जलालपुर क्षेत्र में वन विभाग की भूमि पर बरसों से कब्जा जमाए बैठे थे वन गूजर
वन विभाग ने खदेड़ा था तमाम शिकायतों के बाद
वन गूजरों के पशु अब रौंद रहे हैं सदूपुरा के किसानों की फसल

बिजनौर। जलालपुर क्षेत्र में वन विभाग की भूमि पर बरसों से कब्जा जमाए बैठे वन गूजरों के पशुओं ने अब सदूपुरा के किसानों की फसलों को रौंदना शुरू कर दिया है। चौकी जाटान पुलिस से इस मामले की शिकायत की गई। इसके बावजूद स्थिति जस की तस है ? प्रशासन और पुलिस के तमाम अधिकारियों से शिकायत के बावजूद समस्या का कोई हल न निकलने के बाद अब मामला उत्तर प्रदेश के मुखिया के दरबार में पहुंचाने की तैयारी है।

बमुश्किल उधर से खदेड़े गए, अब इधर तांडव!
पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों से की गई शिकायत के अनुसार जलालपुर क्षेत्र में वन विभाग की भूमि पर बरसों से वन गूजरों के कब्जा जमाया हुआ था। उनके पशुओं ने वहां के किसानों की फसलों को खूब बर्बाद किया। बताया गया कि तमाम शिकायतों के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने उन्हें विभागीय भूमि से खदेड़ा। अब उनके पशुओं ने सदूपुरा के किसानों की फसलों को रौंदना शुरू कर दिया है।

महीने की शुरुआत में ही की गई थी जाटान पुलिस से शिकायत
माह मई के शुरुआती दिनों में भी सदूपुरा के किसानों के खेतों में घुस कर पशु उनकी फसलों को बर्बाद कर रहे थे। खेत मालिकों ने पशुओं के मालिकों को रोका तो उनके साथ गाली गलौच व मारपीट करने पर आमादा हो गए।

जाटान चौकी पुलिस को 08 मई 2024 को दी गई तहरीर में शिकायतकर्ताओं द्वारा बताया गया कि उन्हें न उनके नाम पता है न ही निवास स्थान। पता है तो सिर्फ इतना कि जलालपुर क्षेत्र से करीब दो माह पूर्व वन विभाग ने उन्हें विभागीय भूमि से खदेड़ा था। इसके बाद वन गूजर बताए जाने वाले उक्त लोगों ने सदूपुरा क्षेत्र के किसानों की भूमि में झोपड़ियां डाल दीं।

बताया गया कि जिन किसानों ने उन्हें पनाह दे रखी है, अगर उनसे शिकायत करते हैं कि इनके पशु हमारे खेत का नुकसान पहुंचा रहे हैं, तो वह इनसे कोई भी सम्बन्ध होने से इंकार कर देते हैं। साथ ही धमकाते भी हैं कि जो कार्यवाही करनी है, करो। आरोप यह भी है कि उक्त वन गुर्जर जान से मारने की धमकी भी देते हैं।
वन और पुलिस विभाग ने साधी चुप्पी ?
दरअसल अभी तक इस मामले में वन और पुलिस विभाग ने चुप्पी साध रखी है। किसी भी विभाग का अधिकारी, कर्मचारी खुलकर कुछ भी कहने को तैयार नहीं है। हालांकि कई कर्मचारी नाम न छापने की शर्त पर दबी जुबान में बताते हैं कि ये लोग अवैध रूप से जिला बिजनौर में रह रहे हैं। कुछ कहा नहीं जा सकता है कि ये घुसपैठिए हैं? अब ये काम तो पुलिस प्रशासन का है, कि इनकी जानकारी हासिल करें!
वहीं जाटान पुलिस चौकी प्रभारी का कहना है कि 08 मई को इस मामले में शिकायती पत्र प्राप्त हुआ था। प्रधान के समक्ष दोनों पक्षों में समझौता हो गया था। इसके बावजूद यदि कोई शिकायत मिलती है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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