💡भगवंत प्रौद्योगिकी संस्थान में ‘भारत: 1925 से 2025’ विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला का भव्य आयोजन
विशेषज्ञों ने राष्ट्र निर्माण और आत्मनिर्भरता पर किया मंथन
भारत की शताब्दी यात्रा: संस्कृति और चेतना का महाकुंभ!
~ भूपेंद्र निरंकारी
बिजनौर/मुजफ्फरनगर, (8 दिसम्बर 2025)। भगवंत प्रौद्योगिकी संस्थान (BIT) में सोमवार को “भारत : 1925 से 2025 — संस्कृति एवं चेतना की सतत यात्रा” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया।

संस्थान के विवेकानंद ऑडिटोरियम में आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में देश की सांस्कृतिक निरंतरता, राष्ट्रनिर्माण, और आत्मनिर्भरता के विविध आयामों पर देश भर के विशेषज्ञों ने विस्तारपूर्वक चर्चा की।

उद्घाटन और मुख्य वक्ता 🎤
कार्यशाला का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र में भगवंत ग्रुप के चेयरमैन डॉ. अनिल सिंह और वाइस चेयरपर्सन डॉ. आशा सिंह उपस्थित रहीं। इस सत्र को प्रो. प्रकाश सिंह (कुलपति, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय), प्रो. सचिन माहेश्वरी (कुलपति, गुरु जम्बेश्वर विश्वविद्यालय) तथा वक्ता प्रफुल्ल केतकर और प्रज्ञा प्रवाह के क्षेत्र संयोजक भगवती प्रसाद राघव जैसे गणमान्य अतिथियों ने संबोधित किया। संस्थान के निदेशक डॉ. अनुराग विजय अग्रवाल, सह-निदेशक डॉ. पुष्पनिल वर्मा, और सीए दुष्यन्त कुमार ने भी मंच की शोभा बढ़ाई।

शताब्दी यात्रा और गहन विमर्श 🇮🇳
सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चली इस ज्ञानवर्धक कार्यशाला का केंद्रीय विषय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना (1925) से लेकर आधुनिक आत्मनिर्भर भारत एवं विश्व गुरु भारत की दिशा में चल रही प्रगतिशील यात्रा पर विचार करना था। कार्यक्रम को भारतीय प्रज्ञान परिषद द्वारा बौद्धिक सहयोग प्रदान किया गया।कार्यशाला में जिन महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे, उनमें शामिल थे:

1. स्व से स्वतंत्रता की अवधारणा
2. स्व का बोध
3. पंच परिवर्तन (कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, स्वदेशी, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य)
4. समसामयिक विमर्श
5. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020)
6. भारत का संविधान एवं संविधान समिति के विचार-विमर्शज्ञान और चेतना का संचार
✨यह आयोजन छात्रों, शिक्षकों एवं समाज के सजग नागरिकों के लिए भारतीय संस्कृति, सभ्यता एवं राष्ट्र चेतना को समझने और उसे जीवन में आत्मसात करने का एक उत्कृष्ट अवसर सिद्ध हुआ। विशेषज्ञों के विचारों ने सभागार में उपस्थित सभी लोगों को भारत की गौरवशाली यात्रा से जोड़ा।

कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. अजय सिंह (डीन), डॉ. आदित्य शर्मा (उप रजिस्ट्रार), डॉ. ए.के. शर्मा (प्राचार्य BAMS), डॉ. विजय डी. (प्राचार्य नर्सिंग), डॉ. सचिन सिंगल (प्राचार्य फार्मेसी), डॉ. कावेंद्र यादव, इं. निकुल चौधरी, गौरव राजपूत, दिव्य सिंह सहित अनेक सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

यह कार्यशाला संस्थान और क्षेत्र के लिए ज्ञान, संस्कृति और राष्ट्र चेतना को नई दिशा देने वाला एक मील का पत्थर साबित हुआ।
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