कृषि विभाग ने किसानों को सुझाए बचाव के उपाय
गन्ने की फसल को लाल सड़न रोग से बचाएं किसान
बिजनौर। जिले में किसानों को गन्ने की फसल में फैल रहे लाल सड़न रोग (Red Rot) के प्रकोप से बचाने के लिए एक एडवाइजरी जारी की गई है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को इस बीमारी से बचाव के उपाय सुझाए हैं।
क्या है लाल सड़न रोग?
लाल सड़न रोग गन्ने की फसल को भारी नुकसान पहुँचाता है। इस रोग से प्रभावित पौधों की पत्तियों पर लाल धब्बे दिखाई देने लगते हैं और धीरे-धीरे पत्तियाँ पीली होकर सूख जाती हैं। अगर प्रभावित गन्ने को बीच से काटा जाए तो अंदर का हिस्सा लाल दिखाई देता है और उसमें से अल्कोहल जैसी तेज गंध आती है।
रोग पर नियंत्रण कैसे करें?
कृषि विभाग ने किसानों को इस रोग से निपटने के लिए निम्नलिखित सलाह दी है:
1. बीमार पौधों को हटाएँ: सबसे पहले, रोग से ग्रसित पौधों को पहचानकर उन्हें उखाड़ लें और उन्हें खेत से दूर किसी गहरे गड्ढे में दबा दें।
2. मिट्टी का उपचार करें: जिस जगह से पौधा उखाड़ा गया है, वहाँ की मिट्टी में ब्लीचिंग पाउडर छिड़कें ताकि संक्रमण आगे न फैले।
3. रासायनिक छिड़काव: किसान एजोक्सीस्ट्रोबिन 11% + टेबुकोनाजोल 18.3% SC का 1 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी की दर से छिड़काव कर सकते हैं। इसके अलावा, थायोफिनेट मिथाइल 70% की 500 ग्राम मात्रा प्रति एकड़ के हिसाब से भी इस्तेमाल की जा सकती है।

कृषि विभाग से कैसे संपर्क करें?
अगर किसानों को अपनी फसल में किसी भी तरह की कीट या रोग से जुड़ी समस्या है, तो वे कृषि विभाग से सीधे मदद ले सकते हैं। इसके लिए, किसान अपना पंजीकरण नंबर या नाम, गाँव, विकास खंड और जिले का नाम लिखकर समस्या की फोटो के साथ 9452247111 और 9452257111 नंबरों पर SMS या WhatsApp कर सकते हैं। विभाग 48 घंटे के भीतर उनकी समस्या का समाधान देगा।
यह भी रखें ध्यान….
1. गन्ने की नई किस्मों पर दें ध्यान: गन्ना अनुसंधान संस्थानों ने रोग-प्रतिरोधी नई किस्में विकसित की हैं। किसानों को इन किस्मों के बारे में जानकारी लेनी चाहिए।
2. अपनाएँ फसल चक्र : खेत में बार-बार गन्ना लगाने से बचें। बीच-बीच में दूसरी फसलें लगाने से मिट्टी की सेहत अच्छी रहती है और रोगों का प्रकोप कम होता है।
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