शासन ने कन्या सुमंगला योजना में बेहतर क्रियान्वयन के लिये किये कुछ संशोधन
बालिकाओं को स्वावलंबी बनाने, सकारात्मक सोच विकसित करने व बेटी बचाओ, बेटी पढाओ की अवधारणा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से संचालित है मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना
भारतीय पोस्टल बैंक खाता व स्वहस्ताक्षरित घोषणा पत्र भी होंगे अनुमन्य- मुख्य विकास अधिकारी
शहरी क्षेत्र में उप जिलाधिकारी एवं ग्रामीण क्षेत्र में खण्ड विकास अधिकारी करेंगे स्थलीय जांच व भौतिक सत्यापन- सीडीओ

बिजनौर। मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना वर्तमान में संचालित है। कन्या सुमंगला योजना छह श्रेणियों में लागू होगी। इसमें कुल रुपए 15 हजार की धनराशि लाभर्थी को 06 अलग-अलग श्रेणियों में निर्धारित समय में दी जायेगी। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा उक्त योजना के क्रियान्वयन में आ रही परेशानियों के दृष्टिगत कुछ संशोधन किये गये हैं।
उन्होंने बताया कि उक्त योजना का मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या को समाप्त करना, समान लैंगिक अनुपात स्थापित करना, बाल विवाह की कुप्रथा को रोकना, बालिकाओं के स्वास्थ्य व शिक्षा को प्रोत्साहन देना, बालिकाओं को स्वावलंबी बनाने में सहायता प्रदान करना, बालिका के जन्म के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना है। साथ साथ बेटी बचाओ बेटी पढाओ की अवधारणा सुदृढ़ होगी।
उन्होंने बताया कि संशोधित व्यवस्था के अन्तर्गत योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु राष्ट्रीयकृत बैंक/क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के साथ भारतीय पोस्टल बैंक के खाते भी अनुमन्य होंगे। आवेदक द्वारा शपथ पत्र के स्थान पर निर्धारित प्रारूप पर स्वहस्ताक्षरित घोषणा पत्र उपलब्ध कराया जायेगा। श्रेणी-1 से श्रेणी-6 तक सभी श्रेणियों के आवेदन पत्रों की पात्रता की स्थलीय जांच व भौतिक सत्यापन शहरी क्षेत्र में उप जिलाधिकारी एवं ग्रामीण क्षेत्र में खण्ड विकास अधिकारी द्वारा किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि कन्या सुमंगला योजना छःह श्रेणियों में लागू होगी। इस योजना के अन्तर्गत लाभार्थी का वर्गीकरण तथा उनके लिये धनराशि वितरण की श्रेणियां निर्धारित है। उन्होंने बताया कि प्रथम श्रेणी में बालिका के जन्म होने पर रुपए 2000 एक मुश्त, द्वितीय श्रेणी में बालिका के एक वर्ष तक के पूर्ण टीकाकरण के उपरान्त रुपए 1000 एक मुश्त, तृतीय श्रेणी में कक्षा प्रथम में बालिका के प्रवेश के उपरान्त रुपए 2000 एक मुश्त, चतुर्थ श्रेणी कक्षा छह में बालिका के प्रवेश के उपरान्त रुपए 2000 एक मुश्त, पंचम श्रेणी में कक्षा नौ में बालिका के प्रवेश के उपरान्त रुपए 3000 एकमुश्त, शष्टम श्रेणी (ऐसी बालिकाएं, जिन्होंने कक्षा 10वीं/ 12वी उत्तीर्ण करके स्नातक अथवा 02 वर्षीय या अधिक अवधि के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लिया हो, को रुपए 5000 एक मुश्त धनराशि वितरण की जाएगी।
उन्होंने बताया कि पात्रता हेतु लाभार्थी का परिवार उ०प्र० का निवासी हो तथा उसके पास स्थायी निवास प्रमाण पत्र हो, जिसमें राशन कार्ड/आधार कार्ड/वोटर पहचान पत्र/विद्युत/टेलीफोन का बिल मान्य होगा। लाभार्थी की पारिवारिक वार्षिक आय अधिकतम रुपए 3.00 लाख हो। किसी परिवार की अधिकतम दो ही बच्चियों को योजना का लाभ मिल सकेगा। लाभार्थी के परिवार का आकार (साईज), परिवार में अधिकतम दो बच्चे हों।
उन्होंने बताया कि किसी महिला को द्वितीय प्रसव से जुड़वा बच्चे होने पर तीसरी संतान के रूप में लड़की को भी लाभ अनुमन्य होगा। यदि किसी महिला को पहले प्रसव से बालिका है व द्वितीय प्रसव से दो जुड़वां बालिकाएं ही होती हैं, तो केवल ऐसी अवस्था में ही तीनों बालिकाओं को लाभ अनुमन्य होगा।
उन्होंने बताया कि यदि किसी परिवार ने अनाथ बालिका को गोद लिया हो तो परिवार की जैविक संतानों तथा विधिक रूप में गोद ली गयी संतानों को सम्मिलित करते हुए अधिकतम दो बालिकाएं इस योजना की लाभार्थी होंगी। पात्र लाभार्थी अपना आवेदन ऑनलाइन वेबसाइट http://www.mksy.up.gov.in किसी भी जनसेवा केन्द्र /जन सेवा केन्द्र सेन्टर से करा सकते हैं।
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