फरीदपुर सल्लू स्थित 100 बीघा जमीन में से 48 बीघा का बैनामा कराया था। दाखिल खारिज की कार्रवाई के दौरान रफीक अहमद पुत्र अब्दुल हमीद, नफीस अहमद पुत्रगण अब्दुल हमीद अहमद निवासी ग्राम सद्पुरा ने एतराज किया, जिसका मुकदमा रेवन्यु बोर्ड तक चला। हालांकि बाद में दाखिल खारिज भी हो गया। सेवानिवृत्त पोस्ट मास्टर सोमदत्त की शिकायत के अनुसार उक्त दोनों ने बिजली स्वीकृत कराई ग्राम सदुपुरा की जमीन के लिए जबकि जिस जमीन पर प्रार्थी के बोरिंग में नलकूप लगाया, वह फरीदपुर सल्लु में है। इस प्रकार रफीक अहमद व नफीस अहमद ने जालसाजी, हेराफेरी व झूठा शपथ पत्र देकर बिजली कनेक्शन ले लिया ताकि प्रार्थी की जमीन पर मालिकाना हक जाहिर कर सके। सरकारी विभागों में प्रार्थना पत्र घूमता रहा। फिर 03 फरवरी 2018 को उपखंड अधिकारी विद्युत वितरण उपखण्ड द्वितीय बिजनौर जसवीर सिंह ने 33/11 केवी उपकेंद्र गंज के अवर अभियंता बहराम सिंह को उक्त दोनों कनेक्शन गलत स्थान पर संचालित होने की जानकारी देते हुए अविलंब उतारने और अवगत कराने के निर्देश दिए।

तीन दिन में मांगी थी रिपोर्ट~ इसके बाद विद्युत वितरण खण्ड बिजनौर के तत्कालीन अधिशासी अभियन्ता किताब सिंह ने 09 अप्रैल 2018 को निजी नलकूप संख्या 225/5027/130124 के लिए रफीक अहमद व निजी नलकूप संख्या 225/5027/130125 के लिए नफीस अहमद पुत्रगण हमीद निवासी ग्राम सदूपुरा बिजनौर को नोटिस जारी किया। इसमें कहा गया कि उनके द्वारा दिनांक 15 जुलाई 2016 को सामान्य योजना के अन्तर्गत 7.5 हॉर्स पावर के उक्त दो निजी नलकूप हेतु अनुबन्ध किया गया था। शिकायत प्राप्त होने पर जांच में पाया गया कि उनके द्वारा फर्द ग्राम सदुपुरा की लगायी गयी है जबकि निजी नलकूप ग्राम फरीदपुर सल्लू में स्थापित किए गए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि उनके द्वारा विभाग को गुमराह करके संयोजन प्राप्त किया गया है। यह भी कहा कि पत्र प्राप्ति के 03 दिन के अन्दर स्पष्ट करें कि उनके द्वारा गलत फर्द क्यों लगायी गयी हैं,अन्यथा उनके विरूद्ध कानूनी कार्यवाही करते हुए संयोजन निरस्त कर दिया जायेगा।

अधिशासी अभियंता के निर्देश ताक पर~ 17 मई 2018 को तत्कालीन अधिशासी अभियंता ब्रह्मपाल ने उक्त दोनों कनेक्शन काटने के संबंध में कार्यालय से पत्र जारी किया। उपखंड अधिकारी विद्युत वितरण उपखण्ड द्वितीय बिजनौर को उक्त दोनों कनेक्शन काटने और नलकूप की समस्त सामग्री उतारकर विभागीय भंडार गृह में जमा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल बिजनौर के साथ ही उक्त दोनों कनेक्शन धारकों को भी इसकी एक प्रति सूचनार्थ भेजी। अब किसी प्रकार दोनों नलकूपों के कनेक्शन कट तो गए, लेकिन सिर्फ कागजों पर! असलियत में दोनों ही कनेक्शन आज तक बदस्तूर धड़ल्ले से चल रहे हैं। आज तक अधिशासी अभियंता ब्रह्मपाल के आदेश के अनुपालन में सामान विभागीय भंडार गृह में जमा नहीं कराया गया। एक बात और विचारणीय है कि तकरीबन चार साल से जिन दो निजी नलकूप का कनेक्शन कथित रूप से कटा हुआ है, उनके द्वारा खपत की गई बिजली के बिल का भुगतान कौन और कब करेगा? साथ ही विभाग के राजस्व की भरपाई कौन करेगा?

दोनों ही भाइयों के खिलाफ दर्ज हैं कई केस- उक्त दोनों ही भाई शातिर किस्म के बताए जाते हैं। उनके खिलाफ वर्ष 1987 से लेकर 2019 तक कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या, जान से मारने की धमकी, फ्राड आदि के थाना शहर कोतवाली में आठ व थाना स्योहारा में एक मुकदमा शामिल है।

SDO ने भी माना… सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायत को सुन कर एसडीओ विद्युत वितरण खंड प्रथम बिजनौर प्रदीप कुमार ने 27 मई 2022 की निस्तारण रिपोर्ट में बताया था कि एसडीओ विद्युत वितरण खंड द्वितीय, बिजनौर सचिन रस्तोगी द्वारा 25 मई 2022 को दी गई जांच आख्या के अनुसार 7.5-7.5 हार्सपावर के उक्त दोनों ट्यूबवेल संचालित हैं और करीब पांच वर्ष पूर्व डिस्मेंटल किए जाने के आदेश के बावजूद बिजली चोरी कर ये ट्यूबवेल चलाए जा रहे हैं।

पुलिस की ओर से नहीं दी जा रही सुरक्षा? 27 मई 2022 और 18 अगस्त 2022 को पीड़ित द्वारा समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र दिया गया। दोनों बार ही विद्युत विभाग के अधिकारियों ने पुलिस तथा प्रशासन से उक्त मामले में सहयोग मांगा। आरोप है कि एक बार भी सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई। अब पीड़ित ने एक बार फिर समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है।

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