पर्यटन विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों की सरकारी धनराशि का दुरुपयोग
7 करोड़ के शासकीय धन के गबन का आरोपी इंजीनियर लखनऊ में गिरफ़्तार
लखनऊ। बहुचर्चित शासकीय धन गबन के मामले में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को बड़ी सफलता मिली है। बुधवार को राजकीय निर्माण निगम के अवर अभियंता (तत्समय उप अभियंता सिविल) जितेन्द्र सिंह को गिरफ्तार किया गया। राजधानी लखनऊ के निशातगंज स्थित निगम कार्यालय से जितेंद्र की गिरफ्तारी हुई। जितेन्द्र सिंह पर गाजीपुर जिले में पर्यटन विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों की सरकारी धनराशि के दुरुपयोग का गंभीर आरोप है।

गाजीपुर ज़िले के 5 स्थलों में होना था पर्यटन विकास और सौन्दर्यीकरण
जानकारी के अनुसार वर्ष 2012-13 में गाजीपुर ज़िले के भदौरा ब्लाक स्थित 5 स्थलों, परेमन शाह का तालाब, सेवराई चीरा का पोखरा, मां कामाख्या धाम गहमर, देवकली स्थल एवं कीनाराम स्थल देवल का चयन पर्यटन विकास और सौन्दर्यीकरण योजनाओं हेतु किया गया था। शासन द्वारा उ0प्र0 राजकीय निर्माण निगम यूनिट वाराणसी इकाई को कार्यदायी संस्था नियुक्त किया गया था। उस समय प्रदेश में सपा सरकार थी।

सरकार को लगभग 07 करोड़ रुपए की क्षति
कार्यदायी संस्था के अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों के द्वारा इन स्थलों का कार्य अपूर्ण रखा गया और मानक के अनुरूप कार्य नहीं किया गया। इससे सरकार को लगभग 07 करोड़ रुपए की शासकीय धन की क्षति हुई। मामले में जॉइंट डायरेक्टर पर्यटन वाराणसी अविनाश चंद्र मिश्रा द्वारा गाजीपुर जिले के थाना गहमर पर कार्यदायी संस्था एवं ठेकेदारों समेत कुल 26 अभियुक्तों के विरुद्ध शासकीय धन गबन किये जाने का अभियोग पंजीकृत कराया गया था। इसमें मांडा, प्रयागराज निवासी अभियुक्त इंजीनियर जितेंद्र सिंह वांछित था। बताया गया है कि अभियुक्त के द्वारा कुल 32 अग्रिम भुगतान विभिन्न फर्मो को विभिन्न तिथियों में कुल धनराशि 2,41,07,499 रुपए (02 करोड़ 41 लाख 07 हजार, 499 रुपए) का किया गया। इस प्रकरण में अब तक 14 अभियुक्तों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय को प्रेषित किया जा चुका है।
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