भारत से पहले कई देशों में भी लागू है सेना में “टूर ऑफ ड्यूटी” सिस्टम, अग्निवीरों के लिए CAPFs और असम राइफल्स में भर्ती के लिए आरक्षण

भारत से पहले निम्नलिखित देशों में भी लागू है – सेना में “टूर ऑफ ड्यूटी” सिस्टम, लेकिन इन देशों में अनिवार्य है, भारत में इसे स्वेच्छिक रखा गया है

अग्निवीरों के लिए CAPFs और असम राइफल्स में भर्ती के लिए आरक्षण

नई दिल्ली: अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) के तहत भर्ती होने वाले युवाओं की अधिकतम उम्र की सीमा को 21 साल से बढ़ाकर 23 वर्ष करने के फैसले के एक दिन बाद केंद्र सरकार ने शनिवार को एक और बड़ा एलान किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (HMO India) ने अपने नए आदेश में अग्निवीरों के लिए CAPFs और असम राइफल्स में भर्ती के लिए 10% रिक्तियों को आरक्षित करने का निर्णय लिया है। दो बलों में भर्ती के लिए अग्निवीरों को ऊपरी आयु सीमा से 3 वर्ष की छूट दी गई। अग्निवीर के पहले बैच के लिए आयु में अधिकतम आयु सीमा से 5 वर्ष की छूट होगी। गृह मंत्रालय ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।

इजरायल : टूर ऑफ ड्यूटी के मामले में इजरायल सबसे सख्त देश है, यहां इजरायली रक्षा बल में पुरुषों को तीन साल और महिलाओं को दो साल अनिवार्य सेवा देनी होती है. कुछ धार्मिक और स्वास्थ्य के आधार पर तथा गर्भवती महिलाओं को इससे छूट दी जाती है. इसे सेवा और सम्मान का जरिया माना जाता है.

चीन : चीन में आम नागरिकों को जबरन सेना में भर्ती किया जाता है. चीन में हर नागरिक के लिए 18 से 22 वर्ष की आयु के बीच दो साल की सैन्य सेवाएं देना अनिवार्य हैं. यानी चीन का कोई युवा चाहता हो या ना चाहता हो, उसे सेना में भर्ती होना ही पड़ता है. चीन की सेना में करीब 35 प्रतिशत ऐसे युवा हैं, जिन्हें मजबूर करके सैनिक बनाया जाता है.

नार्वे : नार्वे में सभी पुरुषों और महिलाओं के लिए टूर ऑफ ड्यूटी अनिवार्य है. यहां 19 से 44 साल की उम्र के बीच कभी भी पंजीकरण कराया जा सकता है. महिलाओं के लिए ये नियम 2016 में अनिवार्य किया गया, ताकि उन्हें भी पुरुषों के बराबर हक मिल सके.

स्विटजरलैंड : यहां पर 18 से 34 साल तक युवाओं के लिए सेना में ड्यूटी देना अनिवार्य है, इसके लिए इन्हें 21 सप्ताह की बेसिक ट्रेनिंग दी जाती है. महिलाओं के लिए ये अनिवार्य नहीं है, यह उनकी स्वेच्छा पर निर्भर करता है.

तुर्की : यहां वे युवा जो 20 साल से ज्यादा उम्र के हैं उनके लिए मिलिट्री सर्विस अनिवार्य है. यहां उन लोगों को छूट मिल सकती है जो तीन साल या उससे अधिक समय से विदेश में हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें एक निश्चित राशि अदा करनी होती है. महिलाओं के लिए ये नियम अनिवार्य नहीं है.

ब्राज़ील : ब्राजील में 18 से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए टूर ऑफ ड्यूटी अनिवार्य है. इसकी समय सीमा 10 से 12 माह के लिए होती है. यहां थोड़े समय के लिए भी सेना ज्वाइन करने वालों का मेडिकल टेस्ट होता है, ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर इन्हें परमानेंट किया जा सके.

उत्तर कोरिया : विश्व के लिए सनसनी बनने वाले उत्तर कोरिया में भी टूर ऑफ ड्यूटी अनिवार्य है, खास बात ये है कि यहां पर पुरुषों को तीनों सेनाओं में ड्यूटी करनी पड़ती है, इसके लिए 23 माह नेवी में, 24 माह वायुसेना में और 21 माह थल सेना में काम करना पड़ता है.

दक्षिण कोरिया : उत्तर कोरिया की तरह ही यहां पर भी तीनों सेनाओं में टूर ऑफ ड्यूटी करना अनिवार्य है, इसमें नौसेना में 23 माह, थल सेना में 21 माह और वायुसेना में 24 माह सर्विस देनी होती है.

रूस : रूस में 18 से 27 साल की उम्र के बीच में कभी भी टूर ऑफ ड्यूटी की जा सकती है, कम से कम 12 माह सैन्य सेवा करना अनिवार्य है.

यूक्रेन: यूक्रेन में भी युवाओं के लिए सैन्य सेवा अनिवार्य है, हालांकि इसके लिए कोई उम्र और न्यूनतम सीमा तय नहीं है, हालिया युद्ध में टूर ऑफ ड्यूटी के तहत कई लोगों ने हथियार उठाकर युद्ध में हिस्सा लिया और रूस जैसे ताकतवर देश को टक्कर देने में सफल रहे.

इसके अलावा ग्रीस में 19 वर्ष की उम्र वाले युवकों को कम से कम 9 माह, ईरान में 24 माह टूर ऑफ ड्यूटी करनी होती है. (एजेंसियां)

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