उल्लेखनीय योगदान और प्रतिबद्धता के लिए मिला सम्मान
यूपी पर्यटन विभाग के स्टॉल पर वीआर-एआर और ओडीओपी का जलवा, स्टॉल में गंगा आरती और इको टूरिज्म की झलक
बिजनेस-फ्रेंडली माहौल, उ0प्र0 पर्यटन नीति-2022 और विकसित यूपी@2047 की दिखी झलक
‘यूपी नहीं देखा तो इंडिया नहीं देखा’ के स्लोगन को किया चरितार्थ, मोह लिया दर्शकों का मन
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 में उत्तर प्रदेश पर्यटन की धमक
यूपीआईटीएस 2025 में निवेश और नवाचार का दिखा संगम, यूपी पर्यटन स्टॉल ने किया मंत्रमुग्ध- जयवीर सिंह

लखनऊ, (30 सितंबर 2025)। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2025 का तीसरा संस्करण उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के लिए यादगार रहा। ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित व्यापार मेले में ‘उल्लेखनीय योगदान और प्रतिबद्धता’ के लिए पर्यटन विभाग को सम्मानित किया गया। आयोजन में प्रदेश सरकार की बिज़नेस-फ्रेंडली नीतियों, उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति-2022 और विकसित यूपी@2047 की स्पष्ट झलक देखने को मिली। व्यापार मेले के समापन तक करीब 5.15 लाख आगंतुक आयोजन का हिस्सा बने। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया, यूपीआईटीएस ने प्रदेश में पर्यटन संभावनाओं के नए द्वार खोले हैं।

पर्यटन मंत्री ने बताया कि ‘यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025’ के हॉल नंबर-07 में स्थित स्टॉल नंबर-12 दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। स्टॉल पर आने वाले आगंतुकों को ऐसा अनुभव मिला मानो वे किसी प्रदर्शनी में नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की पावन धरती पर पहुंच गए हों। पर्यटन मंत्री के अनुसार, स्टॉल के जरिए न केवल उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों को बढ़ावा दिया गया, बल्कि राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। ट्रेड शो ने एक ओर जहां युवाओं और पर्यटकों को आकर्षित किया, वहीं दूसरी ओर प्रदेश में निवेश के नए अवसर भी प्रदान किए।

मनपसंद पर्यटन स्थल और तकनीक का संगम
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 में सेमिनार, पैनल डिस्कशन, पुरस्कार समारोह, बीटूबी मीटिंग और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मंच को नवाचार और परंपरा का संगम बना दिया। वर्चुअल रियलिटी (वीआर) और ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर) तकनीक ने बच्चों और युवाओं को खूब लुभाया। यूपी पर्यटन के स्टॉल पर एआर फोटो बूथ पर प्रदेश के अपनी पसंद के मंदिर या पर्यटन स्थल चुनकर उसके साथ डिजिटल फोटो खिंचवाया। ऐसे लोग जो कभी उत्तर प्रदेश नहीं आए, उन्हें यह प्रयोग आकर्षित किया। एआर फोटो बूथ पर सेल्फी लेने वालों की भीड़ लगी रही।

नवाचार से ‘गंगा पार’
उत्तर प्रदेश पर्यटन के स्टॉल ने आगंतुकों को काशी, अयोध्या और बुद्ध सर्किट की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराया। स्टॉल में वाराणसी के घाटों की झलक, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, अयोध्या राम मंदिर और बुद्ध सर्किट को भव्य रूप से प्रदर्शित किया गया। स्टॉल के पिलर पर ललिता देवी मंदिर को उकेरा गया, जबकि प्रवेश द्वार को काशी की गंगा आरती से प्रेरित कर डिजाइन किया गया। आगंतुकों के लिए वीआर अनुभव की व्यवस्था की गई, जिससे ऐसा आभास हुआ मानो वे गंगा की लहरों पर नाव में सवार होकर ऐतिहासिक नगरी वाराणसी की यात्रा कर रहे हों।

