भगदड़ में महिलाओं और बच्चों समेत 15 लोग जख्मी
प्रयागराज में नजरबंद होने पर भड़के चंद्रशेखर के समर्थकों का उपद्रव
रावण के समर्थकों ने तोड़े पुलिस वाहन, फूंकी बाइक, पथराव
लखनऊ/प्रयागराज। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण के समर्थकों ने खुलकर उपद्रव मचाया। पुलिस द्वारा हाउस अरेस्ट करने के बाद उत्तेजित सैकड़ों समर्थकों ने पुलिस वाहनों समेत कई गाड़ियों में तोड़फोड़ के साथ पथराव किया। इस दौरान मची भगदड़ में महिलाओं और बच्चे व अन्य कई लोग जख्मी हो गए। इस पूरे तमाशे के दौरान चंद्रशेखर सर्किट हाउस में मीटिंग करते रहे। पुलिस ने एक दर्जन से अधिक उपद्रवियों को हिरासत में लिया है।

बताया गया कि आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण करछना इलाके में एक घटना के पीड़ित परिवार से मिलने के लिए प्रयागराज पहुंचे। उनके आने की सूचना पर सैकड़ों समर्थक भी एकत्र हो गए। कानून व्यवस्था का हवाला देकर पुलिस, पीड़ित परिवार से मिलने के पहले ही उन्हें सर्किट हाउस ले आई। हाउस अरेस्ट होने की खबर फैलते ही करछना इलाके में समर्थक बेकाबू हो गए।
वाहनों, आम नागरिकों पर बरसाए ईंट-पत्थर
पुलिस सूत्रों के अनुसार भडेवरा बाजार क्षेत्र में अचानक तोड़फोड़ और पथराव में राहगीर और अन्य लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कई निजी वाहन और बच्चे व अन्य लोग इसकी चपेट में आ गए। सड़क पर हंगामा कर रहे समर्थकों ने डायल 112 के वाहन पलट दिए, पुलिस की अन्य गाड़ियां तोड़ दीं और बसों पर पथराव कर दिया। बसों समेत प्राइवेट गाड़ियों को भी तोड़ा गया है। भडेवरा बाजार में भीड़ ने आम नागरिकों पर ईंट-पत्थर चलाए। इससे मची भगदड़ में कई महिलाओं और बच्चों समेत 15 लोग जख्मी हो गए। कई दुकानों पर पथराव कर शीशे तोड़े गए। लोग जान बचाकर इधर उधर भागते नजर आए। पुलिस ने लाठी भांजकर भीड़ को खदेड़ने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शन नहीं रुका।

बुलानी पड़ी कई थानों की पुलिस, पीएसी और आरएएफ
आखिरकार यमुनापार, नैनी, औद्योगिक क्षेत्र, करछना, घूरपुर, कौंधियारा, कीडगंज, बारा, मुट्ठीगंज थाने की फोर्स करछना पहुंच गई है। हालात काबू करने के लिए पीएसी और आरएएफ को भी मौके पर बुलाया गया। इस दौरान एक दर्जन से अधिक समर्थकों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।

मैं जेल जाने को तैयार, लेकिन पीड़ित को मिले न्याय
नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि वह केवल पीड़ितों से मिलने और उनका दर्द सुनने के लिए आए थे, न कि किसी प्रदर्शन के लिए। वे उनसे मिलकर जमीनी सच्चाई जानना चाहते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने 700 से 800 पुलिसकर्मियों को तैनात कर उन्हें रोक दिया। मैं जेल जाने को तैयार हूं, लेकिन पीड़ितों को न्याय मिलना चाहिए। अगर सरकार के पास छुपाने को कुछ नहीं है, तो मुझे रोका क्यों जा रहा है।
क्या था मामला : प्रयागराज के करछना थाना क्षेत्र के इसौटा लोहंगपुर गांव में 12 अप्रैल शनिवार को मजदूरी करने गए देवी शंकर (35) की हत्या कर दी गई थी। आरोप था कि हत्या के बाद उसका शव जला दिया गया था। पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया था। दलित युवक की हत्या के बाद सपा, कांग्रेस और बसपा ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए थे।
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