अंकुश लगाने की प्रशासनिक मंशा धराशाई
कुख्यात S.S.I. के बल पर खुल्लमखुल्ला अवैध खनन और परिवहन
लखनऊ। पश्चिम उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर में S.S.I. के नाम से कुख्यात सूट बूट और टाई वाला सिंडिकेट प्रशासनिक मंशा पर भारी पड़ रहा है। अवैध खनन, परिवहन, ओवरलोडिंग पर अंकुश लगाने को डीएम की मंशा धराशाई हो गई है। कुल मिलाकर अवैध खनन और परिवहन पर अंकुश लगाने को डीएम अंकित कुमार अग्रवाल के सभी उप जिलाधिकारियों को दिए गए निर्देशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

गौरतलब है कि बिजनौर के जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने दो महीने पहले समीक्षा बैठक के दौरान सभी एसडीएम को निर्देश दिये थे कि जिले में अवैध खनन एवं परिवहन पर पूर्णत: अंकुश लगाया जाए। उन्होंने अंतर्राज्यीय अथवा अंतर्जनपदीय स्तर पर अवैध रूप से खनन का परिवहन करने वाले वाहनों पर समुचित रूप से नियंत्रण स्थापित करने के लिए गुजरने वाले संभावित मार्गों पर चेकिंग करने के कड़े निर्देश भी दिए और वहां पर आवागमन करने वाले वाहनों का रजिस्टर भी मेंटेन रखने को कहा। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों और पुलिस क्षेत्राधिकारियों को निर्धारित चेक प्वाइंट पर निरंतर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के लिए भी निर्देशित किया। इसके अलावा कर्मचारियों के साथ ज्वाइंट मीटिंग करने, उनके कार्यों की मॉनिटरिंग करने एवं अवैध खनन व परिवहन में पकड़े जाने वाले वाहनों का चालान कर लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश भी दिए थे।
इन सब के बावजूद जिला बिजनौर मुख्यालय से सटे गांव पृथ्वीपुर, मोलहड़पुर, जुड्डी आदि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मिट्टी का अवैध खनन किया जा रहा है। विश्वस्त सूत्रों का दावा है कि रोजाना दर्जनों ट्रैक्टर ट्रालियों, लोडर आदि वाहनों से खनन सामग्री कालिका मंदिर के पास नवनिर्मित कालोनियों में खपाई जा रही है। वहीं संबंधित विभाग के अधिकारियों की चुप्पी आम जनमानस को खल रही है। वैसे पाठकों के मन में कौतूहल तो जरूर होगा कि ये S.S.I. आखिर है कौन बला? दरअसल कुख्यात सूट बूट और टाई वाले सिंडिकेट की तिकड़ी को इस गोरखधंधे में शामिल लोगों ने ही यह नाम नवाजा है।
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