शिकायत पर डीएम के आदेश भी बौने साबित
जल निकासी के अभाव में किसान की फसल और जमीन खतरे में
नजीबाबाद प्रशासन और विभाग पर दबाव डाल रहे कथित किसान नेता!
पुलिस की मौजूदगी में दबंगों ने रुकवा दिया काम!
बिजनौर: नजीबाबाद तहसील के गाँव विजयपुर में जल निकासी की गंभीर समस्या ने किसान दिनेश कुमार की आजीविका पर संकट खड़ा कर दिया है। उचित जल निकासी व्यवस्था न होने के कारण गाँव का सारा घरेलू और बरसाती पानी किसान के खेत में जमा हो रहा है, जिससे उनकी खड़ी फसल बर्बाद हो रही है और जमीन का कटाव हो रहा है। आरोप है कि किसानों की एक यूनियन से जुड़े कुछ दबंग नजीबाबाद प्रशासन और विभाग पर दबाव डाल रहे हैं। यहां तक कि जैसे तैसे बुधवार को पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार, लेवर आदि जेसीबी मशीन लेकर मौके पर पहुंचे लेकिन दबंगों ने काम होने नहीं दिया। आश्चर्य की बात ये है कि मौके पर खड़ी पुलिस मूकदर्शक बनी खड़ी रही। वैसे 11 सितंबर 2025 को जिलाधिकारी से भी लिखित शिकायत की जा चुकी है।

बताया गया है पूर्व प्रधान अजीत सिंह व उनका रिश्तेदार बलराम सिंह एक किसान यूनियन से जुड़े हुए हैं। आरोप है कि उक्त दबंगों के दबाव के चलते ही तहसील प्रशासन और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी तक सहमे हुए हैं। हालांकि किसान नेता चौधरी दिगंबर सिंह को भी अवगत कराया जा चुका है, इसके बावजूद समस्या का हल निकलता दिखाई नहीं दे रहा!
खतरे में किसान की भूमि और फसल
गाँव गिरदावा साहनपुर और विजयपुर की आबादी के पास जमीन रखने वाले किसान दिनेश कुमार ने जिलाधिकारी जसजीत कौर को लिखित तौर पर इस समस्या की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विजयपुर गाँव का मुख्य रास्ता उनकी निजी भूमि (संक्रमणीय भूमि) से होकर गुजरता है। गाँव के रास्ते से बहकर आने वाला गंदा और बरसाती पानी सीधा उनके खेत में भर जाता है।

दोहरा नुकसान: फसल डूब रही, जमीन कट रही
दिनेश कुमार के अनुसार, खेत में पानी जमा होने से खड़ी फसल लगातार पानी में डूबी रहती है, जिसके कारण वह सूख रही है और पूरी तरह नष्ट होने के कगार पर है। एक तरफ जहाँ फसल बर्बाद हो रही है, वहीं दूसरी तरफ पानी के लगातार बहाव और जमाव के कारण उनकी उपजाऊ जमीन का भी तेजी से कटाव हो रहा है। इस दोहरे नुकसान से किसान को भारी आर्थिक क्षति हो रही है।

पीडब्ल्यूडी से पाइप डालने की अपील
किसान दिनेश कुमार ने इस गंभीर समस्या के संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया और लोक निर्माण विभाग (PWD) से तत्काल समाधान की गुहार लगाई। उन्होंने अपनी शिकायत में विशेष रूप से यह अनुरोध किया कि पीडब्ल्यूडी द्वारा निर्माणाधीन सीसी रोड (कंक्रीट सड़क) के निर्माण कार्य को शुरू करने से पहले जल निकासी के लिए उचित आकार के पाइप डलवाए जाएं। किसान का मानना है कि सड़क के नीचे पाइप डालने से पानी को उनके खेत में जमा होने से रोका जा सकेगा, जिससे उनकी फसल और जमीन दोनों को बचाया जा सकेगा।दिनेश कुमार ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन उनकी इस गंभीर समस्या पर तुरंत ध्यान देगा और किसानों के हितों को देखते हुए जल्द ही उचित और प्रभावी कार्रवाई करेगा, ताकि उन्हें और उनकी जमीन को हो रहे लगातार नुकसान से बचाया जा सके।
यह समस्या केवल दिनेश कुमार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र में कृषि भूमि के संरक्षण और किसानों की आजीविका से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जिसपर स्थानीय प्रशासन को ध्यान देने की आवश्यकता है।
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