‘यूपी नहीं देखा तो इंडिया नहीं देखा’
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के स्टॉल पर स्टोरीटेलिंग ने आगंतुकों को विशेष रूप से आकर्षित किया। किस्सों-कहानियों के माध्यम से पर्यटकों ने प्रदेश के विविध पर्यटन स्थलों की जानकारी पाई। कार्यक्रम में प्रस्तुत कहानियों ने आगंतुकों को यह संदेश दिया कि ‘यूपी नहीं देखा तो इंडिया नहीं देखा’। खासतौर पर युवाओं ने इस पहल को सराहा और उत्तर प्रदेश के पर्यटन स्थलों के बारे में गहरी रुचि दिखाई। स्टोरीटेलिंग जैसे नवाचारपूर्ण प्रयोग से युवाओं और पर्यटकों में राज्य की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहर को जानने की उत्सुकता बढ़ी।

इको टूरिज्म गंतव्यों ने आकर्षित किया
उत्तर प्रदेश में इको टूरिज्म की बढ़ती धमक ने भी पर्यटन के शौकीनों के कदम रोक दिए। हर आयु वर्ग के लोगों ने इको टूरिज्म से जुड़े गंतव्यों में रुचि दिखाई। प्रोजेक्शन रूम में प्रदर्शित वीडियो और प्लाज्मा स्क्रीन पर दिखाई गई जैव विविधता तथा टाइगर रिजर्व से जुड़ी यात्राओं के दृश्य ने लोगों को मंत्रमुग्ध किया। दुधवा, नैमिषारण्य, चूका बीच के नजारों को देखकर आगंतुकों ने यूपी के इको पर्यटन स्थल की यात्रा का वादा किया।

‘हाथी’ और ‘उल्लू’ ने रिझाया
स्टॉल पर’एक जिला, एक उत्पाद’ (ओडीओपी) के तहत अलीगढ़ के पारंपरिक ताले दर्शकों को विशेष रूप से लुभाते रहे, जिनमें हाथी और उल्लू आकार के अनूठे ताले आकर्षण का केंद्र बने। इसी क्रम में खुर्जा की रंग-बिरंगी पॉटरी, आगरा का मशहूर पेठा, मथुरा का स्वादिष्ट पेड़ा, सहारनपुर की लकड़ी पर बारीक नक्काशी, कन्नौज का शाही इत्र, भदोही के हस्तनिर्मित कालीन और वाराणसी की सुंदर सिल्क साड़ियों ने आगंतुकों को आकर्षित किया। आगंतुकों को उत्पाद बनने की प्रक्रिया को विस्तार से बताया गया, जो रोमांचक रहा।

विविधताओं से भरा यूपी पर्यटन का स्टॉल
विविधताओं से सराबोर उत्तर प्रदेश पर्यटन के स्टॉल पर संस्कृति, लोक नृत्य, स्वादिष्ट व्यंजन, हस्तकला और चिकनकारी जैसी समृद्ध परंपराओं की झलक ने आगंतुकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक पकवानों के लाजवाब स्वाद ने हर आयु वर्ग के लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया। कत्थक, बुंदेलखंडी लोक नृत्य और राधा-कृष्ण की मनोहारी प्रस्तुतियों ने माहौल को भावपूर्ण बना दिया, वहीं युवाओं ने भी उत्साहपूर्वक नृत्यों में भाग लेकर कार्यक्रम को जीवंत कर दिया।

निवेशकों ने दिखाई रुचि
मंडप में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) और निवेश अनुभाग ने आगंतुकों का विशेष ध्यान खींचा। करीब 200 इच्छुक निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने पर्यटन अवसंरचना, संयुक्त उपक्रमों और नवोन्मेषी परियोजनाओं में रुचि दिखाई। स्कूलों और युवाओं ने भी सतत पर्यटन से जुड़े अभियानों में सहयोग का प्रस्ताव रखा।


उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि ‘यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 (यूपीआईटीएस)’ में उत्तर प्रदेश पर्यटन का स्टॉल सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र रहा। विभाग का उद्देश्य यह है कि बच्चे पाठ्य पुस्तकों की सीमाओं से आगे बढ़कर अपनी संस्कृति, परंपरा और समृद्ध विरासत को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव करें। ऐसे आयोजन न केवल पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि निवेश के नए अवसर भी खोलते हैं।’
